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एक्स-रे टेकभनीशियन को अस्पताल में बंधक बनाया
हाथरस/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 11 May 2016 11:36 PM IST
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सीएमओ व सीएमएस जिला पंचायत अध्यक्ष व घायल से बार्ता करते हुए
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो हाथरस
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हाथरस। जिला अस्पताल प्रशासन फिर कटघरे में है। अस्पताल में इलाज करा रहे छीतीपुर, हसायन के दलितों ने आरोप लगाते हुए कहा है कि उनमें से प्रत्येक से मेडिकल कराने के नाम पर हजारों रुपये की रिश्वत मांगी गई। ना देने पर मारपीट में गंभीर रूप से घायल हुए लोगों का मेडिकल नहीं कराया गया। इतना ही नहीं, घायलों ने यह भी कहा कि सत्ता के दबाव में अस्पताल प्रशासन उन्हें जबरन छुट्टी देने पर तुला है जबकि उन्हें अभी कई दिन तक इलाज की जरूरत है। दलितों के परिजनों ने बुधवार को हंगामा करते हुए रिश्वत मांगने के आरोपी एक्सरे टेकभनीशियन को बंधक बना लिया। हालांकि बाद में उन्हें छोड़ दिया गया। हंगामे के बाद जिला पंचायत अध्यक्ष विनोद उपाध्याय अस्पताल पहुंचे और अधिकारियों से बात की। आला अधिकारियों ने आरोपी एक्सरे टेकभनीशियन को कार्यमुक्त कर दिया गया है। आरोपी टेकभनीशियन निर्मेश सेंगर के विरुद्ध विभागीय जांच की जा रही है। हालांकि टेकभनीशियन ने सभी आरोपों को मनगढ़ंत और झूठा बताया है।
हसायन थाना क्षेत्र के गांव छीतीपुर में सात मई की शाम को भागवत कथा में बैठने पर एक जाति विशेष के दबंग लोगों ने दलितों को जमकर पीटा था। गंभीर रूप से घायल हालत में आठ लोगों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इन सभी का मेडिकल कराया जाना था। एक्सरे विभाग के टेकभनीशियन पर आरोप है कि उसने प्रत्येक से एक्सरे में गंभीर चोट दिखाने के लिए तीन हजार रुपये की मांग की जबकि कई घायलों के हकीकत में चोटें गंभीर थीं। घायलों के परिजनों के पास टेकभनीशियन से बातचीत की कॉल रिकॉर्डिंग भी थी। मांगे गए रुपये न देने पर कुछ घायलों का एक्सरे नहीं कराया गया। इस पर उनके परिजनाें ने हंगामा शुरू कर दिया। मौके पर एक्सरे टेकभनीशियन पहुंचे तो उन्हें परिजनों ने एक कमरे में बंधक बना लिया। इससे अस्पताल प्रशासम में खलबली मच गई। दलितों ने जिला पंचायत अध्यक्ष विनोद उपाध्याय को फोन कर इलाज में लापरवाही किए जाने और मेडिकल के नाम पर अवैध वसूली किए जाने की जानकारी दी। एसपी से मुलाकात करने के बाद जिला पंचायत अध्यक्ष विनोद उपाध्याय हॉस्पिटल पहुंच गए। उपाध्याय के सामने घायलों का दर्द बाहर आ गया। सभी ने कहा कि उनसे मेडिकल कराने के नाम पर अस्पताल प्रशासन ने अवैध वसूली की गई है। जिन घायलों ने रिश्वत नहीं दी, उनका एक्स-रे नहीं कराया गया। रिश्वत की मांग एक्स-रे विभाग के टेक्नीशियन के माध्यम से की गई। दलितों ने कहा कि जख्म गहरे होने के बावजूद उन्हें अस्पताल ने उन्हें जबरन छुट्टी दे दी है। ऐसा हमला करने वाले जाति विशेष के लोगों का साथ दे रहे सत्ताधारी नेताआें के इशारे पर अस्पताल प्रशासन कर रहा है। इन सभी आरोपों के बाद विनोद उपाध्याय ने सीएमएस डॉ. एमएल अग्रवाल और सीएमओ डॉ. रामवीर को मौके पर बुलाया। दोनाें अधिकारियों ने इस मामले में टेकभनीशियन को कार्यमुक्त कर दिया है। सीएमएस डॉ. एमएल अग्रवाल का कहना है कि जांच जारी है। अगर आरोपी जांच में दोषी पाए जाते हैं तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
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हसायन थाना क्षेत्र के गांव छीतीपुर में सात मई की शाम को भागवत कथा में बैठने पर एक जाति विशेष के दबंग लोगों ने दलितों को जमकर पीटा था। गंभीर रूप से घायल हालत में आठ लोगों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इन सभी का मेडिकल कराया जाना था। एक्सरे विभाग के टेकभनीशियन पर आरोप है कि उसने प्रत्येक से एक्सरे में गंभीर चोट दिखाने के लिए तीन हजार रुपये की मांग की जबकि कई घायलों के हकीकत में चोटें गंभीर थीं। घायलों के परिजनों के पास टेकभनीशियन से बातचीत की कॉल रिकॉर्डिंग भी थी। मांगे गए रुपये न देने पर कुछ घायलों का एक्सरे नहीं कराया गया। इस पर उनके परिजनाें ने हंगामा शुरू कर दिया। मौके पर एक्सरे टेकभनीशियन पहुंचे तो उन्हें परिजनों ने एक कमरे में बंधक बना लिया। इससे अस्पताल प्रशासम में खलबली मच गई। दलितों ने जिला पंचायत अध्यक्ष विनोद उपाध्याय को फोन कर इलाज में लापरवाही किए जाने और मेडिकल के नाम पर अवैध वसूली किए जाने की जानकारी दी। एसपी से मुलाकात करने के बाद जिला पंचायत अध्यक्ष विनोद उपाध्याय हॉस्पिटल पहुंच गए। उपाध्याय के सामने घायलों का दर्द बाहर आ गया। सभी ने कहा कि उनसे मेडिकल कराने के नाम पर अस्पताल प्रशासन ने अवैध वसूली की गई है। जिन घायलों ने रिश्वत नहीं दी, उनका एक्स-रे नहीं कराया गया। रिश्वत की मांग एक्स-रे विभाग के टेक्नीशियन के माध्यम से की गई। दलितों ने कहा कि जख्म गहरे होने के बावजूद उन्हें अस्पताल ने उन्हें जबरन छुट्टी दे दी है। ऐसा हमला करने वाले जाति विशेष के लोगों का साथ दे रहे सत्ताधारी नेताआें के इशारे पर अस्पताल प्रशासन कर रहा है। इन सभी आरोपों के बाद विनोद उपाध्याय ने सीएमएस डॉ. एमएल अग्रवाल और सीएमओ डॉ. रामवीर को मौके पर बुलाया। दोनाें अधिकारियों ने इस मामले में टेकभनीशियन को कार्यमुक्त कर दिया है। सीएमएस डॉ. एमएल अग्रवाल का कहना है कि जांच जारी है। अगर आरोपी जांच में दोषी पाए जाते हैं तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
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