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डीआईजी को अपडेट नहीं मिला रिकॉर्ड
ब्यूरो/अमर उजाला, हाथरस
Updated Sat, 23 Apr 2016 12:38 AM IST
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डीअाआईजी हाथ्ारस में
- फोटो : अमर उजाला
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हाथरस। डीआईजी गोविंद अग्रवाल ने शुक्रवार को वार्षिक निरीक्षण में पुलिस लाइन और सदर कोतवाली का हाल देखा। इस दौरान डीआईजी ने परेड, मालखाना, असलहा, कंप्यूटर कक्ष, रिकॉर्ड रूम, कार्यालय आदि का बारीकी से निरीक्षण किया। निरीक्षण के बाद उन्होंने पत्रकारों को बताया कि रिकॉर्ड अपडेट नहीं है।
रिकॉर्ड्स को अपडेट करने के लिए अगले हफ्ते सभी थानों के मुंशियों के लिए प्रतियोगिता का आयोजन किया जाएगा। सबसे पहले रिकॉर्ड्स को अपडेट करने वाले मुंशी और हैड मोहर्रिर को इनाम दिया जाएगा।
डीआईजी सुबह सात बजे ही पुलिस लाइन पहुंच गए थे और दोपहर तक निरीक्षण में जुटे रहे। सदर कोतवाली में उनका निरीक्षण दोपहर ढाई बजे से था लेकिन वह ढाई घंटे पहले ही कोतवाली आ गए, जिससे वहां मौजूद पुलिस अधिकारी अवाक रह गए और यहां आला अधिकारी को सलामी भी नहीं दी जा सकी। डीआईजी ने कोतवाली में साफ-सफाई पर संतुष्टि जाहिर की और हैड मोहर्रिर शेर सिंह को रिकॉर्ड्स के बेहतर रखरखाव के लिए रिवार्ड देने का ऐलान किया।
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डीआईजी ने पुलिस लाइन में आयोजित प्रेसवार्ता में कहा कि थाने में मुंशियों पर काम का बोझ बढ़ता जा रहा है। पहले जहां थाने में मुंशी को 56 तरह के रजिस्टर मेंटेन करने होते थे, वहीं अब इन रजिस्टरों की संख्या 76 है। डीआईजी ने सभी थानाध्यक्षों को निर्देशित करते हुए कहा कि हर थानाध्यक्ष रोज दो से तीन रजिस्टर का निरीक्षण करें, जिससे महीने में सभी रजिस्टरों में रिकॉर्ड्स को अपडेट किया जा सके।
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रिकॉर्ड्स को अपडेट करने के लिए अगले हफ्ते सभी थानों के मुंशियों के लिए प्रतियोगिता का आयोजन किया जाएगा। सबसे पहले रिकॉर्ड्स को अपडेट करने वाले मुंशी और हैड मोहर्रिर को इनाम दिया जाएगा।
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डीआईजी सुबह सात बजे ही पुलिस लाइन पहुंच गए थे और दोपहर तक निरीक्षण में जुटे रहे। सदर कोतवाली में उनका निरीक्षण दोपहर ढाई बजे से था लेकिन वह ढाई घंटे पहले ही कोतवाली आ गए, जिससे वहां मौजूद पुलिस अधिकारी अवाक रह गए और यहां आला अधिकारी को सलामी भी नहीं दी जा सकी। डीआईजी ने कोतवाली में साफ-सफाई पर संतुष्टि जाहिर की और हैड मोहर्रिर शेर सिंह को रिकॉर्ड्स के बेहतर रखरखाव के लिए रिवार्ड देने का ऐलान किया।
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डीआईजी ने पुलिस लाइन में आयोजित प्रेसवार्ता में कहा कि थाने में मुंशियों पर काम का बोझ बढ़ता जा रहा है। पहले जहां थाने में मुंशी को 56 तरह के रजिस्टर मेंटेन करने होते थे, वहीं अब इन रजिस्टरों की संख्या 76 है। डीआईजी ने सभी थानाध्यक्षों को निर्देशित करते हुए कहा कि हर थानाध्यक्ष रोज दो से तीन रजिस्टर का निरीक्षण करें, जिससे महीने में सभी रजिस्टरों में रिकॉर्ड्स को अपडेट किया जा सके।