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Hathras News: झूले बंद कर ठेकेदार बोला- प्रशासन कर रहा परेशान एडीएम ने कहा- नहीं चलेगी मनमानी, होगी एफआईआर
Sat, 19 Sep 2026 02:11 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
Updated Sat, 19 Sep 2026 02:11 AM IST
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मेला श्री दाऊजी महाराज के पंडाल में लगा झूला। संवाद
- फोटो : Samvad
लक्खी मेला श्री दाऊजी महाराज में शुक्रवार रात झूलों के संचालन को लेकर ठेकेदार और प्रशासन आमने-सामने आ गए। रात करीब आठ बजे ठेकेदार ने मेले में लगे झूले बंद कर दिए। भूतिया हवेली, नाव, चरक और टोरा-टोरा बंद कर नारेबाजी करते हुए प्रशासन पर परेशान करने का आरोप लगाया। ठेकेदार महेंद्र साहू का कहना है कि टेंडर की शर्तों के बावजूद प्रशासन की ओर से अपनी पसंद के लोगों को दुकानें आवंटित की जा रही हैं। इधर, एडीएम वित्त एवं राजस्व प्रशांत तिवारी ने ठेकेदार के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि वह खुद नियमों की अनदेखी कर मनमानी कर रहा है। उसके खिलाफ एफआईआर कराई जाएगी और फर्म को ब्लैक लिस्ट किया जाएगा। झूलों का संचालन बंद होने से मेले में पहुंचे लोगों को मायूस होकर लौटना पड़ा। झूले शुरू होने की उम्मीद में काफी देर तक लोग इंतजार करते रहे, लेकिन देर रात तक संचालन शुरू नहीं हो सका।
एनओसी को लेकर पहले से अटका था संचालन
मेला श्री दाऊजी महाराज की शुरुआत 15 सितंबर से हुई है। मेला परिसर में रेवती मैया पंडाल, मुख्य पंडाल और पार्किंग क्षेत्र के पास करीब 16 झूले लगाए गए हैं। इनमें बड़े झूलों के साथ मनोरंजन के अन्य साधन भी शामिल हैं। इस साल मेले का ठेका 1.05 करोड़ रुपये में उठा था। मेले में झूले लगने के बाद से ही उनके संचालन को लेकर एनओसी का पेंच फंस गया। कई झूले एनओसी न मिलने की वजह से शुरू नहीं हुए।
चहेतों को दुकानें दे रहा प्रशासन
ठेकेदार का आरोप है कि टेंडर जारी करते समय जो शर्तें तय की गई थीं, उनका पालन नहीं किया जा रहा है। मेले में उसकी पसंद के लोगों को दुकानें आवंटित की जा रही हैं। महिला बाजार में भी चुनिंदा दुकानदारों को दुकानें दी गईं। डिस्को पार्टी के लिए प्रशासन ने उसे सीमित अनुमति दी है। जब प्रशासन सहयोग ही नहीं करेगा तो मेले में आमदनी कैसे होगी?
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ठेका दिया तो 30 लाख का काम फ्री में कराया
महेंद्र साहू ने आरोप लगाया कि ठेका मिलने के बाद प्रशासन ने 30 लाख रुपये का काम फ्री में कराया। मंदिर में रंगाई-पुताई, 8.50 लाख रुपये टेंट और 9.50 लाख रुपये प्रशासन की पसंद के साउंड पर खर्च किए। तीन लाख रुपये किराए वाली जमीन पर प्रशासन ने अपने लिए फूड कोर्ट लगवाया। महेंद्र साहू ने यहां तक आरोप लगाया कि एडीएम से जब समस्या सुनाई तो उन्होंने ये कह दिया कि टंकी पर चढ़ जाओ या कूद जाओ, मुझे मतलब नहीं है।
एडीएम बोले- 80 फीसदी धनराशि तक जमा नहीं की
एडीएम वित्त एवं राजस्व प्रशांत तिवारी ने कहा कि नियमानुसार ठेकेदार ने अब तक 80 फीसदी धनराशि जमा नहीं की है। मंच पर छह एसी टावर और कूलर लगाए जाने थे, लेकिन तीन दिन बाद भी उसने नहीं लगाए। झूलों के लिए विद्युत सुरक्षा संबंधी एनओसी भी नहीं ली है। इनसब के अलावा वह चाहता है कि प्रशासन उसे मेला में अश्लील नृत्य कराने की मंजूरी दे। इसलिए झूले बंद कर वह प्रशासन पर दबाव बनाने का प्रयास कर रहा है। इसके खिलाफ एफआईआर कराई जाएगी और उसकी फर्म को ब्लैक लिस्ट भी किया जाएगा।
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एनओसी को लेकर पहले से अटका था संचालन
मेला श्री दाऊजी महाराज की शुरुआत 15 सितंबर से हुई है। मेला परिसर में रेवती मैया पंडाल, मुख्य पंडाल और पार्किंग क्षेत्र के पास करीब 16 झूले लगाए गए हैं। इनमें बड़े झूलों के साथ मनोरंजन के अन्य साधन भी शामिल हैं। इस साल मेले का ठेका 1.05 करोड़ रुपये में उठा था। मेले में झूले लगने के बाद से ही उनके संचालन को लेकर एनओसी का पेंच फंस गया। कई झूले एनओसी न मिलने की वजह से शुरू नहीं हुए।
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चहेतों को दुकानें दे रहा प्रशासन
ठेकेदार का आरोप है कि टेंडर जारी करते समय जो शर्तें तय की गई थीं, उनका पालन नहीं किया जा रहा है। मेले में उसकी पसंद के लोगों को दुकानें आवंटित की जा रही हैं। महिला बाजार में भी चुनिंदा दुकानदारों को दुकानें दी गईं। डिस्को पार्टी के लिए प्रशासन ने उसे सीमित अनुमति दी है। जब प्रशासन सहयोग ही नहीं करेगा तो मेले में आमदनी कैसे होगी?
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ठेका दिया तो 30 लाख का काम फ्री में कराया
महेंद्र साहू ने आरोप लगाया कि ठेका मिलने के बाद प्रशासन ने 30 लाख रुपये का काम फ्री में कराया। मंदिर में रंगाई-पुताई, 8.50 लाख रुपये टेंट और 9.50 लाख रुपये प्रशासन की पसंद के साउंड पर खर्च किए। तीन लाख रुपये किराए वाली जमीन पर प्रशासन ने अपने लिए फूड कोर्ट लगवाया। महेंद्र साहू ने यहां तक आरोप लगाया कि एडीएम से जब समस्या सुनाई तो उन्होंने ये कह दिया कि टंकी पर चढ़ जाओ या कूद जाओ, मुझे मतलब नहीं है।
एडीएम बोले- 80 फीसदी धनराशि तक जमा नहीं की
एडीएम वित्त एवं राजस्व प्रशांत तिवारी ने कहा कि नियमानुसार ठेकेदार ने अब तक 80 फीसदी धनराशि जमा नहीं की है। मंच पर छह एसी टावर और कूलर लगाए जाने थे, लेकिन तीन दिन बाद भी उसने नहीं लगाए। झूलों के लिए विद्युत सुरक्षा संबंधी एनओसी भी नहीं ली है। इनसब के अलावा वह चाहता है कि प्रशासन उसे मेला में अश्लील नृत्य कराने की मंजूरी दे। इसलिए झूले बंद कर वह प्रशासन पर दबाव बनाने का प्रयास कर रहा है। इसके खिलाफ एफआईआर कराई जाएगी और उसकी फर्म को ब्लैक लिस्ट भी किया जाएगा।