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अस्पताल सील करने के मामले में पुलिस ने दर्ज किए सीएमओ के बयान
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संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस।
बच्चा चोर गिरोह के सरगना दंपती के अस्पताल सील करने के मामले में पुलिस ने सीएमओ के बयान दर्ज किए हैं। अस्पताल का संचालन भी नियम विरुद्ध हो रहा था। अब दंपती को पुलिस रिमांड पर लेने की तैयारी कर रही है।
उल्लेखनीय है कि मथुरा जीआरपी ने मानव तस्करी करने वाले एक गिरोह के आठ सदस्य दबोचे थे। इसका सरगना हाथरस का एक फार्मासिस्ट था। उसकी पत्नी भी गिरफ्तार की गई थी। फार्मासिस्ट प्रेम विहारी संविदा में स्वास्थ्य विभाग में तैनात था और उसकी पत्नी दयावती भी यहीं स्वास्थ्य विभाग में तैनात है। इस गिरोह से एक बच्चा भी बरामद हुआ था। जोकि मथुरा जंक्शन रेलवे स्टेशन से चुराया गया था।
मामले में 31 अगस्त की शाम को प्रशासन ने उक्त फार्मासिस्ट के नवल नगर स्थित एक अस्पताल बांके विहारी हॉस्पिटल को सील कर दिया था। इसके कुछ घंटे बाद ही उसका हाथरस जंक्शन स्थित अस्पताल भी सील कर दिया गया था। हालांकि गिरोह के सरगना दंपती सहित आठ सदस्य जेल में हैं, लेकिन गिरोह ने अपना काफी दूर-दूर तक नेटवर्क बिछा रखा था।
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सूत्रों की मानें तो यह दंपती खुद स्वास्थ्य विभाग में तैनात हैं, इसलिए विभाग में इनकी अच्छी पैठ थी। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग के कुछ कर्मियों में इनकी गिरफ्तारी के बाद खलबली मची है। उन्हें डर है कि कहीं वह भी पकड़ में न जाएं। इस दंपती के खिलाफ यहां की पुलिस ने भी अवैध रूप से अस्पताल संचालन को लेकर मुकदमा दर्ज कर लिया था।
स्वास्थ्य विभाग के आला अधिकारी भी इस दंपती से जुड़े लोगों की गुपचुप तरीके से जानकारी करा रहे हैं, ताकि स्थानीय स्तर पर अगर कोई इस गिरोह का और सदस्य है तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जा सके। वहीं अस्पताल संचालन नियम विरुद्घ करने के मामले में दर्ज मुकदमे में अब स्थानीय पुलिस ने विवेचना शुरू कर दी है।
सीएमओ मंजीत सिंह के बयान दर्ज कर मामले की विवेचना शुरू कर दी है। कोतवाली हाथरस गेट के एसएचओ गौरव सक्सेना ने बताया कि सीएमओ के बयान दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
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बच्चा चोर गिरोह के सरगना दंपती के अस्पताल सील करने के मामले में पुलिस ने सीएमओ के बयान दर्ज किए हैं। अस्पताल का संचालन भी नियम विरुद्ध हो रहा था। अब दंपती को पुलिस रिमांड पर लेने की तैयारी कर रही है।
उल्लेखनीय है कि मथुरा जीआरपी ने मानव तस्करी करने वाले एक गिरोह के आठ सदस्य दबोचे थे। इसका सरगना हाथरस का एक फार्मासिस्ट था। उसकी पत्नी भी गिरफ्तार की गई थी। फार्मासिस्ट प्रेम विहारी संविदा में स्वास्थ्य विभाग में तैनात था और उसकी पत्नी दयावती भी यहीं स्वास्थ्य विभाग में तैनात है। इस गिरोह से एक बच्चा भी बरामद हुआ था। जोकि मथुरा जंक्शन रेलवे स्टेशन से चुराया गया था।
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मामले में 31 अगस्त की शाम को प्रशासन ने उक्त फार्मासिस्ट के नवल नगर स्थित एक अस्पताल बांके विहारी हॉस्पिटल को सील कर दिया था। इसके कुछ घंटे बाद ही उसका हाथरस जंक्शन स्थित अस्पताल भी सील कर दिया गया था। हालांकि गिरोह के सरगना दंपती सहित आठ सदस्य जेल में हैं, लेकिन गिरोह ने अपना काफी दूर-दूर तक नेटवर्क बिछा रखा था।
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सूत्रों की मानें तो यह दंपती खुद स्वास्थ्य विभाग में तैनात हैं, इसलिए विभाग में इनकी अच्छी पैठ थी। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग के कुछ कर्मियों में इनकी गिरफ्तारी के बाद खलबली मची है। उन्हें डर है कि कहीं वह भी पकड़ में न जाएं। इस दंपती के खिलाफ यहां की पुलिस ने भी अवैध रूप से अस्पताल संचालन को लेकर मुकदमा दर्ज कर लिया था।
स्वास्थ्य विभाग के आला अधिकारी भी इस दंपती से जुड़े लोगों की गुपचुप तरीके से जानकारी करा रहे हैं, ताकि स्थानीय स्तर पर अगर कोई इस गिरोह का और सदस्य है तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जा सके। वहीं अस्पताल संचालन नियम विरुद्घ करने के मामले में दर्ज मुकदमे में अब स्थानीय पुलिस ने विवेचना शुरू कर दी है।
सीएमओ मंजीत सिंह के बयान दर्ज कर मामले की विवेचना शुरू कर दी है। कोतवाली हाथरस गेट के एसएचओ गौरव सक्सेना ने बताया कि सीएमओ के बयान दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी गई है।