{"_id":"58839e114f1c1b6f35efe07b","slug":"become-sktipri-will-prevent-harassment-of-women-students","type":"story","status":"publish","title_hn":"शक्तिपरी बन महिलाओं के उत्पीड़न को रोकेंगी छात्राएं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शक्तिपरी बन महिलाओं के उत्पीड़न को रोकेंगी छात्राएं
अमर उजाला, हाथरस
Updated Sat, 21 Jan 2017 11:22 PM IST
विज्ञापन
gangrape
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पीसी बागला महाविद्यालय में वूमन पावर सेल का गठन किया जाएगा। कॉलेज की चार छात्राओं को शक्ति परी बनाया जाएगा। इन शक्तिपरियों के होने से छात्राएं अपने आप को और अधिक सुरक्षित महसूस कर सकेंगी। महिला उत्पीड़न को रोकने के लिए भी इनका महत्वपूर्ण योगदान होगा।
प्रदेश में महिला उत्पीड़न की घटनाओं को सख्ती से रोकने के लिए शक्ति परी (पॉवर एंजिल) को पुलिस अधिकारी (एसपीओ) का दर्जा दिया गया है। छात्रा शंका निवारण समिति की संयोजक डॉ. कमला मिड्ढा और डॉ. सुनंदा महाजन ने बताया कि वूमैन पॉवर लाइन के अंतर्गत पुलिस एवं समाज के मध्य एक कड़ी के रूप में स्कूल एवं कॉलेज की छात्राओं को शक्ति परी के रूप में जोड़ा जाएगा।
इनका मुख्य उद्देश्य महिला सुरक्षा एवं सशक्तीकरण के प्रति समाज में एक विशेष भूमिका निभाना होगा। यह शक्तिपरी शिक्षा ग्रहण करने के साथ-साथ स्वयं सशक्त रहकर महिला सुरक्षा एवं सशक्तीकरण के प्रति समाज में एक विशेष भूमिका निभाएंगी। शक्ति परी को पुलिस विभाग द्वारा परिचय पत्र भी उपलब्ध कराया जाएगा।
विज्ञापन
सराहनीय योगदान देने वाली प्रत्येक शक्ति परी को पुरस्कृत किया जाएगा। विशेष मामले में राज्य स्तर पर भी पुरस्कृत किया जाएगा। शक्ति परी पीड़ित या प्रभावित लड़कियों महिलाओं को 1090 की कार्यप्रणाली और अपने आसपास की महिलाओं के प्रति होने वाले दुर्व्यवहार के बारे में 1090 को गोपनीय जानकारी देेंगी।
इनका कर्तव्य होगा कि वह पीड़िता व उसके परिवार का मनोबल बढ़ाएं तथा 1090 के प्रति उनका विश्वास बनाए रखें। डॉ. कमला मिड्ढा ने बताया कि 30 जनवरी को सुबह 11 बजे कॉलेज में वूमैन पावर सैल के गठन के संबंध में छात्राओं को आवश्यक जानकारी भी दी जाएगी।
विज्ञापन
प्रदेश में महिला उत्पीड़न की घटनाओं को सख्ती से रोकने के लिए शक्ति परी (पॉवर एंजिल) को पुलिस अधिकारी (एसपीओ) का दर्जा दिया गया है। छात्रा शंका निवारण समिति की संयोजक डॉ. कमला मिड्ढा और डॉ. सुनंदा महाजन ने बताया कि वूमैन पॉवर लाइन के अंतर्गत पुलिस एवं समाज के मध्य एक कड़ी के रूप में स्कूल एवं कॉलेज की छात्राओं को शक्ति परी के रूप में जोड़ा जाएगा।
विज्ञापन
इनका मुख्य उद्देश्य महिला सुरक्षा एवं सशक्तीकरण के प्रति समाज में एक विशेष भूमिका निभाना होगा। यह शक्तिपरी शिक्षा ग्रहण करने के साथ-साथ स्वयं सशक्त रहकर महिला सुरक्षा एवं सशक्तीकरण के प्रति समाज में एक विशेष भूमिका निभाएंगी। शक्ति परी को पुलिस विभाग द्वारा परिचय पत्र भी उपलब्ध कराया जाएगा।
विज्ञापन
सराहनीय योगदान देने वाली प्रत्येक शक्ति परी को पुरस्कृत किया जाएगा। विशेष मामले में राज्य स्तर पर भी पुरस्कृत किया जाएगा। शक्ति परी पीड़ित या प्रभावित लड़कियों महिलाओं को 1090 की कार्यप्रणाली और अपने आसपास की महिलाओं के प्रति होने वाले दुर्व्यवहार के बारे में 1090 को गोपनीय जानकारी देेंगी।
इनका कर्तव्य होगा कि वह पीड़िता व उसके परिवार का मनोबल बढ़ाएं तथा 1090 के प्रति उनका विश्वास बनाए रखें। डॉ. कमला मिड्ढा ने बताया कि 30 जनवरी को सुबह 11 बजे कॉलेज में वूमैन पावर सैल के गठन के संबंध में छात्राओं को आवश्यक जानकारी भी दी जाएगी।