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कीर्ति चक्र विजेता को 56 साल मिला सम्मान
Hathras
Updated Sat, 02 Nov 2013 05:39 AM IST
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सादाबाद। जिलाधिकारी सूर्यपाल गंगवार ने क्षेत्र के गांव अरौठा में शुक्रवार को वर्ष 1947 के कीर्तिचक्र विजेता 80 वर्षीय भूतपूर्व सैनिक पृथ्वी सिंह को 25 हजार रुपये भेंटकर सम्मानित किया। उनकी दीर्घायु की कामना की। 56 साल बाद मिले इस सम्मान से पृथ्वी सिंह और उसके परिजनों की आंखो से आंसू छलक उठे।
शुक्रवार की दोपहर जिलाधिकारी सूर्यपाल गंगवार, एडीएम उदयीराम और एसडीएम मदनचंद्र दुबे ने पृथ्वी सिंह को कुर्ता पायजामा, मिठाई और आतिशबाजी के पैकेट भेंटकर दिवाली की भी बधाई दी। डीएम ने भूतपूर्व सैनिक पृथ्वी सिंह को गांव में पट्टा आवंटित कराने के संबंध में ग्राम प्रधान मोहन सिंह और एसडीएम को आवश्यक निर्देश दिए। पृथ्वी सिंह की पत्नी किरनदेवी ने अपने दो बेटों के बेरोजगार होने का जिक्र किया। डीएम ने उसके दो विकलांग नाती और नातिनी अजीत सिंह और पूजा को विकलांग कल्याण अधिकारी को ट्राई साईकिल उपलब्ध कराने और अजीत सिंह को विकलांग पेंशन स्वीकृत कराने के बारे में निर्देश दिए। डीएम ने वयोवृद्ध भूतपूर्व सैनिक के बीसीए शिक्षा प्राप्त एक अन्य नाती देवेंद्र सिंह को आगामी 12-13 नवंबर को एमजी पॉलीटेक्निक में होने वाले स्वरोजगार कैंप में आमंत्रित किया। उसे उसकी पात्रता के आधार पर नया उद्योग कारोबार स्थापित करने के लिए लोन स्वीकृत कराने का भी भरोसा दिलाया। कीर्तिचक्र विजेता भूतपूर्व सैनिक पृथ्वी सिंह के परिजनों ने डीएम को बताया कि वर्ष 1947 में पाकिस्तान से एक रेल में भारत आ रहे लोगों को पाकिस्तानी सैनिकों द्वारा किए गए हमले के बावजूद सैनिक पृथ्वी सिंह ने अपनी जान की बाजी लगाकर स्वयं रेल को चलाकर सुरक्षित ढंग से रेल यात्रियों को भारत पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा की।
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शुक्रवार की दोपहर जिलाधिकारी सूर्यपाल गंगवार, एडीएम उदयीराम और एसडीएम मदनचंद्र दुबे ने पृथ्वी सिंह को कुर्ता पायजामा, मिठाई और आतिशबाजी के पैकेट भेंटकर दिवाली की भी बधाई दी। डीएम ने भूतपूर्व सैनिक पृथ्वी सिंह को गांव में पट्टा आवंटित कराने के संबंध में ग्राम प्रधान मोहन सिंह और एसडीएम को आवश्यक निर्देश दिए। पृथ्वी सिंह की पत्नी किरनदेवी ने अपने दो बेटों के बेरोजगार होने का जिक्र किया। डीएम ने उसके दो विकलांग नाती और नातिनी अजीत सिंह और पूजा को विकलांग कल्याण अधिकारी को ट्राई साईकिल उपलब्ध कराने और अजीत सिंह को विकलांग पेंशन स्वीकृत कराने के बारे में निर्देश दिए। डीएम ने वयोवृद्ध भूतपूर्व सैनिक के बीसीए शिक्षा प्राप्त एक अन्य नाती देवेंद्र सिंह को आगामी 12-13 नवंबर को एमजी पॉलीटेक्निक में होने वाले स्वरोजगार कैंप में आमंत्रित किया। उसे उसकी पात्रता के आधार पर नया उद्योग कारोबार स्थापित करने के लिए लोन स्वीकृत कराने का भी भरोसा दिलाया। कीर्तिचक्र विजेता भूतपूर्व सैनिक पृथ्वी सिंह के परिजनों ने डीएम को बताया कि वर्ष 1947 में पाकिस्तान से एक रेल में भारत आ रहे लोगों को पाकिस्तानी सैनिकों द्वारा किए गए हमले के बावजूद सैनिक पृथ्वी सिंह ने अपनी जान की बाजी लगाकर स्वयं रेल को चलाकर सुरक्षित ढंग से रेल यात्रियों को भारत पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा की।
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