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पुलिस ने दी दबिशें, लोगों में दहशत
अमर उजाला ब्यूरो सादाबाद (हाथरस)।
Updated Sun, 22 Oct 2017 11:37 PM IST
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कोतवाली सादाबाद पुलिस ने शनिवार की देर रात को कस्बा सादाबाद में एफडीए व एसडीएम की टीम के साथ अभद्रता करने के मामले आरोपियों की धर पकड़ के लिए दबिश दी। इस दौरान कई आरोपियों के घरों पर पुलिस ने छापेमारे लेकिन कोई आरोपी हाथ नहीं लगा है। पुलिस की इस कार्रवाई के बाद नामजद आरोपियों के परिजन दहशत में हैं।
ज्ञात रहे कि 12 अक्तूबर, 2017 को कस्बा सादाबाद में एक मिष्ठान भंडार पर छापेमारी करने पहुंची एफडीए की टीम व एसडीएम के साथ स्थानीय व्यापारियों ने एक जुट होकर अभद्रता कर दी थी। इस मामले में एफडीए के अधिकारियों ने कस्बा के 27 लोगों को नामजद करते हुए सरकारी कार्य में बाधा उत्पन्न करने एवं वाहनों को क्षतिग्रस्त करने एवं अधिकारियों के साथ अभद्रता करने के आरोप में कोतवाली सादाबाद में रिपोर्ट दर्ज करा दी थी। हालांकि इस मामले में सभी राजनीतिक दलों से जुडे़ लोगों ने अपने अपनी राजनीतिक रोटी सेकने के लिए मौके पर पहुंचकर धरना प्रदर्शन ही नहीं किया। इन लोगों का हर स्तर पर साथ देने का वादा भी किया था। कुछ लोगों ने बताया कि एक आरोपी के घर से उसके भाई को पूछताछ के लिए पुलिस ने उठाया था। जिसे बाद में छोड़ दिया गया।
लेकिन राजनीति दलों के लोगों के भारी दबाव के बावजूद भी पुलिस प्रशासन ने इस मामले में एफडीए के अधिकारियों की तहरीर के आधार पर पहले तो मुकददमा दर्ज किया था। लेकिन राजनीतिक दलों से जुडे़ हुए लोग लगातार इस मुकदमे को वापस कराए जाने के दावे करते हुए लोगों को कार्रवाई न होने देने का भरोसा भी दिला रहे थे। इस मामले में सादाबाद के लोगों ने राजनीतिक दलों के लोगों के साथ जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक से भी मुलाकात की थी। कुछ लोगों ने इस दौरान बाजार बंद कर पुलिस व प्रशासन पर झूठे लोगों को फंसाने के आरोप भी लगाए थे।
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इन लोगों ने उपजिलाधिकारी के स्थानांतरण की मांग भी की गई थी। पुलिस को इन लोगों ने एसडीएम व एफडीए की टीम पर अवैध वसूली के आरोप लगाते हुए पुलिस को तहरीर भी सौंपी थी। लेकिन पुलिस ने अधिकारियों के अभी तक कोई रिपोर्ट दर्ज नहीं की है। इधर कार्रवाई के डर से आरोपी अपने अपने घरों से सुरक्षित स्थानों पर भाग गए हैं। कोतवाल केपी सिंह ने बताया कि रात में आरोपियों के खिलाफ दबिश दी जा रही है। लेकिन कोई हाथ नहीं लगा है।
ज्ञात रहे कि 12 अक्तूबर, 2017 को कस्बा सादाबाद में एक मिष्ठान भंडार पर छापेमारी करने पहुंची एफडीए की टीम व एसडीएम के साथ स्थानीय व्यापारियों ने एक जुट होकर अभद्रता कर दी थी। इस मामले में एफडीए के अधिकारियों ने कस्बा के 27 लोगों को नामजद करते हुए सरकारी कार्य में बाधा उत्पन्न करने एवं वाहनों को क्षतिग्रस्त करने एवं अधिकारियों के साथ अभद्रता करने के आरोप में कोतवाली सादाबाद में रिपोर्ट दर्ज करा दी थी। हालांकि इस मामले में सभी राजनीतिक दलों से जुडे़ लोगों ने अपने अपनी राजनीतिक रोटी सेकने के लिए मौके पर पहुंचकर धरना प्रदर्शन ही नहीं किया। इन लोगों का हर स्तर पर साथ देने का वादा भी किया था। कुछ लोगों ने बताया कि एक आरोपी के घर से उसके भाई को पूछताछ के लिए पुलिस ने उठाया था। जिसे बाद में छोड़ दिया गया।
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लेकिन राजनीति दलों के लोगों के भारी दबाव के बावजूद भी पुलिस प्रशासन ने इस मामले में एफडीए के अधिकारियों की तहरीर के आधार पर पहले तो मुकददमा दर्ज किया था। लेकिन राजनीतिक दलों से जुडे़ हुए लोग लगातार इस मुकदमे को वापस कराए जाने के दावे करते हुए लोगों को कार्रवाई न होने देने का भरोसा भी दिला रहे थे। इस मामले में सादाबाद के लोगों ने राजनीतिक दलों के लोगों के साथ जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक से भी मुलाकात की थी। कुछ लोगों ने इस दौरान बाजार बंद कर पुलिस व प्रशासन पर झूठे लोगों को फंसाने के आरोप भी लगाए थे।
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इन लोगों ने उपजिलाधिकारी के स्थानांतरण की मांग भी की गई थी। पुलिस को इन लोगों ने एसडीएम व एफडीए की टीम पर अवैध वसूली के आरोप लगाते हुए पुलिस को तहरीर भी सौंपी थी। लेकिन पुलिस ने अधिकारियों के अभी तक कोई रिपोर्ट दर्ज नहीं की है। इधर कार्रवाई के डर से आरोपी अपने अपने घरों से सुरक्षित स्थानों पर भाग गए हैं। कोतवाल केपी सिंह ने बताया कि रात में आरोपियों के खिलाफ दबिश दी जा रही है। लेकिन कोई हाथ नहीं लगा है।