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नहर की पटरी कटी, आलू-गेहूं की फसल बर्बाद

Sun, 04 Feb 2018 12:05 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सहपऊ (हाथरस)।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सहपऊ (हाथरस)। Updated Sun, 04 Feb 2018 12:05 AM IST
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 Canal stripped, potato-wheat crop wasted
अहवरनपुर में जलमग्न आलू की फसल। - फोटो : Amar Ujala
नहर-रजवाहों की जर्जर पटरियां एक बार फिर फसलों पर कहर बरपा रही हैं। शनिवार को सुबह हाथरस ब्रांच नहर की पटरी गांव अहवरनपुर के निकट कट गई, जिससे किसानों की करीब एक हजार बीघा आलू और गेहूं की फसल जलमग्न हो गई।
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पानी भरने से फसल को जबर्दस्त नुकसान पहुंचा है। चारों तरफ पानी ही पानी और पानी के वेग से धराशाई हुई आलू और गेहूं की फसल देखकर किसानों का कलेजा हिल गया। किसानों में सिंचाई विभाग की लापरवाही को लेकर खासा गुस्सा नजर आया। शिकायत पर एसडीएम, तहसीलदार के अलावा सिंचाई विभाग के अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए। तहसील की टीम क्षतिग्रस्त फसल के सर्वे में जुट गई है। एसडीएम ने रविवार की शाम तक क्षति की रिपोर्ट मांगी है।
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इन अधिकारियों ने नहर के पानी का रुख सपोर्ट ब्रांच नहर में कराकर जेसीबी से पटरी की रोकथाम कराई। इसके बाद किसानों ने राहत की सांस ली। किसान इस मुसीबत से निपटने के लिए अपनी फसल का पानी निकाले जाने के प्रयास तो कर रहे हैं। इसके बावजूद फसल मेें नुकसान बचना मुश्किल लग रहा है। तहसीलदार कमलेश गोयल, एसडीएम अरुण कुमार सिंह, सदर विधायक हरीशंकर माहौर ने मौके पर पहुंचकर किसानों को हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया है। 
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पीड़ित किसानों ने आरोप लगाए कि किसानों की यह फसल सिंचाई विभाग की लापरवाही से बर्बाद हुई है, क्योंकि कुछ दिन पूर्व विभाग ने अवैध कुलावों को उखड़वाने का अभियान चलाया था। अभियान के दौरान जिस जगह पटरी कटी, वहां से कुलावा तो विभाग ने उखड़वा दिया, लेकिन इस पटरी को मजबूत नहीं किया गया। नहर की सिल्ट की विधिवत रूप से सफाई भी नहीं हुई है। पर्याप्त पानी छोड़े जाने के बाद नहर ओवरफ्लो होकर चल रही थी।


यहां रात्रि में करीब तीन बजे अचानक पटरी कट गई। जब तक किसानों ने सुबह इस कटी हुई पटरी को देखा, तब तक उनकी करीब एक हजार बीघा फसल जलमग्न होने से बर्बाद हो चुकी थी। किसानों ने इसकी जानकारी विभाग के आला अधिकारियों को दी।  जिन किसानों की फसलें बर्बाद हुई, उनमें प्रमुख रूप से शिवराम शर्मा, गिरीशचंद्र शर्मा, शैंलेंद्र शर्मा, डॉ. नत्थीलाल, रमेशचंद्र, पद्म सिंह, देवलाल शर्मा, हरीमोहन शर्मा, अशर्फीलाल, चंद्रपाल शर्मा, भूरालाल, महावीर प्रसाद, अनिल कुमार सिंह, विश्वंभर सिंह, राधेश्याम, अनिल कुमार आदि प्रमुख हैं। 
 
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