{"_id":"5b118c364f1c1b8a6e8b5d1e","slug":"imprisonment-for-four-and-a-half-years-for-killing","type":"story","status":"publish","title_hn":"मारपीट कर मरणासन्न करने पर साढ़े चार साल की कैद","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
मारपीट कर मरणासन्न करने पर साढ़े चार साल की कैद
क्राइम न्यूज डेस्क, अमर उजाला ब्यूरो, हाथरस।
Updated Fri, 01 Jun 2018 11:41 PM IST
विज्ञापन
कोर्ट
अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश एफटीसी प्रथम सुरेंद्र मोहन सहाय के न्यायालय ने मारपीट कर मरणासन्न अवस्था में छोड़कर भाग जाने मामले में एक आरोपी को दोषी करार दिया है। न्यायालय ने अभियुक्त को साढ़े चार वर्ष के कठोर कारावास एवं 2000 रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड अदा नहीं करने पर उसे दो माह का अतिरिक्त कारावास भोगने के भी आदेश दिए हैं।
कोतवाली हाथरस गेट पुलिस को शिव कुमार निवासी बगीची ज्ञानगढ़ इगलास अड्डा ने एक तहरीर सौंपी, जिसमें आरोप था कि 21 दिसंबर, 2013 को उसके पुत्र भूरा (18) को दोपहर करीब दो बजे मनोज कुमार निवासी बस्ती रमनपुर उसकी मोटर साइकिल लेकर ससुराल जाने की बात कहकर ले गया। अगले दिन जब उसका पुत्र नहीं लौटा तो उसने उसके बारे में जानकारी की, लेकिन कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला।
जब वह मनोज की ससुराल पहुंचे तो मोटर साइकिल मनोज के पास थी, लेकिन भूरा के बारे में उसने कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया। क्षेत्र में लोगों से जानकारी की तो पता चला कि एक युवक सुजावलपुर कॉलेज के पास सड़क के किनारे बेहोशी की हालत में पड़ा था। पुलिस ने इसको उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया है। मेडिकल कॉलेज में भूरा की स्थिति खराब होने के कारण इसको उपचार के लिए रेनबो हॉस्पिटल आगरा में भर्ती कराया।
विज्ञापन
जहां 20 दिन बाद होश होने पर भूरा ने बताया कि मनोज ने हाथरस से ले जाकर सुजावलपुर के निकट उसके साथ मारपीट की और मरणासन्न अवस्था में छोड़कर भाग गया। वादी की ओर से साक्ष्य एडीजीसी एसएस चौहान ने प्रस्तुत किए। न्यायालय ने मनोज को आईपीसी की धारा 323 में एक वर्ष के कारावास व पांच सौ रुपये एवं धारा 308 में साढ़े चार वर्ष की कैद व 1500 रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है।
विज्ञापन
कोतवाली हाथरस गेट पुलिस को शिव कुमार निवासी बगीची ज्ञानगढ़ इगलास अड्डा ने एक तहरीर सौंपी, जिसमें आरोप था कि 21 दिसंबर, 2013 को उसके पुत्र भूरा (18) को दोपहर करीब दो बजे मनोज कुमार निवासी बस्ती रमनपुर उसकी मोटर साइकिल लेकर ससुराल जाने की बात कहकर ले गया। अगले दिन जब उसका पुत्र नहीं लौटा तो उसने उसके बारे में जानकारी की, लेकिन कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला।
विज्ञापन
जब वह मनोज की ससुराल पहुंचे तो मोटर साइकिल मनोज के पास थी, लेकिन भूरा के बारे में उसने कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया। क्षेत्र में लोगों से जानकारी की तो पता चला कि एक युवक सुजावलपुर कॉलेज के पास सड़क के किनारे बेहोशी की हालत में पड़ा था। पुलिस ने इसको उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया है। मेडिकल कॉलेज में भूरा की स्थिति खराब होने के कारण इसको उपचार के लिए रेनबो हॉस्पिटल आगरा में भर्ती कराया।
विज्ञापन
जहां 20 दिन बाद होश होने पर भूरा ने बताया कि मनोज ने हाथरस से ले जाकर सुजावलपुर के निकट उसके साथ मारपीट की और मरणासन्न अवस्था में छोड़कर भाग गया। वादी की ओर से साक्ष्य एडीजीसी एसएस चौहान ने प्रस्तुत किए। न्यायालय ने मनोज को आईपीसी की धारा 323 में एक वर्ष के कारावास व पांच सौ रुपये एवं धारा 308 में साढ़े चार वर्ष की कैद व 1500 रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है।