{"_id":"56eee4854f1c1b0942f14e9e","slug":"check-food-adulteration-themselves-on-holi","type":"story","status":"publish","title_hn":"होली पर खुद जांचें खाद्य पदार्थों में मिलावट ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
होली पर खुद जांचें खाद्य पदार्थों में मिलावट
हाथरस/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 21 Mar 2016 12:18 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हाथरस। होली पर मिलावटी खाद्य पदार्थों की पहचान आप खुद भी कर सकते हैं और मिलावटी खाद्य पदार्थों का सेवन करने से बच सकते हैं, जिससे स्वास्थ्य बेहतर रहे। इस बारे में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने भी आम लोगों को एडवाइजरी जारी की है।
इस तरह करें पहिचान
मावा या खोया-:
मावा में स्टार्च और रिफाइंड की मिलावट की जाती है। उसमें शकरकंदी भी मिलाई जाती सकती है। इसकी पहचान के लिए सबसे अच्छा तरीका है कि मेवा की कुछ मात्रा लें और हाथ पर रगडें, यदि चिकनाहट कम है तो समझ लें मावा में मिलावट है।
बर्क से रहें सावधान-
चांदी के बर्क के नाम पर एल्युमीनियम के बर्क का प्रयोग किया जा रहा है। बर्क की जांच के लिए सीधा सा तरीका है कि बर्क का एक टुकड़ा हाथ में लें और उसे रगडे़ यदि बर्क चांदी का हुआ तो वह गायब हो जाएगा और एल्युमीनियम का हुआ तो उसका रोल बन जाएगा।
विज्ञापन
रंगीन मिठाइयों से सावधान
मिठाइयों में दो तरह के रंग मिलाए जाते हैं एक तो नेचुरल कलर होते हैं और दूसरे सिंथेटिक रंगाें की मिलावट की जाती है। एफडीए के मानकों के अनुसार एक किग्रा मिठाई में करीब 100 मिलीग्राम ही सिंथेटिक कलर मिलाया जा सकता है।
विज्ञापन
इस तरह करें पहिचान
मावा या खोया-:
मावा में स्टार्च और रिफाइंड की मिलावट की जाती है। उसमें शकरकंदी भी मिलाई जाती सकती है। इसकी पहचान के लिए सबसे अच्छा तरीका है कि मेवा की कुछ मात्रा लें और हाथ पर रगडें, यदि चिकनाहट कम है तो समझ लें मावा में मिलावट है।
विज्ञापन
बर्क से रहें सावधान-
चांदी के बर्क के नाम पर एल्युमीनियम के बर्क का प्रयोग किया जा रहा है। बर्क की जांच के लिए सीधा सा तरीका है कि बर्क का एक टुकड़ा हाथ में लें और उसे रगडे़ यदि बर्क चांदी का हुआ तो वह गायब हो जाएगा और एल्युमीनियम का हुआ तो उसका रोल बन जाएगा।
विज्ञापन
रंगीन मिठाइयों से सावधान
मिठाइयों में दो तरह के रंग मिलाए जाते हैं एक तो नेचुरल कलर होते हैं और दूसरे सिंथेटिक रंगाें की मिलावट की जाती है। एफडीए के मानकों के अनुसार एक किग्रा मिठाई में करीब 100 मिलीग्राम ही सिंथेटिक कलर मिलाया जा सकता है।