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हत्या के आरोपी को आजीवन कारावास
ब्यूूूराे अमर उजाला, हाथ्ारस
Updated Fri, 25 Nov 2016 11:58 PM IST
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court shimla
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हाथरस। अपर सत्र न्यायाधीश तृतीय एसएन त्रिपाठी के न्यायालय ने हत्या के एक आरोपी को दोषी माना है। न्यायालय ने आरोपी को उम्र कैद एवं 40 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। अर्थदंड नहीं देने की स्थिति में 10 माह का अतिरिक्त कारावास भी भोगना होगा।
अभियोजन पक्ष के मुताबिक प्रभाकर बर्मन निवासी हनुमान गली ने 15 मार्च 2007 को एक प्रार्थना पत्र धारा 156 (3) के तहत मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट हाथरस के न्यायालय में पेश किया, जिसमें प्रभाकर बर्मन निवासी हनुमान गली के पास पन्नालाल लोहिया धर्मशाला हाथरस ने कहा कि 21 फरवरी 2007 को सायं साढ़े चार बजे उसके पुत्र देवेंद्र को हुकम सिंह पुत्र विपतीराम निवासी नवीपुर कलां थाना कोतवाली हाथरस अपने साथ लिवाकर ले गया।
शाम को उसके पुत्र के घर वापस नहीं आने पर टेलीफोन पर हुकुम सिंह से पूछा तो उसने कह दिया कि देवेंद्र बाबू सो गए हैं वह सुबह आ जाएंगे। 22 फरवरी 2007 को सूचना मिली कि उसके पुत्र की हत्या रात्रि में हुकुम सिंह ने अन्य लोगों के सहयोग से सिर धड़ से अलग करके कर दी है। इसके बाद सुनियोजित तरीके से शव को उत्तर-मध्य रेलवे के स्टेशन हाथरस किला के ट्रैक पर रख दिया, जिससे इस प्रकरण को हत्या की जगह आत्महत्या का रूप दे दिया जाए।
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मृतक ने हुकुम सिंह को अपने साले की नौकरी की खातिर 1.30 लाख रुपये दिया था, जिसे वह वापस नहीं कर रहा था। इसे लेकर दोनों के बीच हॉट-टॉक भी हुई थी। लाश जब तक ट्रैक पर रखी गई। तब तक एचएडी ट्रेन निकल चुकी थी। न्यायालय ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद इस मामले में अभियुक्त हुकुम सिंह पुत्र विपतीराम निवासी नवीपुर कलां थाना कोतवाली हाथरस को सजा सुनाई। इस मामले में वादी की ओर से पैरवी एडीजीसी राजेंद्र वार्ष्णेय ने की।
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अभियोजन पक्ष के मुताबिक प्रभाकर बर्मन निवासी हनुमान गली ने 15 मार्च 2007 को एक प्रार्थना पत्र धारा 156 (3) के तहत मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट हाथरस के न्यायालय में पेश किया, जिसमें प्रभाकर बर्मन निवासी हनुमान गली के पास पन्नालाल लोहिया धर्मशाला हाथरस ने कहा कि 21 फरवरी 2007 को सायं साढ़े चार बजे उसके पुत्र देवेंद्र को हुकम सिंह पुत्र विपतीराम निवासी नवीपुर कलां थाना कोतवाली हाथरस अपने साथ लिवाकर ले गया।
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शाम को उसके पुत्र के घर वापस नहीं आने पर टेलीफोन पर हुकुम सिंह से पूछा तो उसने कह दिया कि देवेंद्र बाबू सो गए हैं वह सुबह आ जाएंगे। 22 फरवरी 2007 को सूचना मिली कि उसके पुत्र की हत्या रात्रि में हुकुम सिंह ने अन्य लोगों के सहयोग से सिर धड़ से अलग करके कर दी है। इसके बाद सुनियोजित तरीके से शव को उत्तर-मध्य रेलवे के स्टेशन हाथरस किला के ट्रैक पर रख दिया, जिससे इस प्रकरण को हत्या की जगह आत्महत्या का रूप दे दिया जाए।
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मृतक ने हुकुम सिंह को अपने साले की नौकरी की खातिर 1.30 लाख रुपये दिया था, जिसे वह वापस नहीं कर रहा था। इसे लेकर दोनों के बीच हॉट-टॉक भी हुई थी। लाश जब तक ट्रैक पर रखी गई। तब तक एचएडी ट्रेन निकल चुकी थी। न्यायालय ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद इस मामले में अभियुक्त हुकुम सिंह पुत्र विपतीराम निवासी नवीपुर कलां थाना कोतवाली हाथरस को सजा सुनाई। इस मामले में वादी की ओर से पैरवी एडीजीसी राजेंद्र वार्ष्णेय ने की।