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कुछ पाना है तो कथा में प्यासे बनकर आएं
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बनवारीपुर में भागवत कथा के दौरान आचार्य देवकीनंदन ठाकुर का स्वागत करते श्रम व रोजगार मंत्री रघु?
- फोटो : HASAYAN
संवाद न्यूज एजेंसी, हसायन।
विश्व शांति सेवा चेरिटेबल संस्था के तत्वावधान में क्षेत्र के गांव बनवारीपुर स्थित श्रीबांकेबिहारी सेवा धाम मंदिर के 19वें प्राकट्योत्सव के मौके पर चल रही श्रीमद् भागवत कथा के दूसरे दिन वृंदावन के आचार्य देवकीनंदन ठाकुर ने कहा कि आप पर ठाकुर जी की कृपा है। इस कारण आज आप कथा पंडाल में बैठकर कथा सुन रहे हैं।
उन्होंने कहा कि आप अगर कथा सुनकर कुछ पाना चाहते हैं तो कथा पंडाल में प्यासे बनकर आएं। कुछ सीखने और कुछ पाने के उद्देश्य से कथा में आए तो यह कथा भगवान की कृपा से आपको कुछ नहीं, बल्कि बहुत कुछ देगी। उन्होंने कहा कि आज हमें जो ये मानव जीवन मिला है, वह विषय वस्तु भोगने के लिए नहीं मिला है, जबकि आज मनुष्य का ध्यान सांसरिक विषयों को भोगने में लगा हुआ है। मानव जीवन का मुख्य उद्देश्य कृष्ण प्राप्त करने के लिए शाश्वत होना चाहिए।
आचार्यश्री ने राजा परीक्षित, शुकदेव लीला, दुर्वासा ऋषि की कथा सुनाई। गाय की महिमा बताते हुए कहा कि हर मनुष्य को अपने व परिवार कल्याण के लिए एक गाय जरूर पालनी चाहिए। कथा के दौरान श्रम व सेवायोजन राज्य मंत्री रघुराज सिंह ने भी पहुंचकर व्यास पीठ का पूजन किया और कथा व्यास का प्रतीक चिह्न देकर व अंग वस्त्र भेंटकर स्वागत किया। कथा में छर्रा विधायक ठा. रवेंद्रपाल सिंह भी मौजूद थे।
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विश्व शांति सेवा चेरिटेबल संस्था के तत्वावधान में क्षेत्र के गांव बनवारीपुर स्थित श्रीबांकेबिहारी सेवा धाम मंदिर के 19वें प्राकट्योत्सव के मौके पर चल रही श्रीमद् भागवत कथा के दूसरे दिन वृंदावन के आचार्य देवकीनंदन ठाकुर ने कहा कि आप पर ठाकुर जी की कृपा है। इस कारण आज आप कथा पंडाल में बैठकर कथा सुन रहे हैं।
उन्होंने कहा कि आप अगर कथा सुनकर कुछ पाना चाहते हैं तो कथा पंडाल में प्यासे बनकर आएं। कुछ सीखने और कुछ पाने के उद्देश्य से कथा में आए तो यह कथा भगवान की कृपा से आपको कुछ नहीं, बल्कि बहुत कुछ देगी। उन्होंने कहा कि आज हमें जो ये मानव जीवन मिला है, वह विषय वस्तु भोगने के लिए नहीं मिला है, जबकि आज मनुष्य का ध्यान सांसरिक विषयों को भोगने में लगा हुआ है। मानव जीवन का मुख्य उद्देश्य कृष्ण प्राप्त करने के लिए शाश्वत होना चाहिए।
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आचार्यश्री ने राजा परीक्षित, शुकदेव लीला, दुर्वासा ऋषि की कथा सुनाई। गाय की महिमा बताते हुए कहा कि हर मनुष्य को अपने व परिवार कल्याण के लिए एक गाय जरूर पालनी चाहिए। कथा के दौरान श्रम व सेवायोजन राज्य मंत्री रघुराज सिंह ने भी पहुंचकर व्यास पीठ का पूजन किया और कथा व्यास का प्रतीक चिह्न देकर व अंग वस्त्र भेंटकर स्वागत किया। कथा में छर्रा विधायक ठा. रवेंद्रपाल सिंह भी मौजूद थे।
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