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आयुर्वेदिक दवा एजेंसी के नाम पर ठगे 52.40 लाख
Updated Thu, 13 Dec 2018 11:32 PM IST
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न्यूज डेस्क अमर उजाला हाथरस
हाथरस। आयुर्वेदिक दवा एजेंसी के नाम पर लखनऊ के पति-पत्नी और उनके बेटे पर 52.40 लाख रुपये की ठगी करने का आरोप है। इसे लेकर हाथरस के व्यक्ति ने तीनों के खिलाफ धोखाधड़ी कर ठगी करने की धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया है।
अलीगढ़ रोड मंडी समिति के सामने प्रो. मैसर्स डेस्टनी नैनोटेक फार्मा प्राइवेट के नाम से दिनेश कुमार पाठक पुत्र रामकुमार पाठक की फर्म है। पाठक ने बताया कि वह आयुर्वेदिक दवाओं का उत्पादन और बिक्री करने का काम करते हैं। 31 मार्च 2016 को एलडीए कॉलोनी कानपुर रोड लखनऊ निवासी दीपारानी पत्नी विकास कुमार गुप्ता, विकास कुमार गुप्ता पुत्र एसएन गुप्ता और विक्की गुप्ता पुत्र विकास कुमार गुप्ता पाठक की फैक्ट्री पर आए और खुद को यूनाइटेड एजेंसी चारबाग स्टेशन रोड लखनऊ का मालिकान बताया।
यहां पर यह भी कहा कि वे आयुर्वेदिक दवाओं का काम करते हैं और विभिन्न राजकीय आयुर्वेदिक यूनानी अस्पतालों में दवाओं की सप्लाई करते हैं। यहां पर 25 प्रतिशत कमीशन नगद लेने की बात पर सहमति बनी। 21 अप्रैल 2016 से तीन मार्च 2017 तक आरोपियों ने 42 लाख 20 हजार 290 रुपये 25 पैसे का माल ले लिया। इनको पाठक द्वारा 10 लाख 20 हजार रुपये कमीशन के तौर पर उनको बैंक खातों के माध्यम से दिए। जब पाठक को इनकी बातों में झोल नजर आया तो अपने पैसे वापस मांगे, लेकिन आरोपियों ने फोन भी रिसीव करना बंद कर दिया।
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दिए गए पते पर लखनऊ में जाकर देखा गया तो पता चला कि वहां पर आयुर्वेदिक दवाओं की कोई एजेंसी नहीं है, बल्कि वहां पर स्टेशनरी की दुकान मिली। आरोपियों ने पाठक को लखनऊ नहीं आने की सलाह देते हुए जान से मारने की धमकी दी है। पाठक की तहरीर के आधार पर पुलिस ने 420, 406 और 506 की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। एसएचओ योगेश कुमार सिरोही ने बताया कि मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले की छानबीन की जा रही है।
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हाथरस। आयुर्वेदिक दवा एजेंसी के नाम पर लखनऊ के पति-पत्नी और उनके बेटे पर 52.40 लाख रुपये की ठगी करने का आरोप है। इसे लेकर हाथरस के व्यक्ति ने तीनों के खिलाफ धोखाधड़ी कर ठगी करने की धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया है।
अलीगढ़ रोड मंडी समिति के सामने प्रो. मैसर्स डेस्टनी नैनोटेक फार्मा प्राइवेट के नाम से दिनेश कुमार पाठक पुत्र रामकुमार पाठक की फर्म है। पाठक ने बताया कि वह आयुर्वेदिक दवाओं का उत्पादन और बिक्री करने का काम करते हैं। 31 मार्च 2016 को एलडीए कॉलोनी कानपुर रोड लखनऊ निवासी दीपारानी पत्नी विकास कुमार गुप्ता, विकास कुमार गुप्ता पुत्र एसएन गुप्ता और विक्की गुप्ता पुत्र विकास कुमार गुप्ता पाठक की फैक्ट्री पर आए और खुद को यूनाइटेड एजेंसी चारबाग स्टेशन रोड लखनऊ का मालिकान बताया।
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यहां पर यह भी कहा कि वे आयुर्वेदिक दवाओं का काम करते हैं और विभिन्न राजकीय आयुर्वेदिक यूनानी अस्पतालों में दवाओं की सप्लाई करते हैं। यहां पर 25 प्रतिशत कमीशन नगद लेने की बात पर सहमति बनी। 21 अप्रैल 2016 से तीन मार्च 2017 तक आरोपियों ने 42 लाख 20 हजार 290 रुपये 25 पैसे का माल ले लिया। इनको पाठक द्वारा 10 लाख 20 हजार रुपये कमीशन के तौर पर उनको बैंक खातों के माध्यम से दिए। जब पाठक को इनकी बातों में झोल नजर आया तो अपने पैसे वापस मांगे, लेकिन आरोपियों ने फोन भी रिसीव करना बंद कर दिया।
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दिए गए पते पर लखनऊ में जाकर देखा गया तो पता चला कि वहां पर आयुर्वेदिक दवाओं की कोई एजेंसी नहीं है, बल्कि वहां पर स्टेशनरी की दुकान मिली। आरोपियों ने पाठक को लखनऊ नहीं आने की सलाह देते हुए जान से मारने की धमकी दी है। पाठक की तहरीर के आधार पर पुलिस ने 420, 406 और 506 की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। एसएचओ योगेश कुमार सिरोही ने बताया कि मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले की छानबीन की जा रही है।