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बिसावर: छुट्टी पर घर लौट रहे सेना के जवान की रास्ते में मौत, हार्ट अटैक से निधन, सैन्य सम्मान से अंतिम विदाई

Tue, 27 Oct 2026 12:26 PM IST
Chaman Kumar Sharma अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस
अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस Published by: Chaman Kumar Sharma Updated Tue, 27 Oct 2026 12:26 PM IST
सार

भवानी शंकर के पिता विनोद कुमार भी वर्ष 2012 में देशसेवा करते हुए बलिदान हो गए थे। ऐसे में परिवार पर दोहरी त्रासदी टूट पड़ी है। उनकी बुजुर्ग मां अनीता देवी गांव में रहती हैं। पत्नी उमा के साथ उनकी तीन वर्षीय बेटी माधवी और दो वर्षीय बेटा गोलू है। जवान की मौत से पत्नी और मां का रो-रोकर बुरा हाल है।

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Bisawar Army Jawan Died
भवानी शंकर, विलाप करती मां, पत्नी और बहन - फोटो : फाइल फोटो, संवाद

विस्तार

सादाबाद कोतवाली क्षेत्र के गांव पिपरामई निवासी सेना के जवान भवानीशंकर (32) की अचानक मौत हो गई। असम में ड्यूटी कर रहे भवानी छुट्टी बिताने के लिए घर लौट रहे थे। रविवार को रास्ते में टेंपो में उनकी तबीयत बिगड़ गई और वह बेहोश हो गए। पुलिस ने उन्हें अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। परिजनों के अनुसार उनकी मौत हार्ट अटैक से हुई। सोमवार शाम को सैन्य सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया।

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भवानीशंकर वर्ष 2015 से थलसेना की 1831 मेड रेजीमेंट में नायक ऑपरेटर के पद पर तैनात थे। उनकी पहली नियुक्ति जम्मू-कश्मीर में हुई थी। वर्तमान में उनकी तैनाती असम में थी। रविवार को वह छुट्टी पर घर लौट रहे थे। सफर के दौरान टेंपो में अचानक बेहोश होने पर चालक ने डायल 112 पर सूचना दी। पुलिस टीम ने उन्हें अस्पताल पहुंचाया और परिजनों को जानकारी दी। परिजन आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज पहुंच गए, लेकिन चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
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भवानी शंकर के पिता विनोद कुमार भी वर्ष 2012 में देशसेवा करते हुए बलिदान हो गए थे। ऐसे में परिवार पर दोहरी त्रासदी टूट पड़ी है। उनकी बुजुर्ग मां अनीता देवी गांव में रहती हैं। पत्नी उमा के साथ उनकी तीन वर्षीय बेटी माधवी और दो वर्षीय बेटा गोलू है। जवान की मौत से पत्नी और मां का रो-रोकर बुरा हाल है। भवानी शंकर के बड़े भाई सुनील कुमार थलसेना में कार्यरत हैं। दूसरे भाई नरेश कुमार किसान हैं, जबकि सबसे छोटे भाई तरुण कुमार परमाणु विभाग में कार्यरत हैं।
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सोमवार को जवान के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए गांव में लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। मथुरा से वन कोर ग्रिड सिग्नल रेजीमेंट के नायब सूबेदार वाई. पंडित के नेतृत्व में सैन्य दल पहुंचा। असम की 1831 मेड रेजीमेंट की ओर से तनवर सिंह सैनिकों के साथ गांव पहुंचे। सैन्य जवानों ने पूरे सम्मान के साथ भवानीशंकर को अंतिम विदाई दी। विधायक प्रदीप चौधरी उर्फ गुड्डू भैया ने पुष्पचक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। इस दौरान ग्रामीणों ने भारत माता की जय और वंदे मातरम के नारे लगाए। जवान की चिता को उनके दो वर्षीय बेटे ने मुखाग्नि दी।

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