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फर्जी सर्टिफिकेट से नौकरी पाने का आरोप
हाथरस/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 04 Jun 2016 11:47 PM IST
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हाथरस। शहर के मोहल्ला रमनपुर निवासी हरी सिंह ने कमिश्नर अलीगढ़ मंडल को शिकायत भेजी है। इसकी एक प्रति मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को भी भेजी गई है। पूर्व एडीएम पर एक शिक्षिका से साठगांठ कर गलत तरीके से शिक्षिका का वेतन जारी कराने के आरोप लगाए हैं। शिकायत की जांच कराके कार्रवाई करने की मांग की है।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि हाथरस विकास खंड के एक पूर्व माध्यमिक विद्यालय में तैनात शिक्षिका ने बीएड के फर्जी शैक्षिक प्रमाण पत्र के आधार पर बेसिक शिक्षा विभाग में नौकरी पा ली। शिक्षिका ने जिस टीकाराम महाविद्यालय से बीएड की डिग्री प्राप्त करने का प्रमाण पत्र विभाग को सौंपा है, उसके बारे में आरटीआई के तहत मिली बीएड प्रशिक्षुओं की सूची भी भेजी है। शिकायत के आधार पर जब बीएसए ने शिक्षिका का वेतन रोका तो एडीएम ने गलत तथ्यों के आधार पर शिक्षिका का वेतन बहाल करा दिया। वेतन बहाली के लिए आगरा विश्वविद्यालय से प्राप्त दिखाई गई मार्कशीट को ही आधार माना गया है, जबकि किसी भी बीएड प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले के संबंधित कॉलेज में कई साक्ष्य होते हैं। शिकायत में यह भी कहा गया है कि विवि से फर्जी बीएड की डिग्री जारी होने की एसआईटी जांच भी चल रही है, लेकिन इन सभी तथ्यों को नजरअंदाज कर दिया गया है।
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शिकायतकर्ता का आरोप है कि हाथरस विकास खंड के एक पूर्व माध्यमिक विद्यालय में तैनात शिक्षिका ने बीएड के फर्जी शैक्षिक प्रमाण पत्र के आधार पर बेसिक शिक्षा विभाग में नौकरी पा ली। शिक्षिका ने जिस टीकाराम महाविद्यालय से बीएड की डिग्री प्राप्त करने का प्रमाण पत्र विभाग को सौंपा है, उसके बारे में आरटीआई के तहत मिली बीएड प्रशिक्षुओं की सूची भी भेजी है। शिकायत के आधार पर जब बीएसए ने शिक्षिका का वेतन रोका तो एडीएम ने गलत तथ्यों के आधार पर शिक्षिका का वेतन बहाल करा दिया। वेतन बहाली के लिए आगरा विश्वविद्यालय से प्राप्त दिखाई गई मार्कशीट को ही आधार माना गया है, जबकि किसी भी बीएड प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले के संबंधित कॉलेज में कई साक्ष्य होते हैं। शिकायत में यह भी कहा गया है कि विवि से फर्जी बीएड की डिग्री जारी होने की एसआईटी जांच भी चल रही है, लेकिन इन सभी तथ्यों को नजरअंदाज कर दिया गया है।
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