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क्षेत्र का गांव रूदायन पुलिस के रडार पर
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सासनी (हाथरस)
क्षेत्र का गांव रुदायन पुलिस के रडार पर है। 29 वर्ष पहले हुई हिंसा के बाद से इस गांव में वर्ग विशेष के लोग होली नहीं मनाते हैं। हालांकि गांव में एहतियातन हर वर्ष पुलिस फोर्स तैनात रहती है, लेकिन चुनावी माहौल होने के कारण इस बार यहां फोर्स की तैनाती बढ़ाई जा सकती है। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी भी गांव की हर गतिविधि पर पैनी निगाह बनाए हुए हैं।
दरअसल, होलिका दहन स्थल को लेकर ही ग्राम रुदायन में 11 मार्च 1990 को हिंसा हुई थी। गांव में एक दलित व्यक्ति को जिंदा जला दिया गया था। घटना में बड़ी संख्या में गांव के लोग आरोपी बनाए गए थे।
अदालत ने 27 वर्ष बाद निर्णय सुनाते हुए एक आरोपी को फांसी की सजा और 11 आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाई थी। घटना के बाद जमकर राजनीति हुई थी। गांव में उपद्रवियों ने करीब 42 घरों को आग के हवाले कर दिया था। तब से यह गांव होली के मद्देनजर संवेदनशील हो गया है।
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क्षेत्र का गांव रुदायन पुलिस के रडार पर है। 29 वर्ष पहले हुई हिंसा के बाद से इस गांव में वर्ग विशेष के लोग होली नहीं मनाते हैं। हालांकि गांव में एहतियातन हर वर्ष पुलिस फोर्स तैनात रहती है, लेकिन चुनावी माहौल होने के कारण इस बार यहां फोर्स की तैनाती बढ़ाई जा सकती है। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी भी गांव की हर गतिविधि पर पैनी निगाह बनाए हुए हैं।
दरअसल, होलिका दहन स्थल को लेकर ही ग्राम रुदायन में 11 मार्च 1990 को हिंसा हुई थी। गांव में एक दलित व्यक्ति को जिंदा जला दिया गया था। घटना में बड़ी संख्या में गांव के लोग आरोपी बनाए गए थे।
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अदालत ने 27 वर्ष बाद निर्णय सुनाते हुए एक आरोपी को फांसी की सजा और 11 आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाई थी। घटना के बाद जमकर राजनीति हुई थी। गांव में उपद्रवियों ने करीब 42 घरों को आग के हवाले कर दिया था। तब से यह गांव होली के मद्देनजर संवेदनशील हो गया है।
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