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दहेज हत्या में पति को साढे़ तीन साल कैद
ब्यूूूराे अमर उजाला, हाथ्ारस
Updated Tue, 14 Jun 2016 11:33 PM IST
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कोर्ट
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हाथरस। अपर सत्र न्यायाधीश एफटीसी प्रथम राजकुमार बंसल के न्यायालय ने दहेज हत्या के आरोपी पति को दोषी करार दिया है। न्यायालय ने दोषी को साढे़ तीन वर्ष की कैद और पांच हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड अदा नहीं करने की स्थिति में दोषी को एक माह का अतिरिक्त कारावास भी भोगना होगा। पूर्व में जेल में बिताई गई अवधि भी सजा में समायोजित की जाएगी।
कोतवाली हाथरस गेट में मृतका शमां परवीन के पिता शानुद्दीन का आरोप था कि उसने अपनी पुत्र की शादी 9 अप्रैल, 2010 को मुस्लिम रीति-रिवाज के अनुसार शकील पुत्र लतीफ निवासी नई बस्ती इस्लाम नगर पत्थरवाली रोड थाना हाथरस गेट के साथ की थी। इसमें उसने करीब चार लाख रुपये खर्च किए थे, लेकिन उसका पति लेकिन शकील के परिजन दहेज से संतुष्ट नहीं थे और एक लाख रुपये और मोटर साइकिल की मांग कर रहे थे।
शानुद्दीन के मुताबिक 11 जनवरी 2013 को उसको सूचना मिली कि उसकी लड़की की हत्या कर दी गई है। जब वह अपने परिवार के अन्य सदस्यों के साथ मौके पर आया तो उसकी पुत्री का शव पड़ा हुआ था। पुलिस ने जांच कर शकील के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। न्यायालय ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद सजा का फैसला सुनाया। वादी की ओर से पैरवी शासकीय अधिवक्ता एसएस चौहान ने की।
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कोतवाली हाथरस गेट में मृतका शमां परवीन के पिता शानुद्दीन का आरोप था कि उसने अपनी पुत्र की शादी 9 अप्रैल, 2010 को मुस्लिम रीति-रिवाज के अनुसार शकील पुत्र लतीफ निवासी नई बस्ती इस्लाम नगर पत्थरवाली रोड थाना हाथरस गेट के साथ की थी। इसमें उसने करीब चार लाख रुपये खर्च किए थे, लेकिन उसका पति लेकिन शकील के परिजन दहेज से संतुष्ट नहीं थे और एक लाख रुपये और मोटर साइकिल की मांग कर रहे थे।
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शानुद्दीन के मुताबिक 11 जनवरी 2013 को उसको सूचना मिली कि उसकी लड़की की हत्या कर दी गई है। जब वह अपने परिवार के अन्य सदस्यों के साथ मौके पर आया तो उसकी पुत्री का शव पड़ा हुआ था। पुलिस ने जांच कर शकील के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। न्यायालय ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद सजा का फैसला सुनाया। वादी की ओर से पैरवी शासकीय अधिवक्ता एसएस चौहान ने की।
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