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फसल बर्बाद, किसान की हार्ट अटैक से मौत
अमर उजाला, हाथ्ारस
Updated Thu, 11 Aug 2016 12:04 AM IST
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मुरसान ब्लॉक के गांव विशुनदास के 38 वर्षीय किसान शंभू पुत्र हरप्रसाद की हृदय गति रुकने से मौत हो गई। परिजन ह्रदयघात की वजह 10 बीघा में लगी उसकी बाजरे की फसल सड़कर बर्बाद होने को बता रहे हैं। इससे जिला प्रशासन ने अनभिज्ञता जताई है। डीएम को इस बारे में अवगत कराने पर उन्हाेंने अधिकारियाें से इसकी जांच कराने की बात कही है।
शंभू ने जायद सीजन में 10 बीघा भूमि में बाजरा लगाया था। परिजन कहते हैं कि इस बाजरे की फसल से उसे काफी उम्मीद थी। पिछले दो साल से सूखा, तेज बारिश और ओलावृष्टि से शंभू को काफी नुक्सान हो रहा था। जिससे वह कर्ज के जाल में उलझ गया था। उसे उम्मीद थी कि इस बार वह बाजरे की फसल से तमाम कर्ज चुका देगा।
परिजनों की मानें तो पिछले दिनों मूसलाधार बारिश होने के कारण बाजरे की फसल को भी काफी नुक्सान पहुंचा। वह जब भी बाजरे की गहाई कराने का प्रयास करता, बारिश हो जाती। फसल खराब होने से बाजार में उचित भाव भी नहीं मिला। इससे वह परेशान रहने लगा। बुधवार को अचानक उसे घबराहट महूस हुई और कुछ देर बाद दम तोड़ दिया।
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डॉॅक्टरों ने मृत्यु का कारण हृदय गति रुकना बताया है। ग्रामीणाें ने प्रशासनिक अधिकारियों को इसकी सूचना दे दी है। वैसे, खबर लिखने तक कोई अधिकारी जांच के लिए गांव नहीं पहुंचा था। हाथरस के डीएम अविनाशकृष्ण सिंह कहते हैं कि उन्हें ब्लॉक मुरसान के गांव विशुनदास में किसी किसान की सदमे से मौत की कोई जानकारी नहीं है। जानकारी मिलने पर इसकी विधिवत जांच कराई जाएगी। उसके आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
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शंभू ने जायद सीजन में 10 बीघा भूमि में बाजरा लगाया था। परिजन कहते हैं कि इस बाजरे की फसल से उसे काफी उम्मीद थी। पिछले दो साल से सूखा, तेज बारिश और ओलावृष्टि से शंभू को काफी नुक्सान हो रहा था। जिससे वह कर्ज के जाल में उलझ गया था। उसे उम्मीद थी कि इस बार वह बाजरे की फसल से तमाम कर्ज चुका देगा।
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परिजनों की मानें तो पिछले दिनों मूसलाधार बारिश होने के कारण बाजरे की फसल को भी काफी नुक्सान पहुंचा। वह जब भी बाजरे की गहाई कराने का प्रयास करता, बारिश हो जाती। फसल खराब होने से बाजार में उचित भाव भी नहीं मिला। इससे वह परेशान रहने लगा। बुधवार को अचानक उसे घबराहट महूस हुई और कुछ देर बाद दम तोड़ दिया।
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डॉॅक्टरों ने मृत्यु का कारण हृदय गति रुकना बताया है। ग्रामीणाें ने प्रशासनिक अधिकारियों को इसकी सूचना दे दी है। वैसे, खबर लिखने तक कोई अधिकारी जांच के लिए गांव नहीं पहुंचा था। हाथरस के डीएम अविनाशकृष्ण सिंह कहते हैं कि उन्हें ब्लॉक मुरसान के गांव विशुनदास में किसी किसान की सदमे से मौत की कोई जानकारी नहीं है। जानकारी मिलने पर इसकी विधिवत जांच कराई जाएगी। उसके आधार पर कार्रवाई की जाएगी।