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जलभराव से शहर के बुरे हालात
Hathras
Updated Wed, 06 Aug 2014 05:30 AM IST
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हाथरस। मंगलवार को सुबह से लेकर शाम तक कई बार हुई बरसात से शहर की सूरत बदल गई। शहर के कई इलाकों में नाले-नालियां ओवरफ्लो होकर सड़क पर आ गए और गंदा पानी भर गया। यही नहीं जहां पानी नहीं भरा, वहां कीचड़ व्याप्त हो गई। बारिश थम गई लेकिन इस समस्या से देर रात तक लोग जूझे। जल निकासी से लोगों को मुक्ति नहीं मिली।
शहर में सीवरेज और ड्रेनेज सिस्टम की कलई बारिश में खुल जाती है। मंगलवार को भी जब दिन में कई बार बरसात हुई तो यही स्थिति पैदा हो गई। शहर के तरफरा रोड, नाई का नगला, लाला का नगला, बाला पट्टी, डाकखाना वाली गली, श्रीनगर, नई बस्ती, मोहल्ला नई दिल्ली, रमनपुर आदि इलाकों में पानी भर गया। नाले-नालियां उफन कर सड़क पर आ गए। लोगों को यही पता नहीं चला कि उनका अगला पैर सड़क पर पड़ेगा या फिर नाले-नाली में। नाले-नालियों की सही तरीके से सफाई न होना और फिर उनकी ग्राह क्षमता कम इसका मुख्य कारण रही। शहर का सीवरेज सिस्टम लगभग पूरा ध्वस्त हो चुका है। जल निगम ने इसकी योजना बनाई भी लेकिन वह फाइलों में अटकी हुई है। कुछ इलाकों में देर रात तक जलभराव था और निचली बस्तियों में तो पानी लोगों के घरों तक में घुस गया था। इससे लोग देर रात तक बेहद परेशान रहे।
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शहर में सीवरेज और ड्रेनेज सिस्टम की कलई बारिश में खुल जाती है। मंगलवार को भी जब दिन में कई बार बरसात हुई तो यही स्थिति पैदा हो गई। शहर के तरफरा रोड, नाई का नगला, लाला का नगला, बाला पट्टी, डाकखाना वाली गली, श्रीनगर, नई बस्ती, मोहल्ला नई दिल्ली, रमनपुर आदि इलाकों में पानी भर गया। नाले-नालियां उफन कर सड़क पर आ गए। लोगों को यही पता नहीं चला कि उनका अगला पैर सड़क पर पड़ेगा या फिर नाले-नाली में। नाले-नालियों की सही तरीके से सफाई न होना और फिर उनकी ग्राह क्षमता कम इसका मुख्य कारण रही। शहर का सीवरेज सिस्टम लगभग पूरा ध्वस्त हो चुका है। जल निगम ने इसकी योजना बनाई भी लेकिन वह फाइलों में अटकी हुई है। कुछ इलाकों में देर रात तक जलभराव था और निचली बस्तियों में तो पानी लोगों के घरों तक में घुस गया था। इससे लोग देर रात तक बेहद परेशान रहे।
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