कक्षा की छत का प्लास्टर गिरा, छह बच्चे जख्मी
गांव मीरपुरा के प्राथमिक विद्यालय में बुधवार की दोपहर को 11.40 बजे एक कमरे में बैठे 30 बच्चों की हिंदी की कॉपियों को वहां तैनात अध्यापक मनोज कुमार चेक कर रहे थे। उस समय विद्यालय के 74 बच्चों में से 49 बच्चे स्कूल में पढ़ने आए थे। अचानक छत का प्लास्टर भरभराकर गिर पड़ा। कई बच्चे मलबे की चपेट में आकर घायल हो गए। हालांकि अध्यापक को भी चोट आईं, लेकिन वह अपनी चोट भूलकर बच्चों को बाहर निकालने में जुट गए। बच्चों की चीख-पुकार सुनकर ग्रामीण भी मौके पर पहुंच गए। वह भी बच्चों को निकालने में जुट गए।
प्रधानाध्यापक और अध्यापक ने 108 एवं 102 दोनों एंबुलेंस को मोबाइल फोन से सूचना दी। सूचना के बाद एंबुलेंस घटना स्थल पर पहुंची। एंबुलेंस के पहुंचने तक बच्चे रोते-बिलखते रहे। कोतवाली प्रभारी निरीक्षक जगदीश चंद्र भी घटनास्थल पर पहुंच गए। पुलिस ने भी घायल बच्चों को एंबुलेंस में बैठाकर सीएचसी पर भेज दिया। जो बच्चे कम चुटैल थे, उनके चेहरे पर घटना की दहशत साफ दिख रही थी।
वह सभी एक स्वर में कह रहे थे कि वह अब स्कूल पढ़ने नहीं आएंगे। ग्रामीणों में भी इस दुर्घटना को लेकर काफी आक्रोश था। उनका कहना था कि उनके बार -बार कहने के बावजूद विभाग ने इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया है। घायल बच्चों में तनु पुत्री शीलेंद्र (सात वर्ष) लखन पुत्र कमल सिंह (8 वर्ष), अर्जुन पुत्र पुष्पेंद्र (8 वर्ष), करन पुत्र पप्पू (7 वर्ष), प्रियंका पुत्री राजेंद्र कुमार (7 वर्ष), गौरव पुत्र तेजपाल (9 वर्ष) थे, जिनमें से करन, प्रियंका एवं लखन को अधिक गंभीर हालत में आगरा रेफर कर दिया गया है। जब एबीएसए ,बीएसए एवं एसडीएम सादाबाद से इस घटना के बारे में मोबाइल से जानकारी लेने चाही तो सबके मोबाइल फोन पर घंटी बजती रही, लेकिन किसी ने फोन नहीं उठाया।