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करंट से दो ग्रामीणों की मौत, चार झुलसे
क्राइम डेस्क, अमर उजाला, सिकंदराराऊ (हाथरस)।
Updated Wed, 14 Nov 2018 11:43 PM IST
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कैंटर के ऊपर से गुजरते तार।
- फोटो : Amar Ujala
कोतवाली हसायन क्षेत्र के गांव रजापुर में बुधवार सुबह करीब सात बजे धान से लदा कैंटर 11 हजार वोल्टेज की लाइन के संपर्क में आ गया जिससे उसमें करंट दौड़ गया। इस कैंटर को धक्का लगा रहे छह लोग इसकी चपेट में आ गए। यह सभी लोग तेज झटके के साथ उछलकर दूर जा गिरे। हादसे में दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि चार अन्य लोग झुलसकर घायल हो गए।
ग्रामीणों ने इस हादसे को बिजली महकमे की लापरवाही का नतीजा बताते हुए हाथरस रोड पर अवरोध डालकर जाम लगा दिया। एसडीएम अंजुम बी ओर सीओ आशीष प्रताप सिंह भी मौके पर पहुंच गए। अधिकारियों ने मुआवजे का आश्वासन देकर करीब डेढ़ घंटे बाद जाम खुलवाया। पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए हाथरस भेजा गया है।
रजापुर गांव में सुबह करीब सात बजे एक किसान अपनी धान की फसल को कैंटर पर लादकर बेचने के लिए जा रहा था। जब कैंटर स्टार्ट नहीं हुआ तो गांव निवासी प्रमोद (25) पुत्र किशन स्वरूप, श्रीपाल (21) पुत्र बनवारीलाल, अभिराम पुत्र मोहर सिंह, सोनू पुत्र विजयपाल, रांबी पुत्र कृष्ण अवतार और धर्मेंद्र सिंह पुत्र नाथूराम धक्का लगाने के लिए आए। इन सभी को यह अनुमान नहीं था कि कैंटर के ऊपर से गुजर रहा 11,000 वोल्टेज का हाईटेंशन तार टूटकर नीचे के प्रोटेक्टर जाल पर पड़ा है। धक्के के साथ जैसे ही कैंटर थोड़ा आगे बढ़ा, वैसे ही प्रोटेक्टर का तार उससे छू गया, जिससे उसमें तेज करंट दौड़ गया।
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धक्का लगा रहे सभी छह लोगों को तेज झटका लगा और उछलकर दूर जा गिरे। इनमें प्रमोद और श्रीपाल की मौके पर ही मौत हो गई। अन्य चारों घायलों को तत्काल सीएचसी लाया गया, जहां से उन्हें रेफर कर दिया गया। हादसे की खबर फैलते ही सीएचसी पर ग्रामीणों की भीड़ एकत्रित हो गई। हर तरफ हाहाकार मचा हुआ था। सूचना पाकर सीओ आशीष प्रताप सिंह, कोतवाल मनोज कुमार शर्मा, एसओ हसायन अवधेश कुमार भी सीएचसी पर पहुंच गए। हादसे से गुस्साए ग्रामीणों ने हाथरस रोड पर गांव के सामने सड़क पर अवरोध डालकर जाम लगा दिया।
ग्रामीणों का आरोप था कि गांव के ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन लाइन लटककर काफी नीचे तक आ गई है। इसके नीचे से गुजरने में डर लगता है। कई बार विभाग से शिकायत की गई, लेकिन कुछ नहीं किया गया। प्रोटेक्टर जाल के तार टूटकर इधर-उधर छिटक गए हैं। बिजली विभाग समय से तारों को दुरुस्त कर देता तो दो युवाओं की जान नहीं जाती। मौके पर पहुंचीं एसडीएम अंजुम बी और सीओ आशीष प्रताप सिंह ने ग्रामीणों को समझाया और मुआवजे का आश्वासन दिया। तब जाकर करीब डेढ़ घंटे बाद जाम खुल सका। मामले की रिपोर्ट हसायन कोतवाली में दर्ज करा दी गई है।
शिकायत पर तार दुरुस्त हो जाते तो नहीं जाती जान
रजापुर के ग्रामीणों का कहना है कि गांव के ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन लाइन लटककर काफी नीचे तक आ गई है। इसके नीचे से गुजरने में डर लगता है। कई बार विभाग से शिकायत की गई, लेकिन कुछ नहीं किया गया। अगर बिजली विभाग उनकी शिकायतों काे नहीं करता तो शायद आज दो युवाओं की जान नहीं जाती।
जैसे ही हादसे की खबर गांव में फैली तो ग्रामीणों की भीड़ सीएचसी पर एकत्रित हो गई। हर तरफ हाहाकार मचा हुआ था। सूचना पाकर सीओ आशीष प्रताप सिंह, कोतवाल मनोज कुमार शर्मा, एसओ हसायन अवधेश कुमार भी सीएचसी पर पहुंच गए। हादसे से गुस्साए ग्रामीणों ने हाथरस रोड पर गांव के सामने सड़क पर अवरोध डालकर जाम लगा दिया।ग्रामीणों का आरोप था कि प्रोटेक्टर जाल के तार टूटकर इधर-उधर छिटक गए हैं। बिजली विभाग समय से तारों को दुरुस्त कर देता तो दो युवाओं की जान नहीं जाती। मौके पर पहुंचीं एसडीएम अंजुम बी और सीओ आशीष प्रताप सिंह ने ग्रामीणों को समझाया और मुआवजे का आश्वासन दिया। तब जाकर करीब डेढ़ घंटे बाद जाम खुल सका।
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ग्रामीणों ने इस हादसे को बिजली महकमे की लापरवाही का नतीजा बताते हुए हाथरस रोड पर अवरोध डालकर जाम लगा दिया। एसडीएम अंजुम बी ओर सीओ आशीष प्रताप सिंह भी मौके पर पहुंच गए। अधिकारियों ने मुआवजे का आश्वासन देकर करीब डेढ़ घंटे बाद जाम खुलवाया। पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए हाथरस भेजा गया है।
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रजापुर गांव में सुबह करीब सात बजे एक किसान अपनी धान की फसल को कैंटर पर लादकर बेचने के लिए जा रहा था। जब कैंटर स्टार्ट नहीं हुआ तो गांव निवासी प्रमोद (25) पुत्र किशन स्वरूप, श्रीपाल (21) पुत्र बनवारीलाल, अभिराम पुत्र मोहर सिंह, सोनू पुत्र विजयपाल, रांबी पुत्र कृष्ण अवतार और धर्मेंद्र सिंह पुत्र नाथूराम धक्का लगाने के लिए आए। इन सभी को यह अनुमान नहीं था कि कैंटर के ऊपर से गुजर रहा 11,000 वोल्टेज का हाईटेंशन तार टूटकर नीचे के प्रोटेक्टर जाल पर पड़ा है। धक्के के साथ जैसे ही कैंटर थोड़ा आगे बढ़ा, वैसे ही प्रोटेक्टर का तार उससे छू गया, जिससे उसमें तेज करंट दौड़ गया।
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धक्का लगा रहे सभी छह लोगों को तेज झटका लगा और उछलकर दूर जा गिरे। इनमें प्रमोद और श्रीपाल की मौके पर ही मौत हो गई। अन्य चारों घायलों को तत्काल सीएचसी लाया गया, जहां से उन्हें रेफर कर दिया गया। हादसे की खबर फैलते ही सीएचसी पर ग्रामीणों की भीड़ एकत्रित हो गई। हर तरफ हाहाकार मचा हुआ था। सूचना पाकर सीओ आशीष प्रताप सिंह, कोतवाल मनोज कुमार शर्मा, एसओ हसायन अवधेश कुमार भी सीएचसी पर पहुंच गए। हादसे से गुस्साए ग्रामीणों ने हाथरस रोड पर गांव के सामने सड़क पर अवरोध डालकर जाम लगा दिया।
ग्रामीणों का आरोप था कि गांव के ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन लाइन लटककर काफी नीचे तक आ गई है। इसके नीचे से गुजरने में डर लगता है। कई बार विभाग से शिकायत की गई, लेकिन कुछ नहीं किया गया। प्रोटेक्टर जाल के तार टूटकर इधर-उधर छिटक गए हैं। बिजली विभाग समय से तारों को दुरुस्त कर देता तो दो युवाओं की जान नहीं जाती। मौके पर पहुंचीं एसडीएम अंजुम बी और सीओ आशीष प्रताप सिंह ने ग्रामीणों को समझाया और मुआवजे का आश्वासन दिया। तब जाकर करीब डेढ़ घंटे बाद जाम खुल सका। मामले की रिपोर्ट हसायन कोतवाली में दर्ज करा दी गई है।
शिकायत पर तार दुरुस्त हो जाते तो नहीं जाती जान
रजापुर के ग्रामीणों का कहना है कि गांव के ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन लाइन लटककर काफी नीचे तक आ गई है। इसके नीचे से गुजरने में डर लगता है। कई बार विभाग से शिकायत की गई, लेकिन कुछ नहीं किया गया। अगर बिजली विभाग उनकी शिकायतों काे नहीं करता तो शायद आज दो युवाओं की जान नहीं जाती।
जैसे ही हादसे की खबर गांव में फैली तो ग्रामीणों की भीड़ सीएचसी पर एकत्रित हो गई। हर तरफ हाहाकार मचा हुआ था। सूचना पाकर सीओ आशीष प्रताप सिंह, कोतवाल मनोज कुमार शर्मा, एसओ हसायन अवधेश कुमार भी सीएचसी पर पहुंच गए। हादसे से गुस्साए ग्रामीणों ने हाथरस रोड पर गांव के सामने सड़क पर अवरोध डालकर जाम लगा दिया।ग्रामीणों का आरोप था कि प्रोटेक्टर जाल के तार टूटकर इधर-उधर छिटक गए हैं। बिजली विभाग समय से तारों को दुरुस्त कर देता तो दो युवाओं की जान नहीं जाती। मौके पर पहुंचीं एसडीएम अंजुम बी और सीओ आशीष प्रताप सिंह ने ग्रामीणों को समझाया और मुआवजे का आश्वासन दिया। तब जाकर करीब डेढ़ घंटे बाद जाम खुल सका।