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बसपाइयों ने घेरी कोतवाली, सीओ से नोकझोंक
हाथरस/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 06 May 2016 11:17 PM IST
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कोतवाली के गेट पर बसपाईयों के साथ घेराव करते जिला पंचायत अध्यक्ष विनोद उपाध्याय।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो हाथरस
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हाथरस। भारी पुलिस बल के साथ पूर्व मंत्री रामवीर उपाध्याय और उनके भाई के घर पुलिस की दबिश से बसपा नेताओं और कार्यकर्ताओं का गुस्सा फूट पड़ा। पूर्व मंत्री के लेबर कॉलोनी स्थित आवास पर इकट्ठा होने के बाद सैकड़ों कार्यकर्ता और बसपा के पदाधिकारी एक साथ पुलिस प्रशासन के विरुद्ध नारेबाजी करते हुए सदर कोतवाली पहुंचे। यहां बसपाइयों की सीओ प्रीति सिंह से नोकझोंक भी हो गई। कोतवाली में काफी देर तक पुलिस-प्रशासन के विरुद्ध नारेबाजी हुई। सैकड़ों बसपा कार्यकर्ताओं ने कोतवाली में पुलिस-प्रशासन मुर्दाबाद के नारे लगाए और वह जमीन पर लेट गए।
यहां पूर्व मंत्री के छोटे भाई और जिला पंचायत अध्यक्ष विनोद उपाध्याय ने पुलिस पर सत्ता के इशारे पर काम करने का आरोप लगाया। उन्होंने दबिश के दौरान पुलिस प्रशासन पर अभद्रता करने का आरोप लगाते हुए एसपी को ज्ञापन सौंपा और आरोपी पुलिसकर्मियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की। आरोप-प्रत्यारोप के दौरान उनकी सीओ सिटी प्रीति सिंह से भी नोक-झोंक भी हुई।
एसपी को साैंपे ज्ञापन में जिला पंचायत अध्यक्ष विनोद उपाध्याय ने कहा है कि सुबह करीब दस बजे वह आगरा रोड स्थित बामौली हाउस पर मौजूद थे। उस समय वह कई लोग उनके पास अपनी समस्याओं को लेकर आए हुए थे। तभी सीओ सिटी प्रीति सिंह हाथरस गेट, सदर कोतवाली, सादाबाद, हाथरस जंक्शन आदि थानों के फोर्स और पीएसी के साथ घर में घुसीं और बिना कोई कारण बताए तलाशी शुरू कर दी। कारण पूछने पर कोई जवाब नहीं दिया और मेरे साथ अपराधियों जैसा व्यवहार किया। शौचालयों के दरवाजों को तोड़कर तलाशी ली गई। रोकने पर अभद्रता की गई। सादाबाद स्थित रामवती कुंज में भी पुलिस ने इसी तरह दबिश दी और जिला पंचायत अध्यक्ष की गैरहाजिरी में उनकी पत्नी सरोज उपाध्याय के साथ अभद्रता की। विनोद उपाध्याय ने कहा कि रामेश्वर उपाध्याय कोई जघन्य अपराधी नहीं है। उनकी गिरफ्तारी के लिए कुछ पुलिसकर्मी जा सकते थे। सत्ता के इशारे पर ज्यादा पुलिस कर्मियों को भेजकर रामेश्वर की मानहानि की कोशिश की गई है। कोर्ट से हर रोज कई अपराधियों के लिए गैर जमानती वारंट जारी होते हैं। हर मामले में पुलिस इस तरह दबिश क्यों नहीं देती। उपाध्याय ने एसपी से कहा कि वह दबिश देने वाले पुलिस अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई करें। सीओ सिटी प्रीति सिंह का कहना है कि उन पर अभद्रता करने और घर में तोड़फोड़ करने का आरोप गलत हैं। पूरे मामले की वीडियोग्राफी कराई गई है। एसपी डॉ. अजयपाल शर्मा का कहना है कि विनोद उपाध्याय की शिकायत पर वह इस मामले की जांच कराएंगे। अगर किसी ने अभद्रता की है तो उसके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। प्रदर्शनकारियों में बसपा जिलाध्यक्ष दिनेश देशमुख, मंडल कोऑर्डिनेटर बृजमोहन राही, केसी निराला, सूरज पाल सिंह, राजू वाल्मींकि, जितेंद्र चौधरी, इंद्रजीत, विनोद कुमार शास्त्री, भगवान सिंह, सोवी कुरैशी, आशीष दीक्षित, राजकुमार, शिव कुमार, सुरेश चंद्र, राजकुमार, नरोत्तम, डॉ. सतीश आदि शामिल रहे।
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यहां पूर्व मंत्री के छोटे भाई और जिला पंचायत अध्यक्ष विनोद उपाध्याय ने पुलिस पर सत्ता के इशारे पर काम करने का आरोप लगाया। उन्होंने दबिश के दौरान पुलिस प्रशासन पर अभद्रता करने का आरोप लगाते हुए एसपी को ज्ञापन सौंपा और आरोपी पुलिसकर्मियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की। आरोप-प्रत्यारोप के दौरान उनकी सीओ सिटी प्रीति सिंह से भी नोक-झोंक भी हुई।
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एसपी को साैंपे ज्ञापन में जिला पंचायत अध्यक्ष विनोद उपाध्याय ने कहा है कि सुबह करीब दस बजे वह आगरा रोड स्थित बामौली हाउस पर मौजूद थे। उस समय वह कई लोग उनके पास अपनी समस्याओं को लेकर आए हुए थे। तभी सीओ सिटी प्रीति सिंह हाथरस गेट, सदर कोतवाली, सादाबाद, हाथरस जंक्शन आदि थानों के फोर्स और पीएसी के साथ घर में घुसीं और बिना कोई कारण बताए तलाशी शुरू कर दी। कारण पूछने पर कोई जवाब नहीं दिया और मेरे साथ अपराधियों जैसा व्यवहार किया। शौचालयों के दरवाजों को तोड़कर तलाशी ली गई। रोकने पर अभद्रता की गई। सादाबाद स्थित रामवती कुंज में भी पुलिस ने इसी तरह दबिश दी और जिला पंचायत अध्यक्ष की गैरहाजिरी में उनकी पत्नी सरोज उपाध्याय के साथ अभद्रता की। विनोद उपाध्याय ने कहा कि रामेश्वर उपाध्याय कोई जघन्य अपराधी नहीं है। उनकी गिरफ्तारी के लिए कुछ पुलिसकर्मी जा सकते थे। सत्ता के इशारे पर ज्यादा पुलिस कर्मियों को भेजकर रामेश्वर की मानहानि की कोशिश की गई है। कोर्ट से हर रोज कई अपराधियों के लिए गैर जमानती वारंट जारी होते हैं। हर मामले में पुलिस इस तरह दबिश क्यों नहीं देती। उपाध्याय ने एसपी से कहा कि वह दबिश देने वाले पुलिस अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई करें। सीओ सिटी प्रीति सिंह का कहना है कि उन पर अभद्रता करने और घर में तोड़फोड़ करने का आरोप गलत हैं। पूरे मामले की वीडियोग्राफी कराई गई है। एसपी डॉ. अजयपाल शर्मा का कहना है कि विनोद उपाध्याय की शिकायत पर वह इस मामले की जांच कराएंगे। अगर किसी ने अभद्रता की है तो उसके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। प्रदर्शनकारियों में बसपा जिलाध्यक्ष दिनेश देशमुख, मंडल कोऑर्डिनेटर बृजमोहन राही, केसी निराला, सूरज पाल सिंह, राजू वाल्मींकि, जितेंद्र चौधरी, इंद्रजीत, विनोद कुमार शास्त्री, भगवान सिंह, सोवी कुरैशी, आशीष दीक्षित, राजकुमार, शिव कुमार, सुरेश चंद्र, राजकुमार, नरोत्तम, डॉ. सतीश आदि शामिल रहे।
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