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बाइक के लिए की विवाहिता की हत्या
क्राइम डेस्क, अमर उजाला, सादाबाद (हाथरस)।
Updated Mon, 19 Nov 2018 11:34 PM IST
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फाइल फोटो।
- फोटो : Amar Ujala
कस्बा निवासी एक विवाहिता की मौत रविवार की रात हो गई। सुबह मौके पर काफी भीड़ जुट गई। विवाहिता के परिजनों ने थाने में तहरीर देकर पति और अन्य ससुरालीजनों द्वारा दहेज की खातिर फांसी लगाकर हत्या करने का आरोप लगाया है।
चको नगला थाना मोहम्मदाबाद जिला फर्रुखाबाद निवासी सत्यपाल सिंह पुत्र अवध बिहारी ने थाने में दी गई तहरीर में आरोप लगाया कि उसने अपनी बेटी शिल्पी की शादी 10 जुलाई को मनोज पुत्र प्रेमबाबू निवासी पुरानी भूमि विकास बैंक के पास कस्बा सादाबाद हाथरस के साथ अपनी हैसियत से अधिक दान-दहेज देकर की थी। करीब सात लाख रुपये खर्च किए, लेकिन लड़का पक्ष वाले इससे संतुष्ट नहीं थे। उनकी लड़की शिल्पी से बाइक की मांग करते रहते थे।
कई बार शिल्पी के साथ मारपीट भी की कि और कहते रहे कि वह अपने पिता से बाइक नहीं लाई तो उसे यहां रहने नहीं देंगे। जान से मार देंगे। उन्होंने भी कई बार बेटी के ससुरालीजनों को समझाया कि उसने कर्जा लेकर विवाह किया है। अब उसके पास कुछ नहीं है, लेकिन वह नहीं माने और शिल्पी का उत्पीड़न करते रहे।
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19 नवंबर को शाम पांच बजे शिल्पी ने उन्हें फोन किया कि उसके ससुराल वाले उसके साथ मारपीट कर रहे हैं और कह रहे हैं कि आज उसे जान से मार देंगे। इस बीच फोन कट गया। करीब साढ़े आठ बजे शिल्पी के पति ने उन्हें सूचना दी कि शिल्पी ने फांसी लगाकर जान दे दी है। शिल्पी को उसके पति मनोज, ससुर प्रेमबाबू, जेठ सोनू व उसकी ननदों ने दहेज की खातिर एकराय होकर फांसी लगाकर मार डाला।
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चको नगला थाना मोहम्मदाबाद जिला फर्रुखाबाद निवासी सत्यपाल सिंह पुत्र अवध बिहारी ने थाने में दी गई तहरीर में आरोप लगाया कि उसने अपनी बेटी शिल्पी की शादी 10 जुलाई को मनोज पुत्र प्रेमबाबू निवासी पुरानी भूमि विकास बैंक के पास कस्बा सादाबाद हाथरस के साथ अपनी हैसियत से अधिक दान-दहेज देकर की थी। करीब सात लाख रुपये खर्च किए, लेकिन लड़का पक्ष वाले इससे संतुष्ट नहीं थे। उनकी लड़की शिल्पी से बाइक की मांग करते रहते थे।
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कई बार शिल्पी के साथ मारपीट भी की कि और कहते रहे कि वह अपने पिता से बाइक नहीं लाई तो उसे यहां रहने नहीं देंगे। जान से मार देंगे। उन्होंने भी कई बार बेटी के ससुरालीजनों को समझाया कि उसने कर्जा लेकर विवाह किया है। अब उसके पास कुछ नहीं है, लेकिन वह नहीं माने और शिल्पी का उत्पीड़न करते रहे।
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19 नवंबर को शाम पांच बजे शिल्पी ने उन्हें फोन किया कि उसके ससुराल वाले उसके साथ मारपीट कर रहे हैं और कह रहे हैं कि आज उसे जान से मार देंगे। इस बीच फोन कट गया। करीब साढ़े आठ बजे शिल्पी के पति ने उन्हें सूचना दी कि शिल्पी ने फांसी लगाकर जान दे दी है। शिल्पी को उसके पति मनोज, ससुर प्रेमबाबू, जेठ सोनू व उसकी ननदों ने दहेज की खातिर एकराय होकर फांसी लगाकर मार डाला।