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जिला पंचायत पर पांचवीं बार बसपा का कब्जा
hathras
Updated Thu, 07 Jan 2016 11:08 PM IST
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हाथरस। जिला पंचायत अध्यक्ष पद के बेहद प्रतिष्ठापूर्ण चुनाव में लगातार पांचवीं बार बसपा ने कब्जा जमाया है। कड़े मुकाबले में बसपा समर्थित प्रत्याशी विनोद उपाध्याय ने सपा प्रत्याशी हसायन ब्लॉक प्रमुख ओमवती यादव को एक वोट से हराकर अध्यक्ष की कुर्सी पर कब्जा कर लिया। 25 सदस्यीय जिला पंचायत के लिए विनोद को 13 और ओमवती को 12 वोट मिले। हालांकि बसपा खेमे से 14 सदस्य मतदान के लिए पहुंचे थे, लेकिन नतीजे की घोषणा में बसपा का एक सदस्य कम निकला।
विजयी प्रत्याशी विनोद पूर्व ऊर्जा मंत्री रामवीर उपाध्याय के छोटे भाई हैं और जिले की सादाबाद और बुलंदशहर की डिबाई सीट से बसपा के टिकट पर विधानसभा का चुनाव भी लड़ चुके हैं। इस पद के लिए सीधा मुकाबला विनोद और ओमवती यादव के बीच था। हालांकि आम चुनाव में बसपा के समर्थन पर 13 सदस्य जीतकर आए थे। बाद में छह और सदस्य बसपा खेमे से जुड़ गए। इस तरह बसपा 19 सदस्यों के समर्थन का दावा कर रही थी, लेकिन बाद में उसके खेमे से पांच सदस्य सपा के खेमे में चले गए। इस तरह सपा को पांच अपने सदस्यों के अलावा 10 सदस्यों का समर्थन मिल गया। रालोद के एकमात्र सदस्य का समर्थन मिलने से उसके पास 11 सदस्य हो गए।
दो दिन पूर्व सपा प्रत्याशी ओमवती यादव पर हुए हमले के चलते सुबह से ही कलेक्ट्रेट में सुरक्षा के तगड़े इंतजामों के बीच अध्यक्ष पद के लिए वोटिंग शुरू हुई।
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डीएम अबरार अहमद और एडीएम डीपी सिंह की मौजूदगी में पहले बसपा समर्थित सदस्य मतदान के लिए पहुंचे और उसके बाद सपा समर्थित सदस्यों ने वोट डाले। दोपहर करीब साढ़े 12 बजे तक सभी सदस्यों ने मतदान कर लिया और इसके बाद मतपेटिका को सील कर दिया गया। आयोग के प्रेक्षक रमाशंकर और दोनों प्रत्याशियों की मौजूदगी में मतपेटी की सील खुलवाकर वोटों की गिनती कराई गई।
दोपहर करीब साढ़े तीन बजे डीएम ने बसपा के विनोद उपाध्याय को एक वोट से विजयी घोषित कर दिया। उन्हें प्रेक्षक की मौजूदगी में प्रमाण पत्र भी दिया गया। विनोद की जीत से बसपा समर्थक खुशी से उछल पड़े। उन्होंने कलेक्ट्रेट के बाहर जमकर जश्न मनाया और नारेबाजी की।
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विजयी प्रत्याशी विनोद पूर्व ऊर्जा मंत्री रामवीर उपाध्याय के छोटे भाई हैं और जिले की सादाबाद और बुलंदशहर की डिबाई सीट से बसपा के टिकट पर विधानसभा का चुनाव भी लड़ चुके हैं। इस पद के लिए सीधा मुकाबला विनोद और ओमवती यादव के बीच था। हालांकि आम चुनाव में बसपा के समर्थन पर 13 सदस्य जीतकर आए थे। बाद में छह और सदस्य बसपा खेमे से जुड़ गए। इस तरह बसपा 19 सदस्यों के समर्थन का दावा कर रही थी, लेकिन बाद में उसके खेमे से पांच सदस्य सपा के खेमे में चले गए। इस तरह सपा को पांच अपने सदस्यों के अलावा 10 सदस्यों का समर्थन मिल गया। रालोद के एकमात्र सदस्य का समर्थन मिलने से उसके पास 11 सदस्य हो गए।
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दो दिन पूर्व सपा प्रत्याशी ओमवती यादव पर हुए हमले के चलते सुबह से ही कलेक्ट्रेट में सुरक्षा के तगड़े इंतजामों के बीच अध्यक्ष पद के लिए वोटिंग शुरू हुई।
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डीएम अबरार अहमद और एडीएम डीपी सिंह की मौजूदगी में पहले बसपा समर्थित सदस्य मतदान के लिए पहुंचे और उसके बाद सपा समर्थित सदस्यों ने वोट डाले। दोपहर करीब साढ़े 12 बजे तक सभी सदस्यों ने मतदान कर लिया और इसके बाद मतपेटिका को सील कर दिया गया। आयोग के प्रेक्षक रमाशंकर और दोनों प्रत्याशियों की मौजूदगी में मतपेटी की सील खुलवाकर वोटों की गिनती कराई गई।
दोपहर करीब साढ़े तीन बजे डीएम ने बसपा के विनोद उपाध्याय को एक वोट से विजयी घोषित कर दिया। उन्हें प्रेक्षक की मौजूदगी में प्रमाण पत्र भी दिया गया। विनोद की जीत से बसपा समर्थक खुशी से उछल पड़े। उन्होंने कलेक्ट्रेट के बाहर जमकर जश्न मनाया और नारेबाजी की।