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उधार के रुपये मांगने पर विजय को मारी थी गोली
हाथरस/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 14 May 2016 11:58 PM IST
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हाथरस। खातीखाना में चाय विक्रेता विजय कुमार उर्फ विरजू पुत्र प्रेमचंद्र को गोली मारने के आरोपी रिंकू पुत्र निरोत्तमदास निवासी खातीखाना को पुलिस ने दबोच लिया है। उसके पास हमले में इस्तेमाल तमंचा भी पुलिस को मिला है। पुलिस के मुताबिक रिंकू ने विरजू से 15 हजार रुपये लिए थे। वह 20 फीसदी की ब्याज से 25 हजार रुपये मांग रहा था। गुरुवार की रात को विरजू ने रिंकू को रास्ते में रोक लिया और अपने रुपये मांगे। पुलिस के मुताबिक विरजू ने रिंकू के साथ सरेबाजार मारपीट की। इस बेइज्जती के बाद वह गुस्से में आ गया। वह अपने घर गया और तमंचा लेकर देर रात वापस विरजू के पास पहुंचा। उसने विरजू को दो गोली मारी और भाग निकला।
सदर कोतवाली में प्रेसवार्ता में एएसपी राम मूरत यादव ने बताया कि विरजू के पीठ में एक गोली लगी थी और एक बांह में। रिंकू को यह लगता था कि गोली लगने के बाद विरजू नहीं बचेगा, जबकि जिला अस्पताल में विरजू पूरी तरह होश में था और पुलिस को दिए अपने बयान में उसने रिंकू के गोली मारने की बात कही। इसके बाद उसे अलीगढ़ मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया, जहां शनिवार को वह वेंटीलेटर पर था और उसकी हालत नाजुक बनी हुई थी।
एएसपी ने बताया कि पूछताछ में रिंकू ने विरजू पर कई गंभीर आरोप लगाए। बताया कि विरजू अपनी कोठरी में प्रत्येक से सौ रुपये लेकर जुआ खिलाता था। जुए में रकम हारने पर ब्याज पर रकम देता था। दी गई रकम पर मोटी ब्याज लगाकर वसूली करता था। एएसपी ने बताया कि इस संबंध में विरजू के भाई पवन ने तहरीर दी थी। रिंकू के खिलाफ धारा 307 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। सदर कोतवाल मनोज शर्मा, एसएसआई अवधेश कुमार, मेंडू गेट चौकी इंचार्ज ईतुल चौधरी, सिपाही रामवीर सिंह, राजेश कुमार ने रिंकू को उस समय दबोच लिया, जब वह भागने की फिराक में था।
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सदर कोतवाली में प्रेसवार्ता में एएसपी राम मूरत यादव ने बताया कि विरजू के पीठ में एक गोली लगी थी और एक बांह में। रिंकू को यह लगता था कि गोली लगने के बाद विरजू नहीं बचेगा, जबकि जिला अस्पताल में विरजू पूरी तरह होश में था और पुलिस को दिए अपने बयान में उसने रिंकू के गोली मारने की बात कही। इसके बाद उसे अलीगढ़ मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया, जहां शनिवार को वह वेंटीलेटर पर था और उसकी हालत नाजुक बनी हुई थी।
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एएसपी ने बताया कि पूछताछ में रिंकू ने विरजू पर कई गंभीर आरोप लगाए। बताया कि विरजू अपनी कोठरी में प्रत्येक से सौ रुपये लेकर जुआ खिलाता था। जुए में रकम हारने पर ब्याज पर रकम देता था। दी गई रकम पर मोटी ब्याज लगाकर वसूली करता था। एएसपी ने बताया कि इस संबंध में विरजू के भाई पवन ने तहरीर दी थी। रिंकू के खिलाफ धारा 307 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। सदर कोतवाल मनोज शर्मा, एसएसआई अवधेश कुमार, मेंडू गेट चौकी इंचार्ज ईतुल चौधरी, सिपाही रामवीर सिंह, राजेश कुमार ने रिंकू को उस समय दबोच लिया, जब वह भागने की फिराक में था।
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