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खाद की ब्लैक पर डीएम के तेवर तल्ख
Hathras
Updated Thu, 30 Oct 2014 05:30 AM IST
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हाथरस। जिले में खाद की किल्लत को लेकर मच रही हाय-तौबा को जिलाधिकारी शमीम अहमद ने काफी गंभीरता से लिया है। उन्होंने इसकी जांच के लिए अधिकारियों की तीन सदस्यीय टीम गठित कर दी है। यह टीम जिला स्तर से सहकारी समितियों को हुए डीएपी के आवंटन और सहकारी समितियों से किसानों को हुए डीएपी के आवंटन का पूरा रिकॉर्ड जुटाने में लग गई है। इस आवंटन में गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ डीएम काफी कठोर कार्रवाई के मूड में हैं। जिले में डीएपी खाद की पर्याप्त आपूर्ति होने के बावजूद आवंटन में गड़बड़ी कर किसानों को परेशान करने और माफिया को लाभ पहुंचाने वाले सरकारी समितियों के अधिकारी और कर्मचारी अब डीएम के सीधे निशाने पर हैं। डीएम ने किसानों को डीएपी खाद नहीं मिलने पर मच रही हाय-तौबा की खबरों को काफी गंभीरता से लिया है। उन्होंने जिला कृषि अधिकारी के नेतृत्व में तीन सदस्यीय जिला स्तरीय अधिकारियों की टीम गठित कर दी है। इस टीम को निर्देश दिए हैं कि वह जिले भर की सभी सहकारी समितियों को हुए डीएपी खाद के आवंटन की पूरी प्रक्रिया का बारीकी से अध्ययन कर इसके लिए दोषी अधिकारी और कर्मचारियों को चिन्हित करें।
डीएम के आदेश के बाद बुधवार को टीम ने जिले की कई सहकारी समितियों का रिकॉर्ड चेक किया। इसके साथ ही जिला स्तरीय से सहकारी समितियों के लिए किए गए डीएपी के आवंटन का रिकॉर्ड भी खंगाला। जांच में प्राथमिक स्तर पर जो तथ्य प्रकाश में आए हैं, उसमें प्रमुख रूप से रसूखदार लोगों को नियमों के विपरीत खाद आवंटित करने एवं कमजोर किसानों को डीएपी का आवंटन नहीं होने की समस्या प्रमुख रूप से सामने आई है। इसके लिए दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों की सूची तैयार की जा रही है, जिससे इनके खिलाफ कार्रवाई हो सके।
हाथरस। जिले में इन-दिनों किसान मौसम आलू की बुवाई के लिए आदर्श होने के बाद अब तेजी से बुवाई में जुट गए हैं। इस कारण ग्रामीण क्षेत्र में किसानों को अब आलू की बुवाई के लिए मजदूरों के इंतजाम के लिए भी इधर-उधर भटकना पड़ रहा है। अब किसान अपने परिवार के सभी सदस्यों सहित आलू की बुवाई में जुटा हुआ है। इस काम में डीएपी की कमी आडे़ आ रही है, किंतु सहकारी संघों से डीएपी नहीं मिलने के कारण अब किसान प्राइवेट दुकानों से भी लगातार डीएपी की खरीद कर रहे हैं।
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डीएम के आदेश के बाद बुधवार को टीम ने जिले की कई सहकारी समितियों का रिकॉर्ड चेक किया। इसके साथ ही जिला स्तरीय से सहकारी समितियों के लिए किए गए डीएपी के आवंटन का रिकॉर्ड भी खंगाला। जांच में प्राथमिक स्तर पर जो तथ्य प्रकाश में आए हैं, उसमें प्रमुख रूप से रसूखदार लोगों को नियमों के विपरीत खाद आवंटित करने एवं कमजोर किसानों को डीएपी का आवंटन नहीं होने की समस्या प्रमुख रूप से सामने आई है। इसके लिए दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों की सूची तैयार की जा रही है, जिससे इनके खिलाफ कार्रवाई हो सके।
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हाथरस। जिले में इन-दिनों किसान मौसम आलू की बुवाई के लिए आदर्श होने के बाद अब तेजी से बुवाई में जुट गए हैं। इस कारण ग्रामीण क्षेत्र में किसानों को अब आलू की बुवाई के लिए मजदूरों के इंतजाम के लिए भी इधर-उधर भटकना पड़ रहा है। अब किसान अपने परिवार के सभी सदस्यों सहित आलू की बुवाई में जुटा हुआ है। इस काम में डीएपी की कमी आडे़ आ रही है, किंतु सहकारी संघों से डीएपी नहीं मिलने के कारण अब किसान प्राइवेट दुकानों से भी लगातार डीएपी की खरीद कर रहे हैं।
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