Hathras News: क्रोधित किसान सड़कों पर उतरे, अफसरों के हाथ-पांव फूले
किसानों ने जिले में पूर्व में निकले दो हाईवे के लिए जमीन लेने के बदलने किसानों को उचित मुआवजा न दिए जाने, हर घर जल योजना के तहत होने वाले कार्याें के लिए खोदे गए रास्तों की मरम्मत न कराने, हसायन क्षेत्र में बारिश के कारण बर्बाद फसलों का किसानों को उचित मुआवजा न दिए जाने, बिजली विभाग द्वारा सही बिल नहीं दिए जाने का मुद्दा भी उठाया।
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तहसील सदर में 4 जनवरी को हुई भारतीय किसान यूनियन भानु गुट की महापंचायत के बाद राष्ट्रीय अध्यक्ष भानुप्रताप सिंह के नेतृत्व में किसान भड़क गए। किसान ज्ञापन लेने के लिए डीएम को बुलाने की मांग पर अड़ गए। किसानों ने तहसील के गेट के सामने आगरा-अलीगढ़ राजमार्ग पर धरना-प्रदर्शन किया और जाम लगा दिया। करीब पौने दो घंटे तक राजमार्ग पर आवागमन ठप रहा और वाहनों की कतारें लगी रहीं।
तहसील सदर में 4 जनवरी की सुबह से सात सूत्री मांगों को लेकर भाकियू भानु की महापंचायत शुरू हुई। राष्ट्रीय अध्यक्ष भानु प्रताप सिंह मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद थे। महापंचायत में ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस वे में जिले के चिन्हित 51 गांवों की भूमि के सर्किल रेट में बढ़ोतरी, रविकुंज भट्ठा वाली गली से अवैध कब्जा हटवाने, हाथरस ब्रांच नहर और गांवों के रजबहों की सफाई कराने की मांग की गई।
किसानों ने जिले में पूर्व में निकले दो हाईवे के लिए जमीन लेने के बदलने किसानों को उचित मुआवजा न दिए जाने, हर घर जल योजना के तहत होने वाले कार्याें के लिए खोदे गए रास्तों की मरम्मत न कराने, हसायन क्षेत्र में बारिश के कारण बर्बाद फसलों का किसानों को उचित मुआवजा न दिए जाने, बिजली विभाग द्वारा सही बिल नहीं दिए जाने का मुद्दा भी उठाया।राष्ट्रीय अध्यक्ष भानु प्रताप सिंह ने कहा कि जब तक जिंदा रहूं, आखिरी सांस तक ऐसे ही चिल्लाता रहूं, मुझे आशीर्वाद दीजिए..। जो किसान की बात करेगा, वहीं देश पर राज करेगा। हमारी मांग है कि किसान आयोग की गठन करे। किसानों का कर्ज माफ किया जाएगा। यदि दुर्घटना में किसान मरे तो उसके परिजनों को एक करोड़ रुपये दिए जाएं।
उन्होंने महापंचायत समाप्त होने के बाद ज्ञापन देने के लिए जिलाधिकारी को बुलाने की मांग की। मौके पर मौजूद एसडीएम और सीओ ने राष्ट्रीय अध्यक्ष को मनाने का प्रयास किया, लेकिन भानु प्रताप सिंह अपनी जिद पर अड़ गए। उन्होंने जिलाधिकारी के न आने पर मोर्चा खोलते हुए तहसील सदर के सामने सड़क पर बैठकर धरना-प्रदर्शन कर दिया। सड़क पर ट्रैक्टर खड़े कर जाम लगा दिया गया।
किसानों के सड़क पर बैठते ही पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों के हाथ पांव फूल गए। करीब पौने दो घंटे तक आगरा-अलीगढ़ राजमार्ग पर जाम की स्थिति बनी रही। मौके पर पहुंचे एडीएम डॉ. बसंत अग्रवाल और एएसपी अशोक कुमार ने किसानों को काफी समझाया-बुझाया, जिसके बाद किसान जाम खोलने पर राजी हो गए। अधिकारियों ने उनसे ज्ञापन लिया, जिसके बाद जाम खोल दिया गया। इस मौके पर प्रदेश अध्यक्ष व्यापार प्रकोष्ठ कृष्णकांत रावत, जिलाध्यक्ष युवा प्रकोष्ठ रजत, संकेत उपाध्याय, सतेंद्र सिंह, अमर सिंह, रौनक वार्ष्णेय, गौरव चौधरी अनेक किसान नेता मौजूद रहे।