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गुमनाम लाशों का सेफ जोन बन गया सासनी
हाथरस/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 29 Mar 2016 12:13 AM IST
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घटनास्थल पर पहुंची पुलिस और ग्रामीण
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो हाथरस
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सासनी/हाथरस। क्षेत्र में इस तरह गुमनाम लाशें मिलने का यह पहला मामला नहीं हैं। इससे पूर्व भी इलाके में महिलाओं और लड़कियों की हत्या करके लाश फेंकी जाती रही हैं, लेकिन अफसोस की बात यह है कि आज तक इनमें से किसी की पहचान नहीं हो पाई है और न हीं पुलिस ने इसके लिए कोई खास प्रयास किए हैं।
करीब ढाई साल पहले भी सासनी में गांव भोजगढ़ी के निकट बैग में बंद एक युवती की लाश मिली थी। पहनावे से यह लड़की किसी अच्छे घराने की मालूम होती थी। लाश कई दिन पुरानी होने की वजह से उसका चेहरा भी विकृत हो चुका था। हालांकि पुलिस ने इसकी शिनाख्त का प्रयास भी नहीं किया, लेकिन सफलता नहीं मिली, जिसके बाद पुलिस हारकर बैठ गई। इसके कुछ समय बाद ही विजयगढ़ रोड पर गंदे नाले के निकट भी एक युवती की लाश बरामद की गई थी। यह लाश भी काफी विकृत हो चुकी थी और इसे भी हत्या करने के बाद यहां फेंके जाने की आशंका थी। इसी दरम्यां मंगलायतन के निकट सुसायत खुर्द के जंगलों में भी एक लावारिस युवक की लाश बरामद हुई। इसे भी हत्या करके फेंका गया था। हालांकि बाद में इसकी शिनाख्त हो गई थी। अब तीसरी लावारिस लाश मिलने से एक बार फिर यह बात साफ हो गई है कि सासनी लावारिस लाशों का सेफ जोन बन गया है। पुलिस की ढिलाई से हत्यारों का मंसूबा यहां आसानी से पूरा हो रहा है।
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करीब ढाई साल पहले भी सासनी में गांव भोजगढ़ी के निकट बैग में बंद एक युवती की लाश मिली थी। पहनावे से यह लड़की किसी अच्छे घराने की मालूम होती थी। लाश कई दिन पुरानी होने की वजह से उसका चेहरा भी विकृत हो चुका था। हालांकि पुलिस ने इसकी शिनाख्त का प्रयास भी नहीं किया, लेकिन सफलता नहीं मिली, जिसके बाद पुलिस हारकर बैठ गई। इसके कुछ समय बाद ही विजयगढ़ रोड पर गंदे नाले के निकट भी एक युवती की लाश बरामद की गई थी। यह लाश भी काफी विकृत हो चुकी थी और इसे भी हत्या करने के बाद यहां फेंके जाने की आशंका थी। इसी दरम्यां मंगलायतन के निकट सुसायत खुर्द के जंगलों में भी एक लावारिस युवक की लाश बरामद हुई। इसे भी हत्या करके फेंका गया था। हालांकि बाद में इसकी शिनाख्त हो गई थी। अब तीसरी लावारिस लाश मिलने से एक बार फिर यह बात साफ हो गई है कि सासनी लावारिस लाशों का सेफ जोन बन गया है। पुलिस की ढिलाई से हत्यारों का मंसूबा यहां आसानी से पूरा हो रहा है।
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