{"_id":"583c701d4f1c1b051cde54fe","slug":"bordered-on-xen-to-make-a-smooth-transition-of-power","type":"story","status":"publish","title_hn":"बिजली सुचारु कराने के लिए एक्सईएन का घेराव","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बिजली सुचारु कराने के लिए एक्सईएन का घेराव
अमर उजाला, हाथरस
Updated Mon, 28 Nov 2016 11:31 PM IST
विज्ञापन
पॉवर कट
- फोटो : अमर उजाला
गांव महमूदपुर ब्राह्मणान के ग्रामीणों ने सोमवार को ओढ़पुरा विद्युत कार्यालय पर एक्सईएन को घेर लिया। ग्रामीणों ने लाखों के बकाये के चलते काटी गई गांव की सप्लाई को सुचारु कराए जाने की मांग की।
शुक्रवार को विद्युत महकमे ने गांव महमूदपुर ब्राह्मणान की बिजली को ग्रामीणों पर करीब 28 लाख का बकाया होने के कारण गुल कर दिया था।
तीन दिन से बिजली गुल रहने से ग्रामीण काफी परेशान थे। बिन बिजली के लोगों के घरेलू, व्यापारिक और खेतीबाड़ी के काम प्रभावित हो रहे थे, जिससे गुस्साए ग्रामीण गांव की बिजली को सुचारु कराने के लिए सोमवार को ओढ़पुरा विद्युत दफ्तर पर पहुंच गए। यहां उन्हाेंने एक्सईएन द्वितीय खंड नसीर अहमद से गांव की बिजली आपूर्ति को बहाल किए जाने की मांग की, लेकिन एक्सईएन ने साफ कहा कि जब तक बकाया जमा नहीं होगा, तब तक गांव की आपूर्ति को सुचारु नहीं कराया जा सकता।
ग्रामीण पहले बिजली सुचारु कराने और बाद में बकाया जमा करने पर अड़े रहे। इधर, एक्सईएन ने अपनी मजबूरी बताते हुए बताया कि उन्हें 15 दिन में आठ करोड़ का बकाया वसूलना है और उच्चाधिकारियों को रिपोर्ट भी भेजनी है।
विज्ञापन
ग्रामीणों को वहां से निराश होकर लौटना पड़ा। एक्सईएन ने बताया कि गांव बिसाना और पैकवाड़ा के ग्रामीण भी बिजली गुल किए जाने के बाद भी बिल जमा नहीं कर रहे। अगर वह विभाग के बकाए का भुगतान कर दें तो बिजली सुचारु करा दी जाएगी।
विज्ञापन
शुक्रवार को विद्युत महकमे ने गांव महमूदपुर ब्राह्मणान की बिजली को ग्रामीणों पर करीब 28 लाख का बकाया होने के कारण गुल कर दिया था।
तीन दिन से बिजली गुल रहने से ग्रामीण काफी परेशान थे। बिन बिजली के लोगों के घरेलू, व्यापारिक और खेतीबाड़ी के काम प्रभावित हो रहे थे, जिससे गुस्साए ग्रामीण गांव की बिजली को सुचारु कराने के लिए सोमवार को ओढ़पुरा विद्युत दफ्तर पर पहुंच गए। यहां उन्हाेंने एक्सईएन द्वितीय खंड नसीर अहमद से गांव की बिजली आपूर्ति को बहाल किए जाने की मांग की, लेकिन एक्सईएन ने साफ कहा कि जब तक बकाया जमा नहीं होगा, तब तक गांव की आपूर्ति को सुचारु नहीं कराया जा सकता।
विज्ञापन
ग्रामीण पहले बिजली सुचारु कराने और बाद में बकाया जमा करने पर अड़े रहे। इधर, एक्सईएन ने अपनी मजबूरी बताते हुए बताया कि उन्हें 15 दिन में आठ करोड़ का बकाया वसूलना है और उच्चाधिकारियों को रिपोर्ट भी भेजनी है।
विज्ञापन
ग्रामीणों को वहां से निराश होकर लौटना पड़ा। एक्सईएन ने बताया कि गांव बिसाना और पैकवाड़ा के ग्रामीण भी बिजली गुल किए जाने के बाद भी बिल जमा नहीं कर रहे। अगर वह विभाग के बकाए का भुगतान कर दें तो बिजली सुचारु करा दी जाएगी।