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नहीं बच सकी नवजात शिशु की जान

Thu, 07 Feb 2019 06:28 PM IST
Aligarh Bureau अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Thu, 07 Feb 2019 06:28 PM IST
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नहीं बच सकी नवजात शिशु की जान
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
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एनएच पर दुर्घटना के चलते जब आरती बस के नीचे दब गई तो उसके गर्भ में पल रहा शिशु जीवित अवस्था में बाहर आ गया। उसका जीवन बचाने के लिए मौके पर मौजूद एडीएम ने उसे आनन-फानन में अपनी गाड़ी से जिला अस्पताल भिजवाया लेकिन उसने अस्पताल आने तक दम तोड़ दिया। तीन मौतों ने सभी को झकझोंक दिया और मौके का दृश्य बेहद हृदय विदारक था।

रवि निवासी कुंवरपुर अपनी पत्नी आरती व बेटी भूमि को बाइक पर बैठाकर शहर ला रहा था। इसी बीच आवारा पशु को बचाने के चक्कर में बस पलटी, जिसके नीचे आरती और भूमि दब गई। के जब इस घटना की जानकारी हुई तो लोागें की मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई। बस के नीचे दबने से आरती के गर्भ में पल रहा बच्चा गर्भ से बाहर आ गया। बीच सड़क पर आरती और भूमि की लाशें देखकर और गर्भ से बाहर आए शिशु को जीवित देख लोगों की आंख फटी की फटी रह गईं।
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सब कुछ भूल कर उस नवजात की जान बचाने के प्रयास में लोग बस को उठाने की कोशिश करने लगे। यहां पर एंबुलेंस भी थोड़ी देर से पहुंची। इसके अलावा क्रेन को देर से पहुंचने का आरोप भी लोगों ने लगाया। जैसे ही बस को उठाया गया तो एडीएम की गाड़ी से नवजात शिशु को जिला अस्पताल पहुंचाया गया। यहां पर डॉक्टर ने बच्चे को मृत घोषित कर दिया। एक ही परिवार में तीन मौतों ने सभी के दिल को हिलाकर रख दिया।
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