{"_id":"65aae83cf801cfc72609c958","slug":"couple-sentenced-to-life-imprisonment-for-murder-of-young-man-hathras-news-c-56-1-sali1016-10099-2024-01-20","type":"story","status":"publish","title_hn":"Hathras News: 10 सला बाद आया फैसला, युवक की हत्या में दंपती को आजीवन कारावास की सजा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Hathras News: 10 सला बाद आया फैसला, युवक की हत्या में दंपती को आजीवन कारावास की सजा
Sat, 20 Jan 2024 02:53 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस
अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस
Updated Sat, 20 Jan 2024 02:53 AM IST
सार
22 अक्तूबर 2013 को शाम चार बजे युवक मोटरसाइकिल से घरेलू सामान लेने बाजार गया था, लेकिन वापस नहीं लौटा। इसके बाद 23 अक्तूबर को उसकी गुमशुदगी दर्ज कराई गई। उसे कुछ लोगों पर शक हुआ तो इस पर उसने पुलिस को साथ लेकर शहर में श्याम नगर निवासी बंसी के मकान का ताला तोड़कर देखा, तो घर के अंदर कमरे में युवक की लाश एक बक्से में मिली।
विज्ञापन
अदालत का फैसला
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
अपर सत्र न्यायाधीश/एफटीसी द्वितीय विनीत चौधरी के न्यायालय में 21 वर्षीय एक युवक की हत्या के मामले में दंपती को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने दोषियों पर अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड न देने पर दोषियों को अतिरिक्त कारावास भोगना होगा।
अभियोजन पक्ष के अनुसार कोतवाली सदर क्षेत्र के तरफरा रोड लवकुश नगर निवासी रामप्रकाश ने कोतवाली सदर में गुमशुदगी दर्ज कराई थी कि 22 अक्तूबर 2013 को शाम चार बजे उसका बेटा आशीष उर्फ सोनू मोटरसाइकिल से घरेलू सामान लेने बाजार गया था, लेकिन वापस नहीं लौटा। इसके बाद 23 अक्तूबर को उसकी गुमशुदगी दर्ज कराई गई।
उसे कुछ लोगों पर शक हुआ तो इस पर उसने पुलिस को साथ लेकर शहर में श्याम नगर निवासी बंसी के मकान का ताला तोड़कर देखा तो घर के अंदर कमरे में आशीष उर्फ सोनू की लाश एक बक्से में मिली। हत्यारोपियों ने गला दबाकर उसकी हत्या कर शव को बक्से में छिपा दिया था। यह हत्या लेनदेन के विवाद में हुई थी। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
विज्ञापन
विवेचक ने विवेचना करते हुए नरसिंह पुत्र बाबूलाल, सुखदेवी पत्नी नरसिंह निवासी चामड़ गेट चामुंडा मंदिर के पास कोतवाली हाथरस, गोपाल पुत्र दिनेश कुमार निवासी तरफरा गेट गणेश मंदिर के पास के अलावा गोपाल, बंशी व एक नाबालिग आरोपी के विरुद्ध न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल किया। मामले की सुनवाई अपर सत्र न्यायाधीश एफटीसी द्वितीय विनीत चौधरी के न्यायालय में हुई।
बंशी के विरुद्ध फरार होने और एक आरोपी के नाबालिग होने के कारण इन दोनों की पत्रावली पृथक कर दी गई। आरोपी गोपाल को दोषमुक्त किया गया। न्यायालय ने दोनों पक्षों को सुनने के उपरांत आरोपी नरसिंह और उसकी पत्नी सुखदेवी को हत्या का दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास व अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड न देने पर दोषियों को अतिरिक्त कारावास भोगना होगा। अभियोजन पक्ष की ओर से इस मामले में पैरवी एडीजीसी मुकेश कुमार ने की।
विज्ञापन
अभियोजन पक्ष के अनुसार कोतवाली सदर क्षेत्र के तरफरा रोड लवकुश नगर निवासी रामप्रकाश ने कोतवाली सदर में गुमशुदगी दर्ज कराई थी कि 22 अक्तूबर 2013 को शाम चार बजे उसका बेटा आशीष उर्फ सोनू मोटरसाइकिल से घरेलू सामान लेने बाजार गया था, लेकिन वापस नहीं लौटा। इसके बाद 23 अक्तूबर को उसकी गुमशुदगी दर्ज कराई गई।
विज्ञापन
उसे कुछ लोगों पर शक हुआ तो इस पर उसने पुलिस को साथ लेकर शहर में श्याम नगर निवासी बंसी के मकान का ताला तोड़कर देखा तो घर के अंदर कमरे में आशीष उर्फ सोनू की लाश एक बक्से में मिली। हत्यारोपियों ने गला दबाकर उसकी हत्या कर शव को बक्से में छिपा दिया था। यह हत्या लेनदेन के विवाद में हुई थी। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
विज्ञापन
विवेचक ने विवेचना करते हुए नरसिंह पुत्र बाबूलाल, सुखदेवी पत्नी नरसिंह निवासी चामड़ गेट चामुंडा मंदिर के पास कोतवाली हाथरस, गोपाल पुत्र दिनेश कुमार निवासी तरफरा गेट गणेश मंदिर के पास के अलावा गोपाल, बंशी व एक नाबालिग आरोपी के विरुद्ध न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल किया। मामले की सुनवाई अपर सत्र न्यायाधीश एफटीसी द्वितीय विनीत चौधरी के न्यायालय में हुई।
बंशी के विरुद्ध फरार होने और एक आरोपी के नाबालिग होने के कारण इन दोनों की पत्रावली पृथक कर दी गई। आरोपी गोपाल को दोषमुक्त किया गया। न्यायालय ने दोनों पक्षों को सुनने के उपरांत आरोपी नरसिंह और उसकी पत्नी सुखदेवी को हत्या का दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास व अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड न देने पर दोषियों को अतिरिक्त कारावास भोगना होगा। अभियोजन पक्ष की ओर से इस मामले में पैरवी एडीजीसी मुकेश कुमार ने की।