{"_id":"7425","slug":"Hathras-7425-7","type":"story","status":"publish","title_hn":"... तो हाथरस के व्यापार को मिलेगी ‘संजीवनी’","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
... तो हाथरस के व्यापार को मिलेगी ‘संजीवनी’
Hathras
Updated Thu, 10 May 2012 12:00 PM IST
विज्ञापन
हाथरस। मथुरा के फरह और आगरा के रुनकता के बीच यदि इंटरनेशनल एयरपोर्ट बना तो हाथरस वालों को काफी लाभ होगा। इसका मुख्य कारण यह है कि दोनों ही जिले हाथरस के सीमावर्ती हैं। एयरपोर्ट बनने से यहां के लोगों को हवाईयात्रा करने के लिए कम दूरी तय करनी पड़ेगी। यही नहीं, ट्रांसपोर्टेशन के अभाव में मृतप्राय: हो चुके यहां के कारोबार को नई संजीवनी मिलने की उम्मीद जाग गई है। हाथरस और मथुरा के बीच रेल और सड़क यातायात सुगम होने के कारण उद्यमियों और कारोबारियों को अपना फायदा दिख रहा है। इसके अलावा क्षेत्र का विकास भी तेजी से हो सकेगा। सादाबाद से फरह-रुनकता जाने के लिए मथुरा या आगरा होकर जाना होगा और दूरी 60 से 70 किमी के बीच होगी। यदि यमुना पर एक पुल बन जाए तो प्रस्तावित एयरपोर्ट की दूरी सादाबाद से 32 किमी. और हाथरस से 50 किमी. रह जाएगी। मथुरा और आगरा दोनों से सादाबाद की सीमाएं लगती हैं। सादाबाद से गांव गहचौली 18 किमी. दूर है और वहां से मथुरा जिले का गांव मगना की सीमा लग जाती है और आगे यमुना नदी है। यदि इस पर पुल बन जाता है तो रुनकता-फरह की दूरी सादाबाद से लगभग 32 किमी रह जाएगी। हाथरस जिले से फिर इसकी दूरी करीब 50 किमी. हो जाएगी।
विज्ञापन