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Hathras News: एक्सपायरी डेट की दवा से बच्चे की तबीयत बिगड़ी, अस्पताल में हंगामा
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बच्चे के परिजन के साथ धरना-प्रदर्शन करते किसान संगठन के कार्यकर्ता। संवाद
- फोटो : Samvad
हसायन के सरकारी अस्पताल में एक्सपायरी डेट की दवाएं दी जा रही हैं। ऐसी ही दवा दिए जाने से एक माह के मासूम बच्चे की तबीयत बिगड़ गई। जिससे गुस्साए परिजनों ने मंगलवार को हसायन सीएचसी में धरना देकर हंगामा कर दिया। जांच-कार्रवाई के आश्वासन के बाद परिजन शांत हुए।
शैंकी कुमार निवासी गांव इटर्नी ने बताया कि उनके भाई शनि कुमार अपने एक माह के बेटे जय को सोमवार शाम चार बजे बुखार की दवा दिलवाने अस्पताल पहुंचे। वहां तैनात चिकित्सक व फार्मासिस्ट ने पेरासिटामोल सिरप दे दिया। बच्चे को दवा पिलाई तो उसकी तबीयत बिगड़ गई। उसने उल्टी करना शुरू कर दिया। सिरप पर अंकित दिनांक को देखा तो पता चला कि दवा चार अप्रैल 2026 में ही एक्सपायर हो चुकी है। अस्पताल पहुंच कर शिकायत की तो चिकित्सक व फार्मासिस्ट ने अभद्रता की।
मंगलवार को परिजन किसान संगठन के पदाधिकारियों के साथ अस्पताल पहुंचे और मामले की जांच करने की मांगकर धरने पर बैठ गए। प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ.प्रकाश मोहन निमेष ने समझाने का प्रयास किया।
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चिकित्साधिकारी व किसान संगठन के पदाधिकारी के बीच नोकझोंक हुई। चिकित्सक व फार्मासिस्ट को हटाए जाने की मांग की गई। एसीएमओ डॉ.एमआई आलम ने बताया कि एक्सपायरी डेट की दवा दे दी थी। बच्चे को जिला अस्पताल रेफर किया गया है। पूरे मामले की जांच व उचित कार्रवाई का आश्वासन देकर धरना समाप्त कराया गया।
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शैंकी कुमार निवासी गांव इटर्नी ने बताया कि उनके भाई शनि कुमार अपने एक माह के बेटे जय को सोमवार शाम चार बजे बुखार की दवा दिलवाने अस्पताल पहुंचे। वहां तैनात चिकित्सक व फार्मासिस्ट ने पेरासिटामोल सिरप दे दिया। बच्चे को दवा पिलाई तो उसकी तबीयत बिगड़ गई। उसने उल्टी करना शुरू कर दिया। सिरप पर अंकित दिनांक को देखा तो पता चला कि दवा चार अप्रैल 2026 में ही एक्सपायर हो चुकी है। अस्पताल पहुंच कर शिकायत की तो चिकित्सक व फार्मासिस्ट ने अभद्रता की।
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मंगलवार को परिजन किसान संगठन के पदाधिकारियों के साथ अस्पताल पहुंचे और मामले की जांच करने की मांगकर धरने पर बैठ गए। प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ.प्रकाश मोहन निमेष ने समझाने का प्रयास किया।
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चिकित्साधिकारी व किसान संगठन के पदाधिकारी के बीच नोकझोंक हुई। चिकित्सक व फार्मासिस्ट को हटाए जाने की मांग की गई। एसीएमओ डॉ.एमआई आलम ने बताया कि एक्सपायरी डेट की दवा दे दी थी। बच्चे को जिला अस्पताल रेफर किया गया है। पूरे मामले की जांच व उचित कार्रवाई का आश्वासन देकर धरना समाप्त कराया गया।