{"_id":"56fac7ce4f1c1bec33f0065d","slug":"grab-the-loan-amount-charged-on-bank-manager","type":"story","status":"publish","title_hn":"बैंक मैनेजर पर लोन की रकम हड़पने का आरोप","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
बैंक मैनेजर पर लोन की रकम हड़पने का आरोप
हाथरस/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 30 Mar 2016 12:10 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हाथरस। मूल रूप से सासनी निवासी राहुल सिंह ने थाना हाथरस गेट पुलिस को शिकायत कर एक बैंक के मैनेजर पर उन्हें मिले लोन के 1.70 लाख रुपये हड़पने का आरोप लगाया है। युवक ने कहा है कि आरोपी मैनेजर का ट्रांसफर हो गया है और वह लोन की रकम लेकर भाग गया है। हालांकि पुलिस आरोपों की जांच कर रही है और इसके बाद ही मुकदमा दर्ज करने की बात कह रही है।
राहुल के मुताबिक बीते साल 28 अगस्त को उसने पत्नी के नाम पर प्रधानमंत्री रोजगार योजना के तहत दो लाख रुपये का लोन लिया था। लोन दिलाने में पत्नी के एक रिश्ते के चाचा की भूमिका भी रही, जो बैंक मैनेजर के नजदीक था। राहुल के मुताबिक लोन की रकम का डिमांड ड्राफ्ट उनकी पत्नी को न देकर उसके चाचा को दिया गया। दो हफ्ते बाद मैनेजर ने इसमें से केवल 30 हजार रुपये दिए और बाकी 1.70 लाख रुपये बाद में देने को कहा। राहुल ने इससे तंग आकर लोन बंद करने को कहा। आरोप है कि मैनेजर ने राहुल की पत्नी को झांसा देकर शपथपत्रों पर हस्ताक्षर करा लिए जिसमें बैंक मैनेजर के रिश्वत न लेने और उसके व्यवहार से संतुष्ट होने की बात लिखी थी। इसके बाद राहुल की पत्नी के खाते से एक लाख रुपये उसके चाचा के खाते में पहुंचा दिए गए। इसके कुछ मिनट बाद 90 हजार रुपये वापस पत्नी के खाते में आ गए। मैनेजर ने राहुल पर लोन वापस शुरू किए जाने का दबाव भी बनाया। ट्रांसफर होने के बाद भी उसने राहुल को पुलिस में शिकायत न करने को कहा। मैनेजर ने 12 मार्च तक पैसा लौटाने की बात कही थी। राहुल ने पुलिस को दी शिकायत में कहा है कि 20 मार्च को उसकी पत्नी का चाचा घर आया और बकाया रकम मांगने पर जान से मारने की धमकी दी। थानाध्यक्ष केपी सिंह का कहना है कि वह आरोपों की जांच कर रहे हैं। सही पाए जाने पर मुकदमा दर्ज किया जाएगा।
विज्ञापन
राहुल के मुताबिक बीते साल 28 अगस्त को उसने पत्नी के नाम पर प्रधानमंत्री रोजगार योजना के तहत दो लाख रुपये का लोन लिया था। लोन दिलाने में पत्नी के एक रिश्ते के चाचा की भूमिका भी रही, जो बैंक मैनेजर के नजदीक था। राहुल के मुताबिक लोन की रकम का डिमांड ड्राफ्ट उनकी पत्नी को न देकर उसके चाचा को दिया गया। दो हफ्ते बाद मैनेजर ने इसमें से केवल 30 हजार रुपये दिए और बाकी 1.70 लाख रुपये बाद में देने को कहा। राहुल ने इससे तंग आकर लोन बंद करने को कहा। आरोप है कि मैनेजर ने राहुल की पत्नी को झांसा देकर शपथपत्रों पर हस्ताक्षर करा लिए जिसमें बैंक मैनेजर के रिश्वत न लेने और उसके व्यवहार से संतुष्ट होने की बात लिखी थी। इसके बाद राहुल की पत्नी के खाते से एक लाख रुपये उसके चाचा के खाते में पहुंचा दिए गए। इसके कुछ मिनट बाद 90 हजार रुपये वापस पत्नी के खाते में आ गए। मैनेजर ने राहुल पर लोन वापस शुरू किए जाने का दबाव भी बनाया। ट्रांसफर होने के बाद भी उसने राहुल को पुलिस में शिकायत न करने को कहा। मैनेजर ने 12 मार्च तक पैसा लौटाने की बात कही थी। राहुल ने पुलिस को दी शिकायत में कहा है कि 20 मार्च को उसकी पत्नी का चाचा घर आया और बकाया रकम मांगने पर जान से मारने की धमकी दी। थानाध्यक्ष केपी सिंह का कहना है कि वह आरोपों की जांच कर रहे हैं। सही पाए जाने पर मुकदमा दर्ज किया जाएगा।
विज्ञापन