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इंटरनेशनल ब्रांड के नाम पर कर रहे थे ठगी, जेल गए
हाथरस/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 03 May 2016 11:20 PM IST
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कॉल सेंटरों से पकड़े गए युवकों के साथ खुलासा करते एएसपी।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो हाथरस
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हाथरस। एसपी के निर्देश पर एसओजी और सदर कोतवाली पुलिस की छापेमारी में पकड़े गए तीन कॉल सेंटरों के चार संचालकों को मंगलवार दोपहर को जेल भेज दिया गया। सभी पर एक इंटरनेशनल ब्रांड रीबॉक के नाम पर लोगों से ठगी करने का आरोप है। छापेमारी के दौरान एक शातिर आरोपी भाग जाने में कामयाब रहा। पुलिस उसकी तलाश कर रही है। आरोपियों के विरुद्ध पुलिस ने धोखाधड़ी, कॉपीराइट एक्ट और आईटी एक्ट के उल्लंघन के आरोप में मुकदमा दर्ज किया है।
थाना हाथरस गेट में प्रेसवार्ता के दौरान एएसपी राममूरत यादव ने बताया कि जिले में बड़ी संख्या में कॉल सेंटर हैं, जो लोगों के साथ ठगी करने में लगे हैं। कॉल सेंटरों पर कार्रवाई के लिए एसपी के निर्देश पर अभियान चलाया गया है। एएसपी ने बताया कि चक्की बाजार में रवि गौतम पुत्र रामेश्वर गौतम निवासी विद्यापति मोहल्ला अपने साथी नरेंद्र पुत्र यादवेंद्र निवासी नाया, थाना मुरसान के साथ मिलकर दिव्य ऋषि टेलीशॉपिंग केंद्र के नाम से कॉल सेंटर चला रहा था।
वहीं आकाश गुप्ता पुत्र राजेंद्र कुमार गुप्ता निवासी भूरापीर ओम शिव शक्ति टेलीशॉपिंग केंद्र के नाम से खातीखाना में एक मकान में कॉल सेंटर चलाकर लोगों को चूना लगा रहा था।
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हरवेश पुत्र योगेंद्र पाल सिंह निवासी सीयल नाम का आरोपी जलेसर रोड पर आशोका टॉकीज के पास अपना कॉल सेंटर चला रहा था। छापेमारी के दौरान उसका भाई जीतू पुलिस को चकमा देकर भाग निकला। सभी आरोपी एक इंटरनेशनल ब्रांड रीबॉक के नाम पर नकली सामान देकर लोगों को चूना लगा रहे थे। ये लोग सीधे-साधे लोगाें को टेलीफोन कर उन्हें 15 हजार रुपये का सामान एक ऑफर के तहत आठ हजार रुपये में देने का लालच देते थे। बुकिंग होने पर केवल 400 से 800 रुपये का सामान भेजकर हजारों की ठगी की जाती थी। यह एक संगठित कारोबार है, जो तेजी से अपनी जड़ें जमा रहा है। पुलिस ने सोमवार शाम को छापेमारी कर चारों आरोपियों को दबोच लिया था। इनके पास से पुलिस ने कई लैपटॉप, रसीदें, मोबाइल फोन, वॉकी-टॉकी, धन वर्षा यंत्र और रजिस्टर आदि बरामद किए हैं। इसके अलावा लाखों रुपये की कीमत के जूते, बेल्ट, घड़ी, पर्स, जिन पर इंटरनेशनल ब्रांड रीबॉक का नाम लिखा हुआ है, बरामद किए हैं। जामा तलाशी में तीन हजार रुपये दिखाए गए हैं। पुलिस टीम में एसएसआई अवधेश कुमार, एसआई सुधीर कुमार, एसआई रंजीत सिंह, एसआई प्रमोद कुमार, सिपाही वीरेश, प्रेमनाथ, गिरीश, उपेंद्र, भूपेंद्र, संदीप राघव आदि शामिल रहे।
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थाना हाथरस गेट में प्रेसवार्ता के दौरान एएसपी राममूरत यादव ने बताया कि जिले में बड़ी संख्या में कॉल सेंटर हैं, जो लोगों के साथ ठगी करने में लगे हैं। कॉल सेंटरों पर कार्रवाई के लिए एसपी के निर्देश पर अभियान चलाया गया है। एएसपी ने बताया कि चक्की बाजार में रवि गौतम पुत्र रामेश्वर गौतम निवासी विद्यापति मोहल्ला अपने साथी नरेंद्र पुत्र यादवेंद्र निवासी नाया, थाना मुरसान के साथ मिलकर दिव्य ऋषि टेलीशॉपिंग केंद्र के नाम से कॉल सेंटर चला रहा था।
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वहीं आकाश गुप्ता पुत्र राजेंद्र कुमार गुप्ता निवासी भूरापीर ओम शिव शक्ति टेलीशॉपिंग केंद्र के नाम से खातीखाना में एक मकान में कॉल सेंटर चलाकर लोगों को चूना लगा रहा था।
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हरवेश पुत्र योगेंद्र पाल सिंह निवासी सीयल नाम का आरोपी जलेसर रोड पर आशोका टॉकीज के पास अपना कॉल सेंटर चला रहा था। छापेमारी के दौरान उसका भाई जीतू पुलिस को चकमा देकर भाग निकला। सभी आरोपी एक इंटरनेशनल ब्रांड रीबॉक के नाम पर नकली सामान देकर लोगों को चूना लगा रहे थे। ये लोग सीधे-साधे लोगाें को टेलीफोन कर उन्हें 15 हजार रुपये का सामान एक ऑफर के तहत आठ हजार रुपये में देने का लालच देते थे। बुकिंग होने पर केवल 400 से 800 रुपये का सामान भेजकर हजारों की ठगी की जाती थी। यह एक संगठित कारोबार है, जो तेजी से अपनी जड़ें जमा रहा है। पुलिस ने सोमवार शाम को छापेमारी कर चारों आरोपियों को दबोच लिया था। इनके पास से पुलिस ने कई लैपटॉप, रसीदें, मोबाइल फोन, वॉकी-टॉकी, धन वर्षा यंत्र और रजिस्टर आदि बरामद किए हैं। इसके अलावा लाखों रुपये की कीमत के जूते, बेल्ट, घड़ी, पर्स, जिन पर इंटरनेशनल ब्रांड रीबॉक का नाम लिखा हुआ है, बरामद किए हैं। जामा तलाशी में तीन हजार रुपये दिखाए गए हैं। पुलिस टीम में एसएसआई अवधेश कुमार, एसआई सुधीर कुमार, एसआई रंजीत सिंह, एसआई प्रमोद कुमार, सिपाही वीरेश, प्रेमनाथ, गिरीश, उपेंद्र, भूपेंद्र, संदीप राघव आदि शामिल रहे।