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Hathras News: नहरों और रजबहों में डाल रहे घरों-फैक्टरियों का गंदा पानी, 500 लोगों को जारी किए नोटिस

Mon, 14 Jul 2025 01:05 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस
अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस Published by: अलीगढ़ ब्यूरो Updated Mon, 14 Jul 2025 01:05 AM IST
सार

सिंचाई के लिए इनके पानी का इस्तेमाल होता है, लेकिन अक्सर ग्रामीण इनमें नहाते रहते हैं। स्नान पर्वों पर तो बड़ी संख्या में लोग नहरों पर नहाने के लिए पहुंच जाते हैं। शहर के चिकित्सक भरत यादव ने बताया कि दूषित पानी में नहाने से कई प्रकार की स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं हो जाती हैं।

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Dirty water from houses and factories is being dumped in canals
नवीपुर बंबा में जाता गंदा पानी - फोटो : संवाद

विस्तार

आबादी के पास से गुजर रही नहरों और रजबहों में घरों व फैक्टरियों का गंदा पानी डाला जा रहा है। ऐसा करने वाले 500 लोगों को सिंचाई विभाग पिछले छह माह में नोटिस जारी कर चुका है। अब विभाग सख्त कार्रवाई की तैयारी कर रहा है। नगर निकायों के अधिशासी अधिकारियों (ईओ) और खंड विकास अधिकारियों (बीडीओ) को भी पत्र लिखे गए हैं।

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हाथरस जिले से होकर चार सिंचाई खंडों के नहर और रजबहे गुजर रहे हैं, जिनकी लंबाई 639.980 किलोमीटर है। सिंचाई विभाग के अनुसार हाथरस शहर में ही आगरा रोड से होकर गुजरने वाले रजबहे में कई कॉलोनियों और फैक्टरियों का गंदा पानी डाला जा रहा है। कुछ गांवों में पोखर का पानी पाइप लाइन के जरिये रजबहों में डाल दिया गया है तो कुछ स्थानों पर गांवों की नालियों का पानी रजबहों में डाला जा रहा है। यही हाल मथुरा रोड पर स्थित नहर का है। यहां संचालित कई फैक्टरियों का दूषित पानी नहर में जा रहा है, इसके बाद वह रजबहों के पानी को भी दूषित कर रहा है।
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कई बार संबंधित नगर निकायों के अधिकारियों को बस्तियों का रजबहों डालने से रोकने के लिए पत्र लिखे गए हैं, लेकिन इसके बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की और गंदा पानी रजबहों व नहरों में डाला जा रहा है। 20 साल पूर्व तक ग्रामीण इलाकों में हैंडपंपों के पानी का इस्तेमाल किया जाता था, इससे पानी की निकासी कम होती थी, अब सब मर्सेबल पंप का इस्तेमाल किया जाता है, जिससे पानी की अधिक निकासी होती है और पोखर व तालाब जल्द ओवर फ्लो हो जाते हैं। इसका पानी बस्तियों के पास से गुजर रहे रजबहों में डाल दिया जाता है।
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रजबहे और नहरों के पानी में नहाने से त्वचा संक्रमण के शिकार हो रहे लोग
सिंचाई के लिए इनके पानी का इस्तेमाल होता है, लेकिन अक्सर ग्रामीण इनमें नहाते रहते हैं। स्नान पर्वों पर तो बड़ी संख्या में लोग नहरों पर नहाने के लिए पहुंच जाते हैं। शहर के चिकित्सक भरत यादव ने बताया कि दूषित पानी में नहाने से कई प्रकार की स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं हो जाती हैं। प्रमख रूप से त्वचा में संक्रमण, खुजली जैसे रोग हो जाते हैं। कुछ लोगों को एलर्जी की समस्या भी हो जाती है।

जिले में से गुजरने वाले रजवाहों और नहरों में गंदा पानी छोड़ने पर करीब 500 नोटिस जारी किए गए हैं। नगर निकायों व खंड विकास कार्यालयों को भी पत्र लिखे गए। अब इस मामले में जल्द सख्त कार्रवाई की जाएगी। अब इस संबंध में जल्द ही सख्त कार्रवाई की जाएगी।-चंद्रमौली द्विवेदी, अधिशासी अभियंता, सिंचाई खंड हाथरस

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