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Hathras News: नौकरी के नाम पर ठगी का इनामी आरोपी गिरफ्तार
Tue, 13 Oct 2026 01:47 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
Updated Tue, 13 Oct 2026 01:47 AM IST
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प्रतीकात्मक चित्र।
- फोटो : Archive
वीडीओ भर्ती परीक्षा में नौकरी लगवाने का झांसा देकर लाखों रुपये की ठगी करने और फर्जी नियुक्ति पत्र तैयार करने के मामले में वांछित 25 हजार रुपये के इनामी आरोपी को एसओजी और कोतवाली पुलिस की संयुक्त टीम ने गिरफ्तार कर लिया। आरोपी लंबे समय से फरार चल रहा था।
कोतवाल विजय कुमार सिंह ने बताया कि 26 जुलाई 2025 को नगला देवा, वेदई निवासी धर्मेंद्र सिंह ने कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराते हुए कहा था कि उन्होंने अपने चार अन्य साथियों के साथ वर्ष 2018 में ग्राम विकास अधिकारी भर्ती परीक्षा के लिए आवेदन किया था।
आरोप है कि कुछ लोगों ने स्वयं को सचिवालय और उत्तर प्रदेश सहायक विकास अधिकारी कार्यालय से जुड़ा अधिकारी, चेयरमैन व स्टेनो बताकर नौकरी लगवाने का भरोसा दिलाया। इसके बदले परीक्षा से पहले प्रत्येक अभ्यर्थी से 20 लाख रुपये सिक्योरिटी के रूप में जमा कराने की बात कही गई।
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आरोपियों के झांसे में आकर पांचों अभ्यर्थियों ने रुपये दे दिए। परीक्षा परिणाम आने के बाद जब अभ्यर्थियों ने अपनी रकम वापस मांगी तो टालमटोल की जाने लगी। आरोप है कि पांच जनवरी 2024 को धर्मेंद्र कुमार के नाम से एक नियुक्ति पत्र भी दिया गया। जांच कराने पर नियुक्ति पत्र फर्जी और फर्जी निकला। पीड़ित की शिकायत पर संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई।
मामले में पुलिस ने 31 मार्च को मनोज कुमार और 22 सितंबर को ज्वालाप्रसाद को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। फरार चल रहे गजेंद्र कुमार की गिरफ्तारी पर एसपी ने ने 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। आरोपी की तलाश में एसओजी, सर्विलांस और थाना पुलिस की सात टीमें गठित की गई थीं। 12 अक्तूबर को मुखबिर की सूचना पर एसओजी और सादाबाद पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए गजेंद्र कुमार निवासी ग्राम रिठौरा, थाना कागारौल, जनपद आगरा को सादाबाद मार्ग पर ग्राम बरौस के पास से गिरफ्तार कर लिया।
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कोतवाल विजय कुमार सिंह ने बताया कि 26 जुलाई 2025 को नगला देवा, वेदई निवासी धर्मेंद्र सिंह ने कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराते हुए कहा था कि उन्होंने अपने चार अन्य साथियों के साथ वर्ष 2018 में ग्राम विकास अधिकारी भर्ती परीक्षा के लिए आवेदन किया था।
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आरोप है कि कुछ लोगों ने स्वयं को सचिवालय और उत्तर प्रदेश सहायक विकास अधिकारी कार्यालय से जुड़ा अधिकारी, चेयरमैन व स्टेनो बताकर नौकरी लगवाने का भरोसा दिलाया। इसके बदले परीक्षा से पहले प्रत्येक अभ्यर्थी से 20 लाख रुपये सिक्योरिटी के रूप में जमा कराने की बात कही गई।
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आरोपियों के झांसे में आकर पांचों अभ्यर्थियों ने रुपये दे दिए। परीक्षा परिणाम आने के बाद जब अभ्यर्थियों ने अपनी रकम वापस मांगी तो टालमटोल की जाने लगी। आरोप है कि पांच जनवरी 2024 को धर्मेंद्र कुमार के नाम से एक नियुक्ति पत्र भी दिया गया। जांच कराने पर नियुक्ति पत्र फर्जी और फर्जी निकला। पीड़ित की शिकायत पर संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई।
मामले में पुलिस ने 31 मार्च को मनोज कुमार और 22 सितंबर को ज्वालाप्रसाद को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। फरार चल रहे गजेंद्र कुमार की गिरफ्तारी पर एसपी ने ने 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। आरोपी की तलाश में एसओजी, सर्विलांस और थाना पुलिस की सात टीमें गठित की गई थीं। 12 अक्तूबर को मुखबिर की सूचना पर एसओजी और सादाबाद पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए गजेंद्र कुमार निवासी ग्राम रिठौरा, थाना कागारौल, जनपद आगरा को सादाबाद मार्ग पर ग्राम बरौस के पास से गिरफ्तार कर लिया।