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फसल नष्ट होने के सदमे से किसान की मौत
क्राइम डेस्क, अमर उजाला, सासनी (हाथरस)।
Updated Wed, 11 Apr 2018 11:41 PM IST
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किसान रवेंद्र शर्मा का फाइल फोटो।
- फोटो : Amar Ujala
थानाक्षेत्र के अंतर्गत गांव नगला हरिया में बुधवार सुबह खेत पर गए एक किसान की मौत हो गई। परिजनों का कहना है कि उसकी मौत बेमौसम बारिश से फसल नष्ट हो जाने के सदमे के कारण हृदयगति रुकने से हुई है। उसने खेती के लिए बैंक से कर्ज भी ले रखा था। सूचना पाकर तहसील की राजस्व टीम गांव पहुंच गई। प्रशासन का कहना कि इस किसान की मौत टीबी की बीमारी के कारण हुई है। परिजनों ने पोस्टमार्टम कराए बिना शव का अंतिम संस्कार कर दिया।
गांव नगला हरिया के माजरा समामई रूहल निवासी रवेंद्र शर्मा उर्फ कन्हैया पुत्र रमेश चंद्र (40) बुधवार की सुबह अपने खेत पर गए थे। वहां उन्होंने बेमौसम बारिश से नष्ट हो गई अपनी फसल देखी तो तनाव में आ गए। रवेंद्र के भाई दिनेश ने बताया कि पांच बीघा जमीन पैतृक होने के साथ-साथ उन्होंने पचीस बीघा भूमि पट्टे पर लेकर खेती की थी।
खेती ही उसके परिवार की आय का एकमात्र जरिया था। उन्होंने फसल के लिए बैंक का साढ़े चार लाख रुपये का कर्ज भी ले रखा था। फसल बर्बाद होनेे के सदमे में खेत पर ही रवेंद्र की हदयगति रुकने मौत हो गई। मौत की सूचना पाकर घटना स्थल पर गांव वालों की भीड़ लग गई। परिवार में करुण क्रंदन मच गया। सूचना पर राजस्व टीम मौके पर पहुंच गई। एसडीएम अंजुम बी का कहना है कि मृतक किसान टीबी रोग से पीड़ित था। अपनी चाय की दुकान पर बैठा था। खून की उल्टी होने से उसकी मौत हो गई है। यद्यपि दिनेश ने रवेंद्र को टीबी होने से इनकार किया है। बाद में बिना पोस्टमार्टम कराए ही शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया।
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गांव नगला हरिया के माजरा समामई रूहल निवासी रवेंद्र शर्मा उर्फ कन्हैया पुत्र रमेश चंद्र (40) बुधवार की सुबह अपने खेत पर गए थे। वहां उन्होंने बेमौसम बारिश से नष्ट हो गई अपनी फसल देखी तो तनाव में आ गए। रवेंद्र के भाई दिनेश ने बताया कि पांच बीघा जमीन पैतृक होने के साथ-साथ उन्होंने पचीस बीघा भूमि पट्टे पर लेकर खेती की थी।
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खेती ही उसके परिवार की आय का एकमात्र जरिया था। उन्होंने फसल के लिए बैंक का साढ़े चार लाख रुपये का कर्ज भी ले रखा था। फसल बर्बाद होनेे के सदमे में खेत पर ही रवेंद्र की हदयगति रुकने मौत हो गई। मौत की सूचना पाकर घटना स्थल पर गांव वालों की भीड़ लग गई। परिवार में करुण क्रंदन मच गया। सूचना पर राजस्व टीम मौके पर पहुंच गई। एसडीएम अंजुम बी का कहना है कि मृतक किसान टीबी रोग से पीड़ित था। अपनी चाय की दुकान पर बैठा था। खून की उल्टी होने से उसकी मौत हो गई है। यद्यपि दिनेश ने रवेंद्र को टीबी होने से इनकार किया है। बाद में बिना पोस्टमार्टम कराए ही शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया।
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