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हत्या के आरोपी पूर्व विधायक देवेंद्र ने किया आत्मसमर्पण
अमर उजाला ब्यूरो/ हाथरस।
Updated Wed, 29 Mar 2017 11:16 PM IST
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बुधवार को पुष्पेंद्र हत्याकांड के आरोपी पूर्व विधायक देवेंद्र अग्रवाल सहित अन्य आरोपी कोर्ट में सरेंडर करने जाते हुए।
- फोटो : अमर उजाला
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मतदान से ठीक पहले 8 फरवरी को मानिकपुर में हुए खूनी संघर्ष में बसपा समर्थक पुष्पेंद्र की हत्या के आरोपी सपा के पूर्व विधायक देवेंद्र अग्रवाल, उनके बड़े भाई राकेश अग्रवाल, बेटे चंदन अग्रवाल और पीए दीप वार्ष्णेय ने बुधवार को सीजेएम कोर्ट हाथरस में आत्मसमर्पण कर दिया। सुप्रीमकोर्ट में दाखिल एसएलपी खारिज होने के बाद आरोपियों के पास सरेंडर के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा था। आत्मसमर्पण के बाद सीजेएम कोर्ट ने चारों आरोपियों को जेल भेजने का आदेश दिया। पूर्व विधायक के भतीजे अतुल अग्रवाल समेत सात आरोपी अभी भी पुलिस की पकड़ से दूर हैं।
गौरतलब है कि पुष्पेंद्र की हत्या के मामले में पुलिस की लचर विवेचना को लेकर मृतक के पिता रामहरि शर्मा ने उच्च न्यायालय में याचिका दाखिल की थी। याचिका पर मुख्य न्यायाधीश डी.बी.भोसले और न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा की खंडपीठ सुनवाई कर रही है। कोर्ट ने विवेचना के तरीके पर नाराजगी जताते हुए आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं करने पर पुलिस को फटकार लगाई थी। इस आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंचे पूर्व विधायक की एसएलपी भी खारिज कर दी गई थी। इसके बाद देवेंद्र अग्रवाल और दूसरे आरोपियों के पास सरेंडर करने के अलावा कोई चारा नहीं बचा था। देवेंद्र अग्रवाल के अधिवक्ता ने कोर्ट में समर्पण के लिए हाईकोर्ट से समय मांगा था। अब इस मामले में अब अगली सुनवाई तीन अप्रैल को होगी।
यह था मामला
पुष्पेंद्र के पिता रामहरि शर्मा द्वारा दाखिल की गई अर्जी में कहा गया है कि आठ फरवरी को हाथरस में बसपा के पूर्व मंत्री रामवीर उपाध्याय के पुत्र चिरागवीर उपाध्याय चुनाव प्रचार कर रहे थे। उनकी गाड़ी को असलहाधारियों ने घेर लिया और जमकर फायरिंग की। इस घटना में चिराग के साथ मौजूद उसके बेटे पुष्पेंद्र शर्मा की मृत्यु हो गई और चार लोग घायल हो गए। रामहरि ने तत्कालीन सपा विधायक देवेंद्र अग्रवाल और 15 अन्य लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी। इसके बाद विवेचना अलीगढ़ क्राइम ब्रांच को ट्रांसफर कर दी गई। इस मामले में पांच आरोपियों को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है।
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गौरतलब है कि पुष्पेंद्र की हत्या के मामले में पुलिस की लचर विवेचना को लेकर मृतक के पिता रामहरि शर्मा ने उच्च न्यायालय में याचिका दाखिल की थी। याचिका पर मुख्य न्यायाधीश डी.बी.भोसले और न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा की खंडपीठ सुनवाई कर रही है। कोर्ट ने विवेचना के तरीके पर नाराजगी जताते हुए आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं करने पर पुलिस को फटकार लगाई थी। इस आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंचे पूर्व विधायक की एसएलपी भी खारिज कर दी गई थी। इसके बाद देवेंद्र अग्रवाल और दूसरे आरोपियों के पास सरेंडर करने के अलावा कोई चारा नहीं बचा था। देवेंद्र अग्रवाल के अधिवक्ता ने कोर्ट में समर्पण के लिए हाईकोर्ट से समय मांगा था। अब इस मामले में अब अगली सुनवाई तीन अप्रैल को होगी।
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यह था मामला
पुष्पेंद्र के पिता रामहरि शर्मा द्वारा दाखिल की गई अर्जी में कहा गया है कि आठ फरवरी को हाथरस में बसपा के पूर्व मंत्री रामवीर उपाध्याय के पुत्र चिरागवीर उपाध्याय चुनाव प्रचार कर रहे थे। उनकी गाड़ी को असलहाधारियों ने घेर लिया और जमकर फायरिंग की। इस घटना में चिराग के साथ मौजूद उसके बेटे पुष्पेंद्र शर्मा की मृत्यु हो गई और चार लोग घायल हो गए। रामहरि ने तत्कालीन सपा विधायक देवेंद्र अग्रवाल और 15 अन्य लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी। इसके बाद विवेचना अलीगढ़ क्राइम ब्रांच को ट्रांसफर कर दी गई। इस मामले में पांच आरोपियों को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है।
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