{"_id":"69983e3b37de0cb3c80a4dbc","slug":"anti-corruption-team-at-hathras-cmo-office-2026-02-20","type":"story","status":"publish","title_hn":"Hathras: एंटी करप्शन टीम देख सीएमओ दफ्तर में मची खलबली, सीएमओ से पूछताछ, दो कर्मचारी कार्यालय छोड़ भागे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Hathras: एंटी करप्शन टीम देख सीएमओ दफ्तर में मची खलबली, सीएमओ से पूछताछ, दो कर्मचारी कार्यालय छोड़ भागे
Fri, 20 Feb 2026 04:28 PM IST
चमन शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस
अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस
Published by: चमन शर्मा
Updated Fri, 20 Feb 2026 04:28 PM IST
सार
2 फरवरी को प्रशिक्षु से पांच हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए सीएमओ कार्यालय की वरिष्ठ लिपिक बबिता चौहान को अलीगढ़ एंटी करप्शन की टीम ने रंगे हाथ गिरफ्तार किया था। प्रकरण में कोतवाली हाथरस गेट में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी, जिसकी विवेचना एंटी करप्शन की टीम कर रही है।
विज्ञापन
हाथरस सीएमओ कार्यालय
- फोटो : संवाद
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
हाथरस सीएमओ कार्यालय में 19 फरवरी को एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) की टीम पूछताछ के लिए पहुंची। यहां टीम ने सीएमओ से काफी देर तक बात की। टीम के आने की जानकारी पर कर्मचारियों में खलबली मच गई। दो कर्मचारी कार्यालय छोड़कर ही चले गए। टीम ने पूछताछ के लिए उन्हें बुलाने का प्रयास किया, लेकिन वे नहीं आए।
विज्ञापन
2 फरवरी को प्रशिक्षु से पांच हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए सीएमओ कार्यालय की वरिष्ठ लिपिक बबिता चौहान को अलीगढ़ एंटी करप्शन की टीम ने रंगे हाथ गिरफ्तार किया था। प्रकरण में कोतवाली हाथरस गेट में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी, जिसकी विवेचना एंटी करप्शन की टीम कर रही है।
विज्ञापन
बृहस्पतिवार को तीसरी बार टीम कार्यालय पहुंची। जैसे ही टीम सीएमओ के कक्ष में गई, पीछे से दो कर्मचारी कार्यालय से खिसक गए। टीम ने सीएमओ से लगभग एक घंटे तक पूछताछ की। इसके बाद उन्हीं दोनों कर्मचारियों को पूछताछ के लिए बुलवाया गया, लेकिन वे नहीं मिले। फोन पर भी संपर्क साधा, लेकिन वे कार्यालय आने से बचते रहे। इनके अलावा एक और लिपिक टीम के रडार पर हैं। उन्हें पूछताछ के लिए बुलाया, लेकिन वे भी छुट्टी पर बताए गए।
विज्ञापन
दोपहर के बाद फिर से टीम सीएमओ कार्यालय पहुंची, फिर भी दोनों कर्मचारियों से पूछताछ नहीं हो सकी। सीएमओ से ही बात कर टीम वापस लौट गई। टीम के प्रभारी देवेंद्र ने बताया कि मामले में विवेचना के क्रम में टीम 19 फरवरी को सीएमओ कार्यालय पहुंची थी। कई लोग रडार पर हैं।