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दुष्कर्म के बाद समझौता नहीं करने पर घर में घुसकर महिला को पीटा
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संवाद न्यूज एजेंसी, सादाबाद।
दुष्कर्म के बाद समझौता नहीं करने पर आरोपियों ने महिला एवं उसके पति को घर में घुसकर पीटा। मामले में न्यायालय के आदेश पर विभिन्न धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। पुलिस मामले की तहकीकात कर आरोपियों की तलाश कर रही है।
पीड़िता के पति ने बताया गया है कि पांच सितंबर कि सुबह करीब आठ बजे उसकी पत्नी से दुष्कर्म किया गया था। पत्नी बमुश्किल जान बचाकर घर पहुंची और परिजनों को घटना के बारे में जानकारी दी। परिवार के लोग पीड़िता को लेकर रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए कोतवाली पहुंचे।
आरोपियों को शिकायत के बारे में जानकारी होने पर छह सितंबर को करीब 11 बजे पीड़िता के घर में घुसकर मामले में समझौते का दबाव बनाया गया। समझौता करने से इनकार करने पर पीड़िता और उसके पति के साथ जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए मारपीट की गई।
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शोरगुल सुनकर मोहल्ले के तमाम लोग जमा हो गए। इन्हें देखकर आरोपी जान से मारने की धमकी देकर चले गए। इस मामले में पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की। पुलिस अधीक्षक को भी शिकायत भेजी गई। अंतत: विशेष न्यायाधीश एससीएसटी कोर्ट के आदेश पर इस मामले में रिपोर्ट दर्ज की गई।
दिगंबर पुत्र कारे सिंह उर्फ करुआ, विक्रम उर्फ टुनटुना पुत्र दिगंबर, मनोज पुत्र हरिशंकर, रामेश्वर उर्फ भोला पुत्र मानसिंह, मलखान सिंह पुत्र महेंद्र सिंह के खिलाफ आईपीसी की धारा 376, 147, 452, 323, 504, 506, अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति नृशंसता निवारण अधिनियम 1989 (संशोधन 2015) की धारा 3(2)(वी) के तहत मामला पंजीकृत किया गया है।
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दुष्कर्म के बाद समझौता नहीं करने पर आरोपियों ने महिला एवं उसके पति को घर में घुसकर पीटा। मामले में न्यायालय के आदेश पर विभिन्न धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। पुलिस मामले की तहकीकात कर आरोपियों की तलाश कर रही है।
पीड़िता के पति ने बताया गया है कि पांच सितंबर कि सुबह करीब आठ बजे उसकी पत्नी से दुष्कर्म किया गया था। पत्नी बमुश्किल जान बचाकर घर पहुंची और परिजनों को घटना के बारे में जानकारी दी। परिवार के लोग पीड़िता को लेकर रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए कोतवाली पहुंचे।
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आरोपियों को शिकायत के बारे में जानकारी होने पर छह सितंबर को करीब 11 बजे पीड़िता के घर में घुसकर मामले में समझौते का दबाव बनाया गया। समझौता करने से इनकार करने पर पीड़िता और उसके पति के साथ जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए मारपीट की गई।
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शोरगुल सुनकर मोहल्ले के तमाम लोग जमा हो गए। इन्हें देखकर आरोपी जान से मारने की धमकी देकर चले गए। इस मामले में पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की। पुलिस अधीक्षक को भी शिकायत भेजी गई। अंतत: विशेष न्यायाधीश एससीएसटी कोर्ट के आदेश पर इस मामले में रिपोर्ट दर्ज की गई।
दिगंबर पुत्र कारे सिंह उर्फ करुआ, विक्रम उर्फ टुनटुना पुत्र दिगंबर, मनोज पुत्र हरिशंकर, रामेश्वर उर्फ भोला पुत्र मानसिंह, मलखान सिंह पुत्र महेंद्र सिंह के खिलाफ आईपीसी की धारा 376, 147, 452, 323, 504, 506, अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति नृशंसता निवारण अधिनियम 1989 (संशोधन 2015) की धारा 3(2)(वी) के तहत मामला पंजीकृत किया गया है।