Cyber Crime: शिक्षिका को डिजिटल अरेस्ट करने की कोशिश, बीएसए के नाम से मांगे 10 मिनट में 40 हजार रुपये
शिक्षिका से संपर्क करने के बाद ठग ने उन्हें डराया कि उनकी शिकायत हो चुकी है और उनका स्थानांतरण सिकंदराराऊ किया जा रहा है। ठग ने 10 मिनट के अंदर 40 हजार रुपये डालने के लिए कहा।
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साइबर ठगों ने हाथरस बेसिक शिक्षा विभाग की एक शिक्षिका को डिजिटल अरेस्ट करने की कोशिश की। उन्हें बीएसए के नाम से धमकाया और स्थानांतरण का डर दिखाकर 10 मिनट के अंदर 40 हजार रुपये डालने के लिए कहा। शिक्षिका ने समझदारी दिखाते हुए पहले कार्यालय में छानबीन की, जिसके बाद समझ आया कि उन्हें ठगने की कोशिश की गई है।
31 जुलाई को दोपहर करीब तीन बजे कोतवाली हाथरस गेट क्षेत्र के अहवरनपुर प्राथमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापक गिर्राज किशोर के पास फोन आया। फोन करने वाले ने खुद को नरेंद्रपाल बताया और दावा किया कि वह बीएसए कार्यालय में वरिष्ठ लिपिक है।
कॉलर ने शिक्षक से उनके स्कूल और ग्राम पंचायत के अन्य स्कूलों के बारे में पूरी जानकारी जुटाई। इसके बाद ठग ने चालाकी से नयाबांस में तैनात शिक्षिका का मोबाइल नंबर हासिल कर लिया। उसी नंबर से शिक्षिका से संपर्क करने के बाद ठग ने उन्हें डराया कि उनकी शिकायत हो चुकी है और उनका स्थानांतरण सिकंदराराऊ किया जा रहा है।
ठग ने बेहद आक्रामक लहजे में सिर्फ 10 मिनट के भीतर 40 हजार रुपये ऑनलाइन स्थानांतरण करने का दबाव बनाया। उसने यह भी कहा कि वह बीएसए के पास बैठा है, लो बात कर लो। दूसरे शख्स ने कड़क आवाज में फिर से 10 मिनट में रुपये डालने के लिए धमकाया। इस डराने वाले रवैये से शिक्षिका दहशत में आ गईं।
शिक्षकों के व्हाट्सएप ग्रुप में जारी की सलाह
घटना के बाद शिक्षिका ने अपने परिचित लोगों से बात की और बीएसए कार्यालय में संपर्क किया। तब समझ आया कि कॉल करने वाले साइबर फ्रॉड हैं। घटना को शिक्षकों के व्हाट्सएप ग्रुप पर साझा किया है, जिससे कोई और शिकार न हो।
मैंने या मेरे कार्यालय में तैनात किसी बाबू ने कोई कॉल नहीं की है। वह नंबर अज्ञात है। इस तरह का एक मामला ललितपुर में भी सामने आया था, जब शिक्षक से ठगी हुई थी। सभी शिक्षकों को सतर्क किया गया है। किसी भी समस्या पर वे सीधे कार्यालय में संपर्क करें।-रणवीर सिंह, बीएसए