थाने में आत्महत्या: पिता-भाई पर रहा पुलिस का सख्त पहरा, पुरानी घटनाओं से भी नहीं लिया सबक,बरती लापरवाही
चंदपा कोतवाली में बृहस्पतिवार रात पुलिस हिरासत में नाबालिग लड़की के अपहरण के आरोपी चंद्रपाल ने फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना के बाद एसपी ने लापरवाही बरतने पर थाना प्रभारी श्याम सिंह, विवेचक महाराज सिंह और मुंशी को निलंबित कर दिया था। चंद्रपाल के रिश्तेदार की तहरीर पर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर ली।
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विस्तार
हाथरस के चंदपा थाने में युवक के आत्महत्या करने के मामले में पुलिस परिजनों की घेराबंदी किए रही और उन्हें अपनी निगरानी में रखा। उनके आसपास पुलिस कर्मी तैनात थे, उन्हें किसी से नहीं मिलने दिया। हंगामे की आशंका से पोस्टमार्टम हाउस पर भारी संख्या में पुलिस तैनात थी और प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद रहे। पोस्टमार्टम के शव के साथ परिजनों को पुलिस लोनी गाजियाबाद तक छोड़कर आई।
लड़की के दूसरे समुदाय की है और युवक दलित था। मामला संदेवनशील था। मामले के तूल पकड़ने की आशंका से अधिकारियों ने युवक के पिता और भाई को अपनी निगरानी में रखा। सपा नेता रामनारायण काके व बसपा नेता दिनेश देशमुख पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे। इन लोगों ने परिवार से मुलाकात की। पुलिस इन्हें भी समझाती नजर आई, जिससे मामला न बिगड़े। सिकंदराराऊ और सहपऊ को छोडक़र जनपद के लगभग सभी आठ थानों का फोर्स, एसओजी टीम, दो क्षेत्राधिकारी, तहसीलदार और एसडीएम सदर पोस्टमार्टम होने तक जमे रहे।
गाड़ी में बैठाकर ले जाने पर बिगड़ी स्थिति
एक तरफ अंदर पोस्टमार्टम चल रहा था। दूसरी तरफ पुलिस पिता व भाई को निजी कार में बैठा कर अपने साथ ले जा रही थी। साथ में मौजूद अन्य लोगों ने पिता-पुत्र को रोकने का प्रयास किया। वहां मौजूद नेताओं ने भी ले जाने का कारण पूछा। इस दौरान लगा कि स्थिति बिगड़ सकती है, लेकिन पुलिस दोनों को एसपी से मिलाने की बात कहकर साथ ले गई। पोस्टमार्टम पर मौजूद लोगों को पुलिस ने समझाया।
पीड़िता बोली-जबरन ले गया था
लड़की को बरामद करने के बाद पुलिस ने उसे वन स्टॉप सेंटर भेज दिया था। परिवार के संपर्क में आने के बाद किशोरी ने पुलिस को प्रारंभिक बयान में कहा था कि चंद्रपाल उसे जबरन ले गया था। इंस्टाग्राम पर उनकी दोस्ती हुई थी। लड़की ने यह भी कहा कि उसका कोई प्रेम प्रसंग नहीं था। आशंका कि किशोरी के इन्हीं बयानों के चलते चंद्रपाल ने यह कदम उठाया।
परिवार की ओर से एफआईआर की मांग
घटना दो समुदाय से जुड़ी होने के कारण मृतक के परिवार से मिलने विश्व हिंदू परिषद के पदाधिकारी भी पहुंचे। विहिप के जिला मंत्री प्रवीन खंडलेवाल, विभाग संयोजक हर्षित गौड़ व अन्य कार्यकर्ता ने पिता व भाई से मिले। प्रवीन ने बताया कि पुलिस अधीक्षक से प्रकरण को लेकर बात हुई है, जिसमें परिवार की ओर एफआईआर कराने तथा लड़की पक्ष के लोगों को नामजद करने की मांग की है। उनका कहना है कि युवक की मौत के लिए वे लोग भी जिम्मेदार हैं।
घटनास्थल देख फफक पड़े पिता
पुलिस से गुजारिश के बाद पिता भोलाशंकर व भाई आकाश पुलिस सुरक्षा के बीच चंदपा कोतवाली पहुंचे तथा वह स्थान देखा, जहां बेटे ने आत्महत्या कर ली थी। जंगला और वह स्थान देख पिता फफक पड़े। इस दौरान भी उनके पास पुलिस मौजूद रही।
एंटी मॉर्टम हैंगिंग से हुई मौत
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में चंद्रपाल की मौत की वजह एंटी मॉर्टम हैंगिंग आई है। यानी फंदा लगाने से उसकी मौत हुई। पुलिस उसे जिला अस्पताल लेकर पहुंची, तब उसकी सांस चल रही थी। कुछ मिनट बाद ही उसकी मौत हो गई।
पुरानी घटनाओं से भी नहीं लिया सबक, बरती लापरवाही
थाना चंदपा थाने में चार साल पहले भी पुलिस हिरासत में मौत हुई थी। 17 मई 2022 को गांव बिसाना में दो पक्षों में मारपीट और फायरिंग की घटना हुई थी। इसमें पुलिस बिसाना के राजू को हिरासत में ले लिया था। अचानक राजू की तबीयत खराब हो गई। पुलिस उसे लेकर जिला अस्पताल पहुंची और फिर वापस ले गई। हिरासत में ही उसकी तबीयत फिर बिगड़ी और उसे फिर से जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान राजू की मौत हो गई। इस मामले में चंदपा एसएचओ सहित एसआई व दो सिपाही निलंबित हुए थे।
थाना सादाबाद में भी इस तरह राकेश ने की थी आत्महत्या
26 जून 2015को सादाबाद कोतवाली में इसी तरह की घटना हुई थी। सादाबाद की गली डाकखाना वाली गली निवासी राकेश कुमार को पुलिस ने पत्नी की हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया था। राकेश की पत्नी का शव फंदे पर लटका मिला था। मायके वालों ने दहेज हत्या का आरोप लगाते हुए रिपोर्ट दर्ज करा दी थी। राकेश ने कोतवाली के शौचालय में अपनी पेंट से रोशनदान पर फंदा लगा लिया था। इसमें एसएचओ व मुंशी को निलंबित किया गया था।
छह साल से सुर्खियों में चंदपा कोतवाली
वर्ष 2020 में हुई युवती की मौत मामले से चंदपा कोतवाली अकसर सुर्खियों में रहती है। चंदपा कांड में तब पांच पुलिस कर्मी निलंबित हुए थे। इसके बाद 2022 में पुलिस कस्टडी मौत में चार निलंबित हुए और अब इस मामले में एसएचओ सहित तीन पुलिस कर्मी निलंबित हुए हैं।
ढाई माह पहले सादाबाद से हटाए गए योगेश चंदपा के नए एसओ
ढाई महीने पहले हुए सनसनीखेज अखिलेश हत्याकांड में सादाबाद कोतवाली से हटाए गए एसओ योगेश कुमार को चंदपा कोतवाली का प्रभार दिया गया है। सैन्यकर्मी अखिलेश की हत्या में योगेश कुमार पर लापरवाही का आरोप लगा था। अब उन्हें चंदपा का नया एसओ बनाया गया है।
सीओ सिटी को सौंपी जांच
एसएचओ व कांस्टेबल पर दर्ज हुए मुकदमे की जांच एसपी ने सीओ सिटी योगेंद्र कृष्ण नारायण को सौंपी है। वहीं निलंबन के बाद विभागीय जांच सीओ लाइन हिमांशु माथुर को सौंपी गई है।
सिकंदराराऊ का रहने वाला परिवार
जानकारी के अनुसार मृतक चंद्रपाल का परिवार मूलरूप से सिकंदराराऊ के गांव बत्तर खास का रहने वाला है, लेकिन पिछले 25 वर्षों से परिवार गाजियाबाद के लोनी इलाके में रह रहा है। यहां रिश्तेदार व परिवार के लोग हैं, जो घटना की जानकारी पर पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे थे
यह है पुलिस का दावा
पुलिस का दावा है कि चंद्रपाल ने अंडरवीयर में गमछा छिपा लिया था, जिसे मुंशी देख नहीं सका कि वह शौचालय लेकर जा रहा है। इसी गमछे से फिर उसने घटना को अंजाम दे दिया। चर्चा है कि गमछा युवक ने पसीना पौंछने के बहाने अपने गले में ही रखा था।