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नदी के किनारे बैग में बंद मिली नन्ही परी
अमर उजाला, हाथरस
Updated Wed, 02 Nov 2016 11:50 PM IST
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सीएचसी पर बच्ची को देखने पहुंचे एसडीएम।
- फोटो : अमर उजाला
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कस्बा सादाबाद में मंगलवार की देर रात करबन नदी के पास एक बैग में नवजात बच्ची के मिलने से सनसनी फैल गई। इस बच्ची को घरेलू काम करने वाली एक महिला अपने घर ले आई। इस बच्ची को सीएचसी पर लाया गया, जहां से बच्ची को स्वस्थ हालत में बाल कल्याण समिति के संरक्षण में सौंपा गया है।
इधर, इस बच्ची को गोद लेने के लिए आगरा के एक दंपति सहित कई अन्य लोग भी पहुंच गए। गोद लेने के लिए लोगों में आपस में कहासुनी भी हो गई। मोहल्ला कश्यप नगर निवासी आशा नाम की एक महिला मंगलवार रात करीब साढ़े दस बजे शौच के लिए करबन नदी के पास गई थी।
इसी दौरान उसे एक बैग से बच्चे की आवाज सुनाई दी, उसने पास जाकर देखा तो बैग में एक नवजात बच्ची रो रही थी। आशा बच्ची को अपने साथ घर ले गई। रातभर उसे घर रखा। बुधवार को सुबह होने पर मोहल्ले के काफी लोगों व महिलाओं की भीड़ उसके घर लग गई। कई लोगों मेें इस बच्ची को गोद लेने के लिए आपस में विवाद होने लगा।
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मौके पर पुलिस भी पहुंच गई। मोहल्ले की ही एक अन्य महिला सुधा पत्नी पदम सिंह इस बच्ची को अपने साथ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले आई। यहां इस बच्ची का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। बच्ची पूरी तरह से स्वस्थ थी। सुधा ने बताया कि उसके देवर देवरानी पर कोई बच्चा नहीं है। उसके देवर आगरा नगर निगम में काम करते हैं।
इसलिए यह बच्ची उनको दे दी जाए, जिससे कि उसका अच्छी तरह से पालन पोषण हो सके। सुधा अपनी इस मांग को लेकर अपने देवर देवरानी के साथ एसडीएम अभिषेक सिंह से भी मिली। एसडीएम ने सीएचसी पहुंचकर बच्ची की हालत का जायजा लिया। सीएचसी प्रभारी डॉ. दानवीर सिंह ने बच्ची के लिए दूध की भी व्यवस्था की।
इधर, इस नवजात बच्ची को लेकर तमाम तरह के कयास लगाए जा रहे थे। एसडीएम ने बताया कि बच्ची को बाल कल्याण समिति के संरक्षण में भेजा गया है। वहीं से इस बच्ची को गोद देने को लेकर कोई निर्णय लिया जा सकेगा।
- बच्ची को बाल गृह मथुरा के लिए भिजवा दिया गया है। वहां बच्ची की देखरेख की जाएगी। वहीं से बच्ची को नियमानुसार गोद दिया जाएगा। बच्चे को गोद लेने के लिए ऑनलाइन पंजीकरण भी जरूरी है। वैसे, इस तरह के मामलों की देखरेख बाल कल्याण समिति करती है।
- रामप्रवेश, जिला प्रोबेशन अधिकारी, हाथरस
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इधर, इस बच्ची को गोद लेने के लिए आगरा के एक दंपति सहित कई अन्य लोग भी पहुंच गए। गोद लेने के लिए लोगों में आपस में कहासुनी भी हो गई। मोहल्ला कश्यप नगर निवासी आशा नाम की एक महिला मंगलवार रात करीब साढ़े दस बजे शौच के लिए करबन नदी के पास गई थी।
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इसी दौरान उसे एक बैग से बच्चे की आवाज सुनाई दी, उसने पास जाकर देखा तो बैग में एक नवजात बच्ची रो रही थी। आशा बच्ची को अपने साथ घर ले गई। रातभर उसे घर रखा। बुधवार को सुबह होने पर मोहल्ले के काफी लोगों व महिलाओं की भीड़ उसके घर लग गई। कई लोगों मेें इस बच्ची को गोद लेने के लिए आपस में विवाद होने लगा।
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मौके पर पुलिस भी पहुंच गई। मोहल्ले की ही एक अन्य महिला सुधा पत्नी पदम सिंह इस बच्ची को अपने साथ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले आई। यहां इस बच्ची का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। बच्ची पूरी तरह से स्वस्थ थी। सुधा ने बताया कि उसके देवर देवरानी पर कोई बच्चा नहीं है। उसके देवर आगरा नगर निगम में काम करते हैं।
इसलिए यह बच्ची उनको दे दी जाए, जिससे कि उसका अच्छी तरह से पालन पोषण हो सके। सुधा अपनी इस मांग को लेकर अपने देवर देवरानी के साथ एसडीएम अभिषेक सिंह से भी मिली। एसडीएम ने सीएचसी पहुंचकर बच्ची की हालत का जायजा लिया। सीएचसी प्रभारी डॉ. दानवीर सिंह ने बच्ची के लिए दूध की भी व्यवस्था की।
इधर, इस नवजात बच्ची को लेकर तमाम तरह के कयास लगाए जा रहे थे। एसडीएम ने बताया कि बच्ची को बाल कल्याण समिति के संरक्षण में भेजा गया है। वहीं से इस बच्ची को गोद देने को लेकर कोई निर्णय लिया जा सकेगा।
- बच्ची को बाल गृह मथुरा के लिए भिजवा दिया गया है। वहां बच्ची की देखरेख की जाएगी। वहीं से बच्ची को नियमानुसार गोद दिया जाएगा। बच्चे को गोद लेने के लिए ऑनलाइन पंजीकरण भी जरूरी है। वैसे, इस तरह के मामलों की देखरेख बाल कल्याण समिति करती है।
- रामप्रवेश, जिला प्रोबेशन अधिकारी, हाथरस