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पुलिस के हत्थे चढ़े कई गैंग, फिर भी नहीं थमी लूट की वारदात
अमर उजाला ब्यूरो हाथरस।
Updated Mon, 16 Oct 2017 11:45 PM IST
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crime scene
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बीते दिनों मे पुलिस ने लूट की वारदात को अंजाम देने वाले कई गैंगों को जेल की हवा खिलाई है। इसके बाद से पुलिस अधिकारी यह दावा कर रहे थे कि अब लूट की वारदातें रुक जाएंगी लेकिन फिर भी हर रोज लूट की वारदातें हो रही हैं। कई दूसरे गैंग जिले में सक्रिय हो गए हैं जिन्हें रोकने में पुलिस नाकाम साबित हो रही है।
हैरत की बात तो यह है कि अब बदमाश लूट के दौरान जान लेने से भी परहेज नहीं कर रहे। सिकंदराराऊ में लाखों की लूट के दौरान हत्या का हाल ही में यह दूसरा मामला है। साफ है कि बदमाश पूरी तरह बेखौफ हो चुके हैं और उन्हें पुलिस का जरा भी डर नहीं है। दूसरे जिलों के गैंगों के यहां सक्रिय होने के अलावा भी कई गैंग पुलिस के लिए सिरदर्द बने हुए हैं। पुलिस के लिए जहरखुरानी कर लूट करने वाले गिरोह के अलावा एटीएम बदलकर ठगी करने वाला गिरोह, बाइक सवार बदमाशों का राह चलते लोगों से मोबाइल, चेन और नकदी लूटने वाला गिरोह चुनौती बना हुआ है।
ऐसे गिरोह हर रोज वारदातों को अंजाम देकर पुलिस का बेड़ा गर्क कर रहे हैं। हाल ही में पुलिस ने कार सवार बदमाशों का एक गैंग पकड़ा था जिसने एक सेल्समैन की हत्या की थी और लूट की दर्जनभर वारदातों को अंजाम दिया था। इसके बाद यह माना जा रहा था जिले में हत्या कर लूट करने के मामले थम जाएंगे लेकिन सोमवार को सिकंदराराऊ में हुई वारदात ने पुलिस के सामने फिर नई चुनौती खड़ी कर दी है। लूट की वारदातों के पीछे थानों की पुलिस की निष्क्रियता बड़ी वजह बनकर सामने आ रही है। लूट की वारदात के बाद उसके खुलासे की पूरी जिम्मेदारी एसओजी पर डाल दी जाती है। वारदात होने पर जिम्मेदार थानाध्यक्ष या प्रभारी निरीक्षक पर कार्रवाई नहीं की जाती। हालांकि पुलिस ने कई गैंगों पर शिकंजा कसा है, जिससे शहर के लोगों को कुछ राहत मिली है।
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दूसरे शहरों को तगादे के लिए जाने वाले व्यापारियों को लूटने वाले बदमाशों का गैंग कुछ समय पहले काफी सक्रिय था। गैंग ने एक के बाद एक वारदातों को अंजाम दिया था। लूट के दौरान कई व्यापारियों पर फायरिंग कर जानलेवा हमला किया गया था जिसमें व्यापारी बाल-बाल बच गए थे। इस गैंग के बदमाशों को दबोचने के बाद ऐसी वारदातों में तो कुछ कमी आई लेकिन लूट की आम वारदातें जारी रहीं। इसी तरह ई-रिक्शा चालकों को अगवा कर उनकी हत्या कर रिक्शा लूटने वाले गैंग के पकड़ में आने के बाद भी इस तरह की वारदातों में कमी आई है।
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हैरत की बात तो यह है कि अब बदमाश लूट के दौरान जान लेने से भी परहेज नहीं कर रहे। सिकंदराराऊ में लाखों की लूट के दौरान हत्या का हाल ही में यह दूसरा मामला है। साफ है कि बदमाश पूरी तरह बेखौफ हो चुके हैं और उन्हें पुलिस का जरा भी डर नहीं है। दूसरे जिलों के गैंगों के यहां सक्रिय होने के अलावा भी कई गैंग पुलिस के लिए सिरदर्द बने हुए हैं। पुलिस के लिए जहरखुरानी कर लूट करने वाले गिरोह के अलावा एटीएम बदलकर ठगी करने वाला गिरोह, बाइक सवार बदमाशों का राह चलते लोगों से मोबाइल, चेन और नकदी लूटने वाला गिरोह चुनौती बना हुआ है।
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ऐसे गिरोह हर रोज वारदातों को अंजाम देकर पुलिस का बेड़ा गर्क कर रहे हैं। हाल ही में पुलिस ने कार सवार बदमाशों का एक गैंग पकड़ा था जिसने एक सेल्समैन की हत्या की थी और लूट की दर्जनभर वारदातों को अंजाम दिया था। इसके बाद यह माना जा रहा था जिले में हत्या कर लूट करने के मामले थम जाएंगे लेकिन सोमवार को सिकंदराराऊ में हुई वारदात ने पुलिस के सामने फिर नई चुनौती खड़ी कर दी है। लूट की वारदातों के पीछे थानों की पुलिस की निष्क्रियता बड़ी वजह बनकर सामने आ रही है। लूट की वारदात के बाद उसके खुलासे की पूरी जिम्मेदारी एसओजी पर डाल दी जाती है। वारदात होने पर जिम्मेदार थानाध्यक्ष या प्रभारी निरीक्षक पर कार्रवाई नहीं की जाती। हालांकि पुलिस ने कई गैंगों पर शिकंजा कसा है, जिससे शहर के लोगों को कुछ राहत मिली है।
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दूसरे शहरों को तगादे के लिए जाने वाले व्यापारियों को लूटने वाले बदमाशों का गैंग कुछ समय पहले काफी सक्रिय था। गैंग ने एक के बाद एक वारदातों को अंजाम दिया था। लूट के दौरान कई व्यापारियों पर फायरिंग कर जानलेवा हमला किया गया था जिसमें व्यापारी बाल-बाल बच गए थे। इस गैंग के बदमाशों को दबोचने के बाद ऐसी वारदातों में तो कुछ कमी आई लेकिन लूट की आम वारदातें जारी रहीं। इसी तरह ई-रिक्शा चालकों को अगवा कर उनकी हत्या कर रिक्शा लूटने वाले गैंग के पकड़ में आने के बाद भी इस तरह की वारदातों में कमी आई है।