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परिषदीय विद्यालय: दफ्तरों में रखीं किताबें, छात्रों के बस्ते खाली, स्कूलों में बच्चे कैसे करें पढ़ाई

Tue, 08 Apr 2025 05:26 PM IST
चमन शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस
अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस Published by: चमन शर्मा Updated Tue, 08 Apr 2025 05:26 PM IST
सार

एक अप्रैल से नया शिक्षा सत्र शुरू हो चुका है। सात दिन बीत चुके हैं। हाथरस जिले के सिकंदराराऊ, सादाबाद, सहपऊ विकास खंड और नगर क्षेत्र के अधिकांश विद्यालयों में अभी किताबेें नहीं पहुंची हैं। किताबें दफ्तरों में रखी हैं और विद्यार्थी बिना किताबों के विद्यालय जा रहे हैं।

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Books kept in offices, students bags empty
संविलियन विद्यालय ओढ़पुरा के एक कमरे में रखी किताबें - फोटो : संवाद

विस्तार

बेसिक शिक्षा विभाग के विद्यालयों में पढ़ने वाले कक्षा तीन से आठवीं तक के विद्यार्थियों को बंटने के लिए आईं किताबें दफ्तरों में रखी हैं, लेकिन इन्हें अभी तक विद्यार्थियों को वितरित नहीं कराया जा रहा। बिना किताबों के विद्यार्थी कैसे पढ़ाई कर रहे होंगे, इसका अंदाजा स्वत: लगाया जा सकता है।

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हाथरस जिले के 1235 परिषदीय विद्यालयों में करीब 1.10 लाख विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। इन विद्यार्थियों को सरकार द्वारा निशुल्क किताबें उपलब्ध कराई जाती हैं। एक अप्रैल से नया शिक्षा सत्र शुरू हो चुका है। सात दिन बीत चुके हैं। विभाग को कक्षा तीन से आठवीं तक के विद्यार्थियों को बांटने के लिए करीब छह लाख 12 हजार किताबें प्राप्त हुई थीं।
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विभाग ने 31 मार्च को किताबें संबंधित बीआरसी पर भी पहुंचा दी थीं, लेकिन जिले के सिकंदराराऊ, सादाबाद, सहपऊ विकास खंड और नगर क्षेत्र के अधिकांश विद्यालयों में अभी किताबेें नहीं पहुंची हैं। किताबें दफ्तरों में रखी हैं और विद्यार्थी बिना किताबों के विद्यालय जा रहे हैं।

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विद्यालयों में किताबें पहुंचाई जा रही हैं। जल्द ही सभी विद्यालयों में विद्यार्थियों को किताबें वितरित करा दी जाएंगी।- स्वाति भारती, बीएसए हाथरस।

कक्षा एक से तीन तक की किताबों का अता पता नहीं

बेसिक शिक्षा विभाग के विद्यालयों में पढ़ने वाले कक्षा एक से तीन तक के विद्यार्थी बिना किताबों के ही विद्यालय पहुंच रहे हैं। हालांकि विभाग ने इनके लिए किताबों की मांग भेज दी है, लेकिन अभी तक यह स्पष्ट नहीं है कि यह किताबें कब तक मिलेंगी।

प्रमुख तथ्यों पर एक नजर

  • जिले में परिषदीय विद्यालयों की संख्या- 1235
  • विद्यार्थियों की संख्या- 1.10 लाख (करीब)
  • कक्षा तीन से आठ तक के विद्यार्थियों के लिए प्राप्त किताबों की संख्या- 6 लाख 12 हजार (करीब)

केस 1- सादाबाद के 123 विद्यालयों में किताबें नहीं

सादाबाद ब्लॉक में कुल 198 विद्यालय हैं। इनमें से 123 में अभी तक किताबें नहीं पहुंची हैं। इनके विद्यार्थी बिना किताबों के ही विद्यालय जाने के लिए मजबूर हैं। बीईओ पूनम चौधरी का कहना है कि 75 विद्यालयों में 7 अप्रैल को किताबें पहुंचा दी गई हैं। जल्द ही अन्य विद्यालयों में भी किताबें पहुंच जाएंगी।

केस 2- नगर क्षेत्र क्षेत्र के विद्यालयों में नहीं पहुंचीं किताबें
नगर क्षेत्र में 52 परिषदीय विद्यालय हैं। अधिकांश में किताबें नहीं पहुंची हैं। बीआरसी में स्थान का अभाव होने के कारण किताबें संविलियन विद्यालय ओढ़पुरा में रखी हुई हैं। बीईओ आलोक प्रताप श्रीवास्तव ने बताया कि शुक्रवार को किताबें प्राप्त हुई थीं। सोमवार से ही इनका वितरण शुरू करा दिया गया है।

केस 3- नहीं है सहपऊ के 120 विद्यालयों में किताबें
विकास खंड सहपऊ में कुल 127 विद्यालय हैं। इनमें पढ़ने वाले कक्षा तीन से आठवीं तक के विद्यार्थियों के लिए किताबें बीआरसी पहुंचा दी गई हैं। क्षेत्र के 120 विद्यालयों में अभी तक किताबें नहीं पहुंची हैं। विभागीय अधिकारियों का दावा है कि बीआरसी के आसपास के सात विद्यालयों में किताबें पहुंच चुकी हैं। बीईओ सुल्तान अहमद का कहना है कि जल्द ही सभी विद्यालयों में किताबें पहुंच जाएंगी।

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