अवैध संबंध टूटने पर ब्लैकमेल कर रहा था सतेंद्र
हाथरस। ट्रैक्टर एजेंसी के सेल्समैन सतेंद्र पुत्र रमेशचंद्र निवासी तरसारा, इगलास और हाल निवासी रमनपुर की हत्या का पुलिस ने खुलासा करने का दावा किया है। पुलिस के मुताबिक जिस घर के ग्राउंड फ्लोर में एजेंसी थी, उसके मालिक की पत्नी से सतेंद्र के अवैध संबंध थे। पुलिस ने बताया कि अश्वनी सूरी पुत्र बल्देव सूरी से युवती के संपर्क में आने के बाद यह संबंध टूट गए। संबंधाें को दोबारा कायम करने के लिए सतेंद्र युवती को अंतरंग पलों की उन तस्वीरों के जरिये ब्लैकमेल करने लगा था, जो युवती ने खुद ही अपने मोबाइल से उसे भेजी थीं। पुलिस ने कॉल डिटेल रिकॉर्ड से जुटाए सुरागों के आधार पर शनिवार को तीनों की गिरफ्तारी की और मुकदमा दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया गया।
पुलिस के मुताबिक कई महीने पहले सतेंद्र और निधि के बीच के संबंधों का पता उसके पति को चला तो दोनों के बीच काफी झगड़ा हुआ। उसके कहने पर सतेंद्र को दूसरी एजेंसी पर भेज दिया गया। इसके बाद भी मॉर्निंग वॉक के बहाने दोनों मिलते रहे। मंडी के पीछे सुनसान र्साइं धाम कॉलोनी दोनों के मिलने का अड्डा बन गई। इस बीच जमुना बाग के सामने जितेंद्र अग्निहोत्री के घर के ठीक बराबर में एक और एजेंसी के मालिक अश्वनी सूरी युवती के संपर्क में आ गए। युवती ने इसके बाद सतेंद्र से दूरी बनाना शुरू कर दिया। सतेंद्र इससे खिसिया गया और युवती को अश्लील फोटो के बहाने ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया। इसे लेकर ढाई महीने पहले जितेंद्र अग्निहोत्री का सतेंद्र से जमकर झगड़ा हुआ। इसके बाद सतेंद्र की हत्या की योजना बनाई गई। सात जनवरी को युवती ने सतेंद्र को फोन कर आठ जनवरी को सुबह वॉक पर आने को कहा। सतेंद्र को जिस नंबर पर फोन किया गया, वह नंबर भी निधि की आईडी पर ही लिया गया था। सतेंद्र रात को साढ़े दस बजे ही अपने साले की कार लेकर घर से निकल आया। हालांकि रातभर सतेंद्र कहां रहा, पुलिस के पास इस सवाल का जवाब नहीं है। पुलिस के मुताबिक सुबह चार बजे सतेंद्र ने चमन विहार कॉलोनी में कार खड़ी की और मॉर्निंग वॉक पर निधि के साथ मंडी के पीछे कॉलोनी में पहुंच गया। यहां बाकी दोनों हत्यारोपी छिपे हुए थे, इन्होंने मौका देखकर गमछे से उसका गला दबा दिया और भाग निकले। आठ जनवरी की सुबह पुलिस को यहीं सतेंद्र का शव मिला था।
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मां के साथ दुधमुंहा बच्चा भी गया जेल
सतेंद्र की हत्या में जितेंद्र अग्निहोत्री और उसकी पत्नी को पुलिस ने जेल भेज दिया। इसके साथ उनके दुधमुंहे एक साल के बच्चे को भी जेल भेजा गया है। कानून में एक साल के बच्चे को उसकी मां से अलग नहीं किया जा सकता। बच्चे को हत्यारोपी मां के साथ अलीगढ़ जेल भेजा गया है। जेल भेजे जाने से पहले कोर्ट में पेश किए गए हत्यारोपियों के साथ इस बच्चे को देखकर हर कोई उसकी किस्मत पर दुख जता रहा था।
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एसपी से मिले हत्यारोपियों के परिजन
पुलिस के आरोपियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज करने के बाद उनके परिजन बसपा नेता आशीष शर्मा के साथ एसपी कार्यालय पहुंचे। अश्वनी सूरी के भाई गुलशन सूरी ने एसपी डॉ. एस चन्नप्पा को बताया कि हत्यारोपियों को पुलिस ने झूठा फंसाया है। पुलिस सही आरोपियों को नहीं पकड़ सकी तो खुलासे के दबाव में ऐसे लोगों को पकड़ लिया जिनका इस वारदात से कोई लेना-देना नहीं है। एसपी ने परिजनों को कहा कि पुलिस ने अपनी जांच के बाद मुकदमा दर्ज किया है। परिजनों को पहले ही शिकायत करनी चाहिए थी।
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गिरफ्तारी में पुलिस ने दिखाई होशियारी
थाना हाथरस गेट पुलिस पर हाईप्रोफाइल लोगों से जुड़े इस हत्याकांड के खुलासे का दबाव बढ़ता जा रहा था। पुलिस अगर जल्दबाजी नहीं दिखाती तो आरोपियाें को बचाने का तगड़ा राजनीतिक दबाव भी उसे झेलना पड़ सकता था। इससे बचने के लिए पुलिस ने होशियारी दिखाई। हत्या से जुड़े सुराग जुटाने के बाद पुलिस ने आरोपियों को पूछताछ के बहाने थाने बुलाया। रातभर इनसे पूछताछ की गई। इस पर भी आरोपियों को यह अहसास नहीं था कि पुलिस उन्हें जेल भेजने वाली है। पूछताछ के बाद पुलिस ने चुपचाप मुकदमा दर्ज कर लिया। जैसे ही आरोपियों को डॉक्टरी परीक्षण के लिए ले जाया गया, उनके होश उड़ गए। एक आरोपी का ब्लड प्रेशर बढ़ गया। पुलिस पर कार्रवाई न करने का दबाव आया लेकिन तब तक मुकदमा लिखा जा चुका था।