{"_id":"65931329e0b7ed05250542e8","slug":"advocate-riding-scooter-dies-due-to-collision-with-vehicle-hathras-news-c-62-1-sali1024-738-2024-01-02","type":"story","status":"publish","title_hn":"Hathras News: वाहन की टक्कर से स्कूटी सवार अधिवक्ता की मौत, अधिवक्ताओं में शोक की लहर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Hathras News: वाहन की टक्कर से स्कूटी सवार अधिवक्ता की मौत, अधिवक्ताओं में शोक की लहर
Tue, 02 Jan 2024 01:02 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस
अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस
Updated Tue, 02 Jan 2024 01:02 AM IST
सार
गांव समदपुर निवासी 45 वर्षीय अधिवक्ता अमित चौधरी 31 दिसंबर रात करीब साढ़े आठ बजे स्कूटी से अपने गांव से सादाबाद लौट रहे थे। जैसी ही उनकी स्कूटी हाथरस-सादाबाद मार्ग पर अग्रवाल कोल्ड स्टोर के सामने पहुंची तो किसी वाहन ने उसको टक्कर मार दी। परिजन उन्हें घायल अवस्था में आगरा ले गए। वहां डॉक्टरों ने उनको मृत घोषित कर दिया।
विज्ञापन
सड़क दुर्घटना में मौत (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
सादाबाद-हाथरस रोड पर गांव समदपुर के पास 31 दिसंबर की रात करीब साढ़े आठ बजे अग्रवाल कोल्ड स्टोर के सामने एक वाहन ने स्कूटी सवार अधिवक्ता को टक्कर मार दी। टक्कर मारने के बाद वाहन वहां से भाग गया। मौके पर पहुंचे परिजन उनको इलाज के लिए आगरा ले गए। वहां डॉक्टरों ने उनको मृत घोषित कर दिया।
विज्ञापन
गांव समदपुर निवासी 45 वर्षीय अधिवक्ता अमित चौधरी पुत्र फौरन सिंह 31 दिसंबर रात करीब साढ़े आठ बजे स्कूटी से अपने गांव से सादाबाद लौट रहे थे। जैसी ही उनकी स्कूटी हाथरस-सादाबाद मार्ग पर अग्रवाल कोल्ड स्टोर के सामने पहुंची तो किसी वाहन ने उसको टक्कर मार दी। हादसे के बाद चालक वाहन लेकर भाग गया। टक्कर की आवाज सुनकर कोल्ड स्टोर पर कार्य कर रहे कुछ मजदूर घटनास्थल पर आ गए। उनमें से एक ने उनको पहचान लिया और परिजनों को फोन कर दिया।
विज्ञापन
परिजन उन्हें घायल अवस्था में आगरा ले गए। वहां डॉक्टरों ने उनको मृत घोषित कर दिया। 1 जनवरी की सुबह मृतक के पुत्र निखिल चौधरी ने कोतवाली में अज्ञात वाहन के चालक के खिलाफ तहरीर दी है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। अधिवक्ता सादाबाद न्यायालय में वकालत करते थे। उनकी मौत की सूचना पर सादाबाद न्यायालय के अधिवक्ताओं में शोक की लहर दौड़ गई। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था।
विज्ञापन