{"_id":"5d66cbc58ebc3e93cf65587b","slug":"blotches-caused-blisters-on-the-child-s-body-due-to-treatment-hathras-news-ali212090248","type":"story","status":"publish","title_hn":"झोलाछाप ने इलाज से बच्चे के शरीर पर पड़े फफोले","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
झोलाछाप ने इलाज से बच्चे के शरीर पर पड़े फफोले
विज्ञापन
झोलाछाप के इलाज से बच्चे के शरीर पर पड़े फफोले
कोतवाली मुरसान क्षेत्र के गांव बांस का नगला कुंवरपुर का मामला
बच्चे को जिला अस्पताल लेकर पहुंचे परिजन, गंभीर हालत में किया रेफर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
हाथरस। झोलाछापों पर स्थानीय स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन का अंकुश नहीं है और रोजाना झोलाछापों के इलाज से मरीज मुसीबत में फंस रहे हैं। अब मुरसान क्षेत्र के गांव बांस का नगला कुंवरपुर में झोलाछाप के इलाज से बच्चे के शरीर पर फफोले पड़ गए। उसे परिजन जिला अस्पताल लेकर पहुंचे तो यहां से बच्चे को गंभीर हालत में रेफर कर दिया गया।
बबलू निवासी बांस का नगला कुंवरपुर के चार साल के बेटे रितिक को कई दिनों से बुखार आ रहा था। बच्चे की मां ने बताया कि इस बीच उसे टायफाइड हो गया। पास के ही गांव के रहने वाले एक झोलाछाप से बच्चे को दवा दिलवा दी। झोलाछाप ने बच्चे को पंाच दिन की दवा दी, जिसे खिलाया तो बच्चा ठीक होना तो दूर, उसका शरीर काला पड़ गया और फफोले पड़ गए।
यह देख बच्चे के परिजनों के होश उड़ गए और उसे आनन-फानन जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। यहां पर बच्चे को प्राथमिक उपचार देने के बाद अलीगढ़ रेफर कर दिया गया। इमरजेंसी में तैनात डॉ. पीके श्रीवास्तव ने बताया कि बच्चे का गांव में ही किसी झोलाछाप ने इलाज किया था, जिसके कारण उसका पूरा शरीर काला पड़ गया है और उसके शरीर पर फफोले हो गए हैं। बच्चे की हालत गंभीर है, इसलिए उसे रेफर किया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
कोतवाली मुरसान क्षेत्र के गांव बांस का नगला कुंवरपुर का मामला
बच्चे को जिला अस्पताल लेकर पहुंचे परिजन, गंभीर हालत में किया रेफर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
हाथरस। झोलाछापों पर स्थानीय स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन का अंकुश नहीं है और रोजाना झोलाछापों के इलाज से मरीज मुसीबत में फंस रहे हैं। अब मुरसान क्षेत्र के गांव बांस का नगला कुंवरपुर में झोलाछाप के इलाज से बच्चे के शरीर पर फफोले पड़ गए। उसे परिजन जिला अस्पताल लेकर पहुंचे तो यहां से बच्चे को गंभीर हालत में रेफर कर दिया गया।
बबलू निवासी बांस का नगला कुंवरपुर के चार साल के बेटे रितिक को कई दिनों से बुखार आ रहा था। बच्चे की मां ने बताया कि इस बीच उसे टायफाइड हो गया। पास के ही गांव के रहने वाले एक झोलाछाप से बच्चे को दवा दिलवा दी। झोलाछाप ने बच्चे को पंाच दिन की दवा दी, जिसे खिलाया तो बच्चा ठीक होना तो दूर, उसका शरीर काला पड़ गया और फफोले पड़ गए।
विज्ञापन
यह देख बच्चे के परिजनों के होश उड़ गए और उसे आनन-फानन जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। यहां पर बच्चे को प्राथमिक उपचार देने के बाद अलीगढ़ रेफर कर दिया गया। इमरजेंसी में तैनात डॉ. पीके श्रीवास्तव ने बताया कि बच्चे का गांव में ही किसी झोलाछाप ने इलाज किया था, जिसके कारण उसका पूरा शरीर काला पड़ गया है और उसके शरीर पर फफोले हो गए हैं। बच्चे की हालत गंभीर है, इसलिए उसे रेफर किया गया है।
विज्ञापन