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अब पूर्व सैनिक संभालेंगे बिजलीघरों को
Hathras
Updated Mon, 13 Aug 2012 12:00 PM IST
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हाथरस। प्राइवेट एजेंसी पर छाए असमंजस के बीच अब दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम (डीवीवीएनएल) ने जिले के बिजलीघरों के संचालन का जिम्मा भूतपूर्व सैनिक कल्याण निगम को सौंप दिया है। निगम बिजलीघरों के लिए कुल 53 कर्मचारी देगा। इन कर्मियों को जिले के सभी 33 केवी बिजलीघरों के संचालन पर लगाया जाएगा। एक बिजलीघर पर तीन कर्मचारी लगाए जाएंगे। इन कर्मियों की यहां आमद शुरू हो गई है। 33 केवी ओढ़पुरा बिजलीघर पर तो निगम के तीन कर्मियों ने काम भी शुरू कर दिया है। बाकी बिजलीघरों पर भी जल्द ही निगम के कर्मचारी आकर काम संभाल लेंगे। डीवीवीएनएल ने भूतपूर्व सैनिक कल्याण निगम से एक साल के लिए अनुबंध किया है। इसके साथ ही अब तक बिजलीघरों पर काम कर रहे प्राइवेट कर्मियों की वहां से छुट्टी हो जाएगी। दरअसल, डीवीवीएनएल ने यह निर्णय प्राइवेट एजेंसी द्वारा टाइम पर कर्मियों को मानदेय का भुगतान न किए जाने की वजह से आने वाली परेशानियों को देखते हुए लिया है। वेतन की वजह से कई बार यह कर्मी काम बंद कर चुके हैं, जिससे बिजलीघरों का संचालन प्रभावित होता है। अधिकारियों ने डीवीवीएनएल के प्रबंध निदेशक को इस बारे में प्रस्ताव भेजा था, जिसमें बिजलीघरों के संचालन के लिए या तो नई एजेंसी तय करने या फिर पुरानी एजेंसी के पेमेंट क्लीयर करने की बात कही गई थी। चूंकि डीवीवीएनएल के अधिकारी पुरानी एजेंसी के रिकार्ड से संतुष्ट नहीं थे, इसलिए अब बिजलीघरों के संचालन का जिम्मा निगम को दिया गया है। चूंकि वेतन न मिलने से संविदा कर्मी बहिष्कार की राह पर हैं, इसलिए अधिकारियों ने सैनिक कल्याण निगम से बाकी कर्मियों को भी जल्द काम पर भिजवाने को कहा है, ताकि बिजलीघरों के संचालन में कोई दिक्कत न आ सके। अब सवाल यह है कि अगर सैनिक कल्याण निगम के कर्मी बिजलीघराें का काम संभाल लेंगे तो संविदा कर्मियों का क्या होगा। पिछले छह महीने से वेतन न मिलने से भुखमरी के कगार पर पहुंचे यह कर्मी आखिर कहां जाएंगे। इन बेचारे कर्मियों को आखिर किस बात की सजा मिल रही है। अगर इन्हें काम से अलग करना ही है तो कम से कम बिजली महकमे को इनका अब तक का पेमेंट तो क्लीयर कराना चाहिए, ताकि काम छूटने के बाद इनका भुगतान पचड़े में न पड़ सके।
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